छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: धर्मनगरी राजिम को मिला ‘नगर पालिका परिषद’ का दर्जा, विकास को लगेंगे पंख
छत्तीसगढ़ सरकार ने धर्मनगरी राजिम को नगर पंचायत से नगर पालिका परिषद में अपग्रेड करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस ऐतिहासिक फैसले से गरियाबंद जिले के इस त्रिवेणी संगम क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं, सड़क, पेयजल और पर्यटन विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

15 जुलाई 2026, रायपुर। छत्तीसगढ़ की पावन धरा और महानदी, पैरी तथा सोढूर नदियों के पवित्र त्रिवेणी संगम पर बसी धर्मनगरी राजिम के लिए एक ऐतिहासिक सवेरा आया है। छत्तीसगढ़ शासन ने जनभावनाओं और लंबे समय से चली आ रही मांग का सम्मान करते हुए राजिम नगर पंचायत को अब सीधे ‘नगर पालिका परिषद’ (Municipal Council) के रूप में अपग्रेड कर दिया है।
इस बड़े प्रशासनिक फैसले की आधिकारिक अधिसूचना नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी कर दी गई है। सरकार के इस कदम से न केवल स्थानीय नागरिकों में हर्ष की लहर है, बल्कि छत्तीसगढ़ के इस ‘प्रयाग’ के नाम से विख्यात धार्मिक व सांस्कृतिक केंद्र के व्यवस्थित शहरी विकास का मार्ग भी पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।

उप-मुख्यमंत्री अरुण साव ने दी बधाई, कहा- “तेजी से बदलेगी राजिम की सूरत”
राज्य के उप-मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने सरकार के इस बड़े फैसले का स्वागत करते हुए क्षेत्र की जनता को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राजिम का दर्जा बढ़ाए जाने से इस ऐतिहासिक नगरी के नियोजित विकास को एक नई दिशा और अभूतपूर्व गति मिलेगी।
“राजिम केवल एक शहर नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रदेश की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बिंदु है। इसे नगर पालिका परिषद बनाए जाने के बाद अब यहां नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य और केंद्र सरकार की ओर से कहीं अधिक बजट और संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे। “ अरुण साव, उप-मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, वर्तमान में जो राजिम नगर पंचायत की सीमाएं थीं, वही सीमाएं अब नवगठित नगर पालिका परिषद का हिस्सा होंगी। इसका अर्थ यह हुआ कि वर्तमान भौगोलिक संरचना को यथावत रखते हुए इसके प्रशासनिक ढांचे को सशक्त और बड़ा कर दिया गया है।
बजट और बुनियादी ढांचे में होगा भारी इजाफा
एक नगर पंचायत की तुलना में नगर पालिका परिषद को मिलने वाले वित्तीय अधिकार और सरकारी अनुदान काफी अधिक होते हैं। इस अपग्रेडेशन के बाद राजिम को केंद्रीय और राजकीय योजनाओं के तहत बड़ी धनराशि सीधे आवंटित हो सकेगी।
राजिम में अब इन मूलभूत सुविधाओं का तेजी से कायाकल्प होने की उम्मीद जताई जा रही है:
- सड़क और सुव्यवस्थित नालियां: शहर के भीतर और बाहरी संपर्क मार्गों को चौड़ा करने तथा जल निकासी के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण किया जाएगा।
- शुद्ध पेयजल की आपूर्ति: बढ़ती आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पानी की टंकियों और घर-घर नल कनेक्शन के संजाल को मजबूत किया जाएगा।
- स्ट्रीट लाइटिंग और सौंदर्यकरण: प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों और घाटों पर हाई-मास्ट लाइटों तथा आधुनिक स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था होगी।
- सामुदायिक पार्क और भवन: नागरिकों के सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बड़े सामुदायिक भवनों और बच्चों के मनोरंजन के लिए पार्कों का विकास किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ का ‘प्रयाग’ और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
धार्मिक दृष्टिकोण से राजिम का महत्व पूरे भारतवर्ष में अद्वितीय है। यहां भगवान श्री राजीव लोचन जी का प्राचीन मंदिर स्थित है, जहां हर साल राजिम कुंभ (पुन्नी मेला) का भव्य आयोजन होता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और साधु-संत जुटते हैं।
नगर पालिका का दर्जा मिलने से धार्मिक पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर का बनाने में मदद मिलेगी। नदी के घाटों का आधुनिक स्तर पर जीर्णोद्धार किया जा सकेगा और मेले के दौरान आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों के लिए कहीं बेहतर सुरक्षा, स्वच्छता और ठहरने की व्यवस्थाएं की जा सकेंगी।
नगर पालिका प्रशासन अब अधिक मैनपावर और आधुनिक संसाधनों के साथ घाटों की नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) को अंजाम दे सकेगा।
राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम है यह बदलाव
इस प्रशासनिक बदलाव के गहरे राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। हाल ही में संपन्न हुए छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनावों में राजिम नगर पंचायत के भीतर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना परचम लहराया था। इस जीत के तुरंत बाद सरकार द्वारा इस बड़ी मांग को पूरा करना स्थानीय स्तर पर पार्टी की पकड़ को और मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस दर्जे के मिलने के बाद न केवल प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि वार्डों की संख्या और पार्षदों के अधिकारों में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। लंबे समय से स्थानीय नागरिक और विभिन्न संगठन राजिम को नगर पालिका का दर्जा देने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
जनभावनाओं का सम्मान और भविष्य की राह
स्थानीय व्यापारियों और युवाओं में इस निर्णय को लेकर खासा उत्साह है। नागरिकों का कहना है कि राजिम के नगर पालिका बनने से यहां नए उद्योगों, होटलों और धर्मशालाओं के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
प्रशासनिक जानकारों की मानें तो इस अधिसूचना के बाद जल्द ही एक प्रशासक या विशेष समिति का गठन किया जाएगा, जो नगर पंचायत से नगर पालिका में संपत्तियों, कर्मचारियों और फाइलों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरा करेगी। यह परिवर्तन राजिम को छत्तीसगढ़ के सबसे आधुनिक और सुव्यवस्थित धार्मिक पर्यटन शहरों की अग्रिम पंक्ति में लाकर खड़ा कर देगा।



