AstrologyBig BreakingFeaturedLifestylePanchang
Trending

9 जुलाई 2026 का पंचांग: जानिए आज कब से कब तक रहेगा राहुकाल और क्या अभिजीत मुहूर्त में किए जा सकेंगे शुभ कार्य

आषाढ़ कृष्ण पक्ष की नवमी-दशमी तिथि को राहुकाल का साया, सर्वार्थ सिद्धि और सुकर्मा योग के बीच जानिए दिन के सभी शुभ और अशुभ समय।







रायपुर 9 जुलाई 2026 : वैदिक ज्योतिष और हिंदू सनातन परंपरा में समय की शुद्धता को सर्वोपरि माना गया है। किसी भी नए कार्य, व्यापार, गृह प्रवेश या मांगलिक अनुष्ठान को शुरू करने से पहले पंचांग के शुभ और अशुभ समय की गणना की जाती है। पंचांग के इन्हीं प्रमुख अंगों में से एक है राहुकाल, जिसे बेहद अशुभ माना जाता है। आज 9 जुलाई 2026, दिन गुरुवार को भी दिन का एक विशेष हिस्सा राहुकाल के अधीन रहेगा।

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह जानना बेहद जरूरी है कि राहुकाल क्या होता है और यह क्यों लगता है। राहु को ज्योतिष में एक छाया ग्रह और पापी ग्रह माना गया है। ब्रह्मांड में जब सूर्य के मार्ग को चंद्रमा काटता है, तो उस संवेदनशील बिंदु को राहु और केतु कहा जाता है। राहुकाल वह दैनिक अवधि है जब राहु का प्रभाव पृथ्वी पर सबसे अधिक तीव्र और नकारात्मक होता है। यही कारण है कि इस समय के दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू नहीं किया जाता, क्योंकि राहु की छाया के कारण उस कार्य में विघ्न, मानसिक भ्रम या असफलता मिलने की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है।

क्या होता है राहुकाल और इसका वैज्ञानिक व ज्योतिषीय आधार

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रत्येक दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक के पूरे समय को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है। इन आठ भागों में से एक भाग का स्वामी राहु होता है। सप्ताह के सातों दिनों में राहुकाल का समय अलग-अलग होता है। गुरुवार के दिन यह समय दोपहर के उत्तरार्ध में आता है। राहुकाल के दौरान ब्रह्मांडीय ऊर्जा में नकारात्मकता बढ़ जाती है, जिससे व्यक्ति की निर्णय क्षमता प्रभावित होती है।

शास्त्रों में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि राहुकाल में शुरू किए गए कार्यों के परिणाम कभी भी स्थायी या सुखद नहीं होते। इस अवधि में किए गए सौदे या यात्राएं अक्सर नुकसानदेह साबित होती हैं। इसलिए, किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग की इस अवधि को टालना ही समझदारी माना जाता है।

9 जुलाई 2026 का राहुकाल समय और नियम

आज राहुकाल का समय रायपुर और देश के अधिकांश मध्य व उत्तर-पश्चिमी हिस्सों के अक्षांश के अनुसार 9 जुलाई 2026 को राहुकाल दोपहर 2 बजकर 05 मिनट से शुरू होकर शाम 3 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस 1 घंटे 42 मिनट की अवधि में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

राहुकाल में क्या न करें इस समय के दौरान किसी भी नए व्यापार की शुरुआत न करें। कोई भी कीमती सामान जैसे सोना, चांदी, वाहन या भूमि-भवन की खरीदारी की बुकिंग इस समय करने से बचें। महत्वपूर्ण व्यावसायिक अनुबंधों या दस्तावेजों पर हस्ताक्षर न करें। इस समय नए संबंधों की बात चलाना या सगाई-विवाह जैसे कार्य भी वर्जित माने जाते हैं।

राहुकाल में क्या कर सकते हैं यह समय नए कार्यों के लिए भले ही वर्जित हो, लेकिन जो कार्य पहले से चल रहे हैं, उन्हें नियमित रूप से जारी रखा जा सकता है। इस काल में राहु की शांति के लिए किए जाने वाले मानसिक जाप, दान-पुण्य या भगवान शिव और मां दुर्गा की आराधना करना अत्यंत फलदायी होता है। यदि कोई यात्रा पहले से तय हो तो उसे बीच में रोका नहीं जाता।

यदि राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त एक साथ आ जाएं तो क्या करें

शास्त्रों में अक्सर एक बड़ा असमंजस सामने आता है कि यदि किसी दिन राहुकाल और दिन का सबसे शुभ मुहूर्त यानी अभिजीत मुहूर्त एक साथ पड़ जाएं, तो क्या करना चाहिए। ज्योतिषीय नियमों के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त भगवान विष्णु के चक्र के समान शक्तिशाली माना जाता है, जो सभी प्रकार के दोषों को नष्ट करने में सक्षम है।

परंतु, यदि किसी विशेष दिन या स्थान पर राहुकाल का समय अभिजीत मुहूर्त के समय से टकराता है, तो वहां राहुकाल को प्राथमिकता दी जाती है। पापी ग्रह राहु का प्रभाव उस समय अवधि को दूषित कर देता है। इसलिए, यदि दोनों समय एक साथ आ रहे हों, तो अभिजीत मुहूर्त में भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए और राहुकाल के समाप्त होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए। हालांकि, 9 जुलाई 2026 को ऐसा कोई टकराव नहीं है, क्योंकि दोनों का समय पूरी तरह अलग है।

9 जुलाई 2026 के संपूर्ण शुभ और अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्तसमय (अवधि)महत्व / लाभ
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 11:55 से दोपहर 12:50 तकदिन का सबसे उत्तम और शक्तिशाली समय, सर्वकार्य सिद्धि
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 04:09 से सुबह 04:50 तकयोग, ध्यान और ईश्वर आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ
सुकर्मा योगसुबह 10:06 तकशुभ और मांगलिक कार्यों की नींव रखने के लिए उपयुक्त
अमृत कालसुबह 08:03 से सुबह 09:35 तकइस समय में किए गए कार्यों में दीर्घकालिक सफलता मिलती है
अशुभ मुहूर्तसमय (अवधि)वर्जित कार्य
राहुकालदोपहर 02:05 से शाम 03:47 तकनया व्यापार, कीमती सामान की खरीदारी, अनुबंध
यमगण्ड कालसुबह 05:32 से सुबह 07:15 तकइस समय शुरू किए गए कार्यों में विनाश या भारी बाधा का भय
गुलिक कालसुबह 08:57 से सुबह 10:40 तककोई भी नया या शुभ कार्य इस समय टालना चाहिए
दुर्मुहूर्तसुबह 10:08 से 11:03 और दोपहर 03:40 से 04:36मांगलिक कार्यों और महत्वपूर्ण यात्राओं के लिए वर्जित

आज का विस्तृत दैनिक पंचांग

पंचांग अंगविवरण
विक्रमी संवत2083
शक संवत1948 (पराभव)
मास और पक्षआषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष
तिथिनवमी तिथि सुबह 10:34 तक, इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ
वारगुरुवार (बृहस्पतिवार)
नक्षत्रअश्विनी नक्षत्र दोपहर 2:50 तक, इसके बाद भरणी नक्षत्र लगेगा
सूर्य स्थितिमिथुन राशि में गोचर
चंद्र स्थितिमेष राशि में विराजमान
सूर्योदयसुबह 05:32 बजे
सूर्यास्तशाम 07:13 बजे

आज का धार्मिक महत्व और मंत्र जाप विधान

गुरुवार के दिन आषाढ़ कृष्ण नवमी और दशमी का यह संयोग धार्मिक रूप से बेहद पवित्र है। चंद्रमा का गोचर मेष राशि में होने से और देवगुरु बृहस्पति के दिन का संयोग होने से आज भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना का विशेष महत्व है। आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान और पीले अनाज का दान करने से पितृ दोष और राहु जनित समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

किस ग्रह के मंत्र का जाप करें और कितनी बार आज के दिन देवगुरु बृहस्पति और राहु देव की शांति के लिए मंत्र जाप करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा। राहु के दुष्प्रभावों से बचने के लिए राहु के बीज मंत्र ॐ रां राहवे नमः का शाम के समय या राहुकाल के दौरान 108 बार जाप करना चाहिए। इसके साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति के लिए गुरु के मंत्र ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः का सुबह के समय 108 बार या तीन माला जाप करना परम फलदायी रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई पंचांग, राहुकाल और शुभ-अशुभ मुहूर्त की गणनाएं भारतीय ज्योतिष विज्ञान और प्रामाणिक पंचांगों के आधार पर तैयार की गई हैं। स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार अलग-अलग शहरों में इन समयों में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है। किसी भी बड़े अनुष्ठान या सटीक समय की पुष्टि के लिए अपने स्थानीय पुरोहित या ज्योतिषाचार्य से संपर्क करें। यह समाचार रिपोर्ट www.the4thpillar.live की ओर से केवल पाठकों के ज्ञानवर्धन और जागरूकता के लिए प्रकाशित की गई है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button