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राज्य प्रशासनिक सेवा में बड़ा फेरबदल: 19 अधिकारियों के तबादले से बदली प्रशासनिक तस्वीर, नगर निगमों से लेकर प्रमुख विभागों तक नई जिम्मेदारियां

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 19 अधिकारियों का तबादला करते हुए कई जिलों, नगर निगमों और महत्वपूर्ण विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से यह व्यापक फेरबदल किया गया है। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से विकास कार्यों की गति तेज होगी और आम जनता को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकेंगी।







रायपुर | 8 जुलाई 2026 : छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा के 19 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार नगर निगमों, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, सड़क विकास निगम, मार्कफेड तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों में पदस्थ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को सरकार की प्रशासनिक कार्यशैली में सुधार, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागीय समन्वय को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रदेश में पिछले कुछ महीनों से लगातार प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे शासन व्यवस्था को और अधिक परिणाम आधारित बनाया जा सके।

प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी

राज्य सरकार समय-समय पर अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा, विभागीय आवश्यकताओं और विकास योजनाओं की प्रगति को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक फेरबदल करती रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे स्थानांतरण केवल अधिकारियों के कार्यस्थल बदलने तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनके माध्यम से शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देने का प्रयास किया जाता है।

नगर निगमों, जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारी सीधे तौर पर आम नागरिकों से जुड़ी सेवाओं, विकास परियोजनाओं, राजस्व कार्यों, पंचायत विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा शहरी अधोसंरचना के संचालन की जिम्मेदारी निभाते हैं।

इसी कारण इस प्रकार के तबादलों का प्रभाव सीधे शासन व्यवस्था और आम जनता तक पहुंचने वाली सेवाओं पर दिखाई देता है।

नगर निगमों में नई जिम्मेदारियां

जारी आदेश के अनुसार कई नगर निगमों में नए आयुक्त नियुक्त किए गए हैं।

अरुण कुमार वर्मा को नगर निगम धमतरी का आयुक्त बनाया गया है।

जी.आर. मरकाम को नगर निगम राजनांदगांव का आयुक्त नियुक्त किया गया है।

विजेंद्र सिंह को नगर निगम चिरमिरी का आयुक्त बनाया गया है।

नगर निगम आयुक्त शहरों में स्वच्छता, पेयजल, सड़क निर्माण, भवन अनुज्ञा, संपत्ति कर, स्ट्रीट लाइट, शहरी विकास योजनाओं तथा नागरिक सुविधाओं के संचालन के लिए उत्तरदायी होते हैं। इसलिए इन नियुक्तियों को स्थानीय प्रशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

महत्वपूर्ण विभागों में भी बदलाव

राज्य सरकार ने विभिन्न प्रमुख विभागों में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली हैं।

शशांक पाण्डेय को अतिरिक्त प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन नियुक्त किया गया है।

इंद्रजीत बर्मन को संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं में अपर संचालक बनाया गया है।

इन विभागों की जिम्मेदारी सड़क विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, प्रशासनिक निगरानी और सार्वजनिक सेवाओं के प्रभावी संचालन से जुड़ी हुई है।

जिला प्रशासन और विकास योजनाओं पर रहेगा विशेष फोकस

स्थानांतरण आदेश में अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर तथा जिला पंचायतों में भी कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।

जिला प्रशासन में कार्यरत अधिकारी राजस्व प्रकरणों, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन कार्य, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं की निगरानी करते हैं।

वहीं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ग्रामीण विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, जल संरक्षण, पंचायत विकास तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होते हैं।

इसी कारण सरकार ने इन पदों पर अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति को प्राथमिकता दी है।

संपूर्ण स्थानांतरण सूची

नीचे सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक स्थानांतरण आदेश की पूरी सूची प्रकाशित की जा रही है।

प्रमुख अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कई महत्वपूर्ण विभागों में नई पदस्थापनाएं की गई हैं। नगर निगमों, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना विकास और सहकारी क्षेत्र से जुड़े विभागों में अधिकारियों की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अरुण कुमार वर्मा को नगर निगम धमतरी का आयुक्त बनाया गया है। धमतरी नगर निगम में अधोसंरचना विकास, स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था और शहरी विकास परियोजनाओं को गति देने की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी।

जी.आर. मरकाम को नगर निगम राजनांदगांव का आयुक्त नियुक्त किया गया है। राजनांदगांव प्रदेश के प्रमुख नगर निगमों में शामिल है, जहां शहरी विस्तार और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य संचालित हो रहे हैं।

विजेंद्र सिंह को नगर निगम चिरमिरी का आयुक्त बनाया गया है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां शहरी विकास परियोजनाओं के साथ बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

शशांक पाण्डेय को अतिरिक्त प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य में सड़क संपर्क और अधोसंरचना विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इंद्रजीत बर्मन को संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं में अपर संचालक बनाया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, अस्पतालों की मॉनिटरिंग और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने में उनकी भूमिका अहम होगी।

पूरी ट्रांसफर सूची से स्पष्ट हुई सरकार की रणनीति

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश से यह स्पष्ट होता है कि सरकार ने केवल नगर निगमों तक ही बदलाव सीमित नहीं रखा है। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना विकास, सहकारी क्षेत्र और अन्य प्रशासनिक इकाइयों में भी व्यापक फेरबदल किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार ने उन विभागों को प्राथमिकता दी है जिनका सीधा संबंध आम जनता से है। इन विभागों में नई पदस्थापनाओं के बाद लंबित मामलों के निराकरण, योजनाओं की समीक्षा और सेवा वितरण में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।

प्रशासनिक फेरबदल का क्या होगा असर

प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार के व्यापक फेरबदल का प्रभाव आने वाले कुछ महीनों में दिखाई देगा। नए अधिकारी अपने-अपने विभागों और जिलों में कार्यभार संभालने के बाद विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे और लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान देंगे।

नगर निगमों में शहरी विकास परियोजनाओं, स्वच्छता, पेयजल, सड़क निर्माण और कर प्रशासन में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

जिला प्रशासन में राजस्व मामलों के निराकरण, कानून व्यवस्था, जन शिकायतों के समाधान और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर विशेष जोर रहेगा।

स्वास्थ्य विभाग में नई नियुक्तियों से अस्पताल प्रबंधन, दवा आपूर्ति, चिकित्सा सेवाओं की निगरानी तथा स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन में सुधार की संभावना जताई जा रही है।

वहीं शिक्षा विभाग में प्रशासनिक निगरानी और शैक्षणिक संस्थानों के बेहतर संचालन की दिशा में नए अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

सरकार की प्राथमिकता है सुशासन और जवाबदेह प्रशासन

पिछले कुछ समय से छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता, डिजिटल गवर्नेंस, समयबद्ध सेवा वितरण और परिणाम आधारित कार्य संस्कृति पर विशेष जोर देती रही है।

इसी उद्देश्य से समय-समय पर अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किए जा रहे हैं ताकि प्रत्येक विभाग की नियमित समीक्षा हो सके और योजनाओं का लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नए अधिकारी सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हैं तो विकास परियोजनाओं की गति और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों में सुधार देखने को मिलेगा।

आने वाले दिनों में होगी कार्यप्रणाली की समीक्षा

अब सभी स्थानांतरित अधिकारी अपने-अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। इसके बाद संबंधित विभागों और जिलों में कार्यों की समीक्षा शुरू होगी।

प्रशासनिक हलकों की नजर इस बात पर रहेगी कि नई नियुक्तियों के बाद विकास कार्यों की गति, नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता और विभागीय समन्वय में कितना सुधार आता है।

राज्य सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को केवल नियमित स्थानांतरण नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, जवाबदेही मजबूत करने और विकास कार्यों को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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