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25 जून 2026 पंचांग और राहुकाल: जानें आज की तिथि का धार्मिक महत्व और दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्त

ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी और स्वाति नक्षत्र के संयोग के बीच जानें राहुकाल का समय, इसमें क्या करें, क्या न करें और अभिजीत मुहूर्त से जुड़ा सबसे बड़ा नियम।







सनातन परंपरा में किसी भी मांगलिक, धार्मिक या व्यावसायिक कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग की गणना और सही समय का आकलन करने की परंपरा सदियों पुरानी है। समय को हिंदू ज्योतिष में दो मुख्य भागों में बांटा गया है, शुभ समय जिसे मुहूर्त कहा जाता है और अशुभ समय जिसमें राहुकाल सबसे प्रमुख माना जाता है। दैनिक जीवन में सही निर्णय लेने के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि राहुकाल वास्तव में क्या होता है और वैदिक ज्योतिष में इसकी इतनी चर्चा क्यों की जाती है।

राहुकाल दिन का वह विशिष्ट समय होता है, जिसका स्वामित्व पूरी तरह से छाया ग्रह राहु के पास होता है। खगोलीय और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, राहु को एक विघ्नकारी और भ्रम पैदा करने वाला ग्रह माना गया है।

राहुकाल की अवधि प्रतिदिन सूर्योदय से सूर्यास्त के कुल समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाली जाती है। सप्ताह के सातों दिन सूर्योदय के समय में बदलाव होने के कारण राहुकाल का समय भी हर दिन बदलता रहता है।

ज्योतिष शास्त्र का मानना है कि राहुकाल के दौरान ब्रह्मांड में नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक भ्रम का स्तर बढ़ जाता है। इस अवधि में शुरू किए गए कार्यों में निर्णय गलत होने की संभावना सबसे अधिक होती है, जिसके कारण बनते हुए काम भी बिगड़ जाते हैं या उनमें अप्रत्याशित बाधाएं आती हैं। यही वजह है कि इस समय को किसी भी नए उपक्रम के लिए सर्वथा वर्जित माना गया है।

रायपुर, 25 जून 2026। आज विक्रम संवत 2083 के अनुसार ज्येष्ठ महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। आज का दिन गुरुवार है। आज नक्षत्र मंडल में स्वाति नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और दोपहर बाद विशाखा नक्षत्र की शुरुआत होगी। इसके साथ ही आज आकाश मंडल में शिव योग का निर्माण हो रहा है।

आज चंद्रमा का संचार पूरे दिन तुला राशि में रहेगा। रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए आज सूर्योदय का समय सुबह 05:27 पर है, जबकि सूर्यास्त शाम 19:13 पर होगा। आइए जानते हैं आज दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्तों का विस्तृत विवरण।

आज का राहुकाल और वर्जित समय

आज गुरुवार का दिन है और आज का राहुकाल दोपहर 14:03 से लेकर दोपहर 15:46 तक रहेगा। इस 1 घंटे 43 मिनट की अवधि में किसी भी प्रकार के मांगलिक या नए कार्यों की शुरुआत नहीं की जानी चाहिए।

राहुकाल में क्या-क्या चीजें नहीं करनी चाहिए:

  • इस अवधि में नए व्यापार की शुरुआत, नई दुकान का उद्घाटन या व्यावसायिक अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने से बचें।
  • सोने, चांदी, वाहन, भूमि या मकान जैसी कीमती संपत्तियों की खरीदारी इस समय में बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।
  • विवाह, सगाई, गृह प्रवेश या मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों की शुरुआत इस समय में पूरी तरह वर्जित है।
  • इस समय में किसी महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत करने से भी बचना चाहिए, विशेषकर यदि यात्रा व्यावसायिक हो।

राहुकाल में क्या-क्या चीजें की जा सकती हैं:

  • राहुकाल में पहले से चल रहे नियमित कार्यों को रोकने की आवश्यकता नहीं होती है, वे कार्य जारी रखे जा सकते हैं।
  • इस समय में की गई ईश्वर की आराधना, मंत्र जाप और मानसिक पूजा का फल बहुत अच्छा मिलता है।
  • राहु ग्रह के दोषों को कम करने के लिए इस अवधि में हनुमान चालीसा का पाठ करना या शिव मंत्रों का मानसिक मानसिक जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
  • इस अवधि में दान-पुण्य का कार्य करना भी शुभ फल प्रदान करता है।

आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त

दिनभर के कार्यों की योजना बनाने के लिए आज के मुख्य शुभ और अशुभ मुहूर्तों का समय इस प्रकार रहेगा:

आज के शुभ मुहूर्त:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:07 से सुबह 04:47 तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:52 से दोपहर 12:47 तक
  • अमृत काल: शाम 17:19 से शाम 18:55 तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 14:38 से दोपहर 15:32 तक

आज के अशुभ मुहूर्त:

  • राहुकाल: दोपहर 14:03 से दोपहर 15:46 तक
  • यमगंड: सुबह 05:27 से सुबह 07:10 तक
  • गुलिक काल: सुबह 08:53 से सुबह 10:37 तक
  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 15:34 से शाम 16:22 तक

राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का टकराव: सबसे बड़ा नियम

शास्त्रों में अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे शुभ और दोषमुक्त समय माना गया है। भगवान विष्णु के चक्र सुदर्शन की शक्ति से संपन्न होने के कारण इस मुहूर्त में किए गए कार्य हमेशा सफल होते हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि यदि किसी दिन राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय एक साथ मिल जाए, तो क्या ऐसे स्थिति में शुभ कार्य किए जा सकते हैं?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय आपस में टकराता है, तो वहां राहुकाल को अधिक प्रभावशाली माना जाता है। शास्त्रों का स्पष्ट नियम है कि राहुकाल के दौरान अभिजीत मुहूर्त अपनी शुभता खो देता है। इसलिए यदि यह दोनों समय एक ही अवधि में पड़ रहे हों, तो उस दौरान किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

हालांकि, आज यानी 25 जून 2026 को रायपुर में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:52 से 12:47 तक है और राहुकाल दोपहर 14:03 से शुरू होगा। इसलिए आज इन दोनों के बीच कोई टकराव नहीं है, आप अभिजीत मुहूर्त का पूरा लाभ उठा सकते हैं।

आज की तिथि का धार्मिक महत्व

आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। धार्मिक दृष्टिकोण से ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को निर्जला एकादशी या भीमसेनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में वर्षभर में आने वाली सभी 24 एकादशियों में निर्जला एकादशी को सबसे कठिन और सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।

इस व्रत में सूर्योदय से लेकर अगले दिन द्वादशी के सूर्योदय तक अन्न और जल का पूरी तरह त्याग किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में जब भीमसेन ने भगवान वेदव्यास से कहा कि वे भूखे नहीं रह सकते और हर महीने दो व्रत करना उनके लिए कठिन है, तब वेदव्यास जी ने उन्हें वर्ष में केवल एक बार ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी का निर्जला व्रत रखने की सलाह दी थी।

मान्यता है कि केवल इस एक एकादशी का पूरी निष्ठा से व्रत रखने पर वर्षभर की सभी एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है। आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और जल से भरे घड़े, पंखे तथा खरबूजे का दान करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह पंचांग और मुहूर्त विवरण www.the4thpillar.live की ओर से सामान्य जानकारी के लिए है। यह पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या बड़े निर्णय से पहले योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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