छत्तीसगढ़ में ‘हिट एंड रन’ पीड़ितों को सरकार देगी 2 लाख तक की सहायता,परिवहन मंत्री ने किया त्वरित मुआवजे का ऐलान
मृत्यु पर 2 लाख और गंभीर चोट पर 50 हजार की तत्काल मदद, प्रक्रिया हुई बेहद सरल।

रायपुर । छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को त्वरित राहत पहुँचाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने आज घोषणा की कि भारत सरकार की “हिट एंड रन मोटरयान दुर्घटना मुआवजा योजना” के तहत अब अज्ञात वाहनों की टक्कर से प्रभावित होने वाले परिवारों को बिना किसी विलंब के आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
परिवहन मंत्री कश्यप ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पीड़ितों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारा लक्ष्य केवल आधारभूत संरचना का विकास नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में आम नागरिक के साथ खड़ा होना है। यह योजना प्रभावितों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करेगी।
सहायता राशि का स्वरूप
योजना के तहत मुआवजे की दरों को स्पष्ट करते हुए बताया गया कि:
- मृत्यु की स्थिति में: मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता।
- गंभीर चोट की स्थिति में: पीड़ित को 50 हजार रुपये की त्वरित सहायता।
- भुगतान मोड: यह राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थी के बैंक खाते (DBT) में जमा की जाएगी।
कौन होगा पात्र?
मुआवजे के लिए आवेदन करने हेतु मृतक के पति/पत्नी, माता-पिता या बच्चे पात्र होंगे। वहीं, गंभीर रूप से घायल व्यक्ति स्वयं सहायता के लिए आवेदन कर सकता है।
सरल हुई आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step)
आम जनता की सुविधा के लिए प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और सुगम बनाया गया है:
- सूचना: दुर्घटना के तुरंत बाद नजदीकी थाने में FIR दर्ज कराएं।
- आवेदन: निर्धारित प्रपत्र भरकर संबंधित एसडीएम (SDM) कार्यालय में जमा करें।
- सत्यापन: दस्तावेजों के सत्यापन के उपरांत राशि सीधे खाते में हस्तांतरित होगी।
- जरूरी दस्तावेज: आवेदन के साथ FIR की कॉपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या मेडिकल सर्टिफिकेट, पहचान पत्र और बैंक पासबुक संलग्न करना अनिवार्य है।
परिवहन विभाग की अपील
’सावधानी हटी, दुर्घटना घटी’ के मूल मंत्र को दोहराते हुए विभाग ने नागरिकों से सड़क नियमों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया है। मंत्री कश्यप ने जनता से अपील की है कि वे दुर्घटना की स्थिति में मूकदर्शक न बनें, बल्कि पुलिस को सूचित कर पीड़ितों की मदद करें और उन्हें इस सरकारी योजना का लाभ दिलाने में सहभागी बनें।



