रायपुर में अब तक 1853 चालकों पर कार्रवाई, ज़ीरो टॉलरेंस नीति लागू
5 अप्रैल की बड़ी कार्रवाई: 7 थाना क्षेत्रों में विशेष चेकिंग, नशे में धुत 129 वाहन चालकों के विरुद्ध एमवी एक्ट के तहत मामला दर्ज।

रायपुर । राजधानी की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने नशेड़ी वाहन चालकों के विरुद्ध अपनी मुहिम और तेज कर दी है। रविवार, 5 अप्रैल की देर रात शहर के विभिन्न हिस्सों में चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान के दौरान 129 वाहन चालकों को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। इन सभी के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) विकास कुमार के सीधे नेतृत्व में शहर के सात रणनीतिक स्थानों पर यातायात थाना प्रभारियों और पुलिस बल के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस द्वारा ब्रीथ एनालाइजर के जरिए की गई जांच में पाया गया कि ये चालक न केवल अपनी, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य नागरिकों की जान के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे थे। पकड़े गए सभी 129 चालकों को अब माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
यातायात विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक कुल 1853 नशेड़ी वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। गौरतलब है कि इस अपराध के लिए न्यायालय द्वारा प्रति मामला न्यूनतम 10,000 का भारी जुर्माना लगाया जा रहा है, ताकि ड्राइवरों में कानून का डर बना रहे।
आम जनता के बीच फैली इस भ्रांति को दूर करते हुए यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी ‘चालान टारगेट’ को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि शराब पीकर वाहन चलाना ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ के दायरे में आता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
रायपुर यातायात पुलिस ने सभी नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का ईमानदारी से पालन करें। पुलिस ने संदेश दिया है कि सुरक्षित यात्रा के लिए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं और कभी भी नशे की हालत में स्टीयरिंग पर न बैठें।



