झारखंड जनसंपर्क टीम ने जाना छत्तीसगढ़ संवाद के प्रकाशन का गुर, युवाओं के लिए शुरू होगी वैसी ही पत्रिका
छत्तीसगढ़ संवाद की साप्ताहिक पत्रिका की सराहना, झारखंड के अधिकारियों ने बारीकी से समझा प्रकाशन का स्वरूप।

रायपुर, 19 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा युवाओं के करियर और रोजगार के लिए किए जा रहे प्रयास अब पड़ोसी राज्यों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बन रहे हैं। इसी कड़ी में आज झारखंड सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की एक उच्च स्तरीय टीम ने रायपुर स्थित ‘छत्तीसगढ़ संवाद’ का भ्रमण किया। टीम ने यहाँ प्रकाशित होने वाली लोकप्रिय साप्ताहिक पत्रिका ‘रोजगार और नियोजन’ की कार्यप्रणाली, पाठ्य सामग्री और वितरण व्यवस्था का विस्तृत अवलोकन किया।
झारखंड में भी शुरू होगा प्रकाशन
भ्रमण पर पहुँचे झारखंड की टीम के अधिकारियों ने बताया कि वे अपने राज्य के युवाओं को भी इसी प्रकार की विश्वसनीय, सटीक और संगठित रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की योजना पर विचार कर रहे हैं। टीम के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे इस प्रकाशन के स्वरूप और तकनीकी पहलुओं की जानकारी लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के समक्ष विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, ताकि वहां भी युवाओं के हित में ऐसी पत्रिका का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।
एक ही स्थान पर करियर मार्गदर्शन
अवलोकन के दौरान छत्तीसगढ़ संवाद की सहायक संपादक श्रीमती गीतांजली नेताम ने टीम को पत्रिका के संपादन, युवाओं के लिए इसकी उपयोगिता और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इसमें शामिल किए जाने वाले विशेष खंडों की जानकारी दी। झारखंड की टीम ने स्वीकार किया कि सरकारी नौकरियों, शासन की कल्याणकारी योजनाओं और करियर काउंसलिंग से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर मिलना परीक्षार्थियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
झारखंड से आए इस दल में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के डिप्टी डायरेक्टर आनंद कुमार,विभागीय प्रतिनिधि सुनीता धान तथा विधि सलाहकार अमन कुमार शामिल थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संवाद के ‘रोजगार और नियोजन’ अनुभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने टीम के साथ अनुभव साझा किए।
इस पहल से यह उम्मीद जताई जा रही है कि यदि यह योजना झारखंड में साकार होती है, तो वहां के हजारों युवाओं को रोजगार के अवसरों की समय पर और प्रामाणिक जानकारी मिल सकेगी। छत्तीसगढ़ की इस सफल केस-स्टडी को अपनाना अंतर-राज्यीय सहयोग और युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



