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अग्रवाल संगठन के सामूहिक विवाह में मुख्य अतिथि रहे डॉ. संपत अग्रवाल,नवदंपत्तियों को दी सुखद जीवन की शुभकामनाएं

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने प्रत्येक मंडप में जाकर नव-विवाहितों को दी भेंट, संगठन के सेवा कार्यों की जमकर की सराहना





रायपुर । राजधानी के राम मंदिर परिसर स्थित बाल्मिकी हॉल में उस वक्त उत्सव और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के तत्वावधान में 51 जोड़े विवाह के पावन बंधन में बंधे। इस गरिमामय निःशुल्क सामूहिक कन्या विवाह समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने न केवल कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, बल्कि नवदंपत्तियों के प्रति अपनी आत्मीयता दिखाकर उपस्थित जनसमूह का दिल भी जीत लिया।

जैसे ही विधायक डॉ. संपत अग्रवाल आयोजन स्थल पर पहुँचे, छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उन्हें पुष्पगुच्छ, आत्मीयता का प्रतीक गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ताओं और परिजनों ने विधायक की उपस्थिति पर हर्ष व्यक्त किया।

मंच से जनसमुदाय को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल भावुक और उत्साहित नजर आए। उन्होंने संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जब प्रांतीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल जी ने मुझे 51 जोड़ों के निःशुल्क विवाह के संकल्प के बारे में बताया, तो मेरा हृदय गदगद हो उठा। आज के दौर में जहां दिखावा बढ़ रहा है, वहां सामूहिक विवाह फिजूलखर्ची रोककर समाज को एकता का संदेश देते हैं। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह संबल है। समाज के सक्षम लोगों का आगे आकर जरूरतमंदों के लिए खड़ा होना ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव रखता है।

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल केवल मंच तक सीमित नहीं रहे। वे स्वयं बाल्मिकी हॉल में बने प्रत्येक मंडप तक गए। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सभी 51 जोड़ों से मुलाकात की, उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और अपनी ओर से विशेष उपहार भेंट किए। उनकी इस सादगी और जमीनी जुड़ाव ने वर-वधू के परिजनों को अभिभूत कर दिया।

छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने सेवा और परोपकार के महत्व को समझाते हुए गोस्वामी तुलसीदास जी की इन पंक्तियों से अपना वक्तव्य शुरू किया….
“परहित सरिस धर्म नहिं भाई। पर पीड़ा सम नहिं अधमाई॥”
जिसका अर्थ है परोपकार (दूसरों की भलाई) के समान कोई बड़ा धर्म नहीं है और दूसरों को कष्ट पहुँचाने के समान कोई नीचता या पाप नहीं है।

प्रांतीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है और 51 कन्याओं का कन्यादान करना हमारे संगठन के लिए केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने आगे कहा कि इस विशाल आयोजन की सफलता का श्रेय समाज की एकजुटता और कार्यकर्ताओं के निस्वार्थ परिश्रम को जाता है। उन्होंने घोषणा की कि संगठन भविष्य में भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सामूहिक विवाह जैसे प्रकल्पों को और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित करता रहेगा। उनके संबोधन ने उपस्थित जनसमूह में सेवा और परोपकार का एक नया संचार कर दिया।

मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि समाज द्वारा इस प्रकार के आयोजन वर्तमान समय की महती आवश्यकता हैं। जब समाज के सक्षम लोग आगे आकर जरूरतमंदों के लिए खड़े होते हैं, तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। अग्रवाल समाज हमेशा से ही सेवा कार्यों में अग्रणी रहा है और आज का यह भव्य आयोजन इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। मैं सभी नवदंपत्तियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।

आपको बता दे कि छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन द्वारा आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का महाकुंभ रहा। संगठन ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आवास से लेकर भोजन और पंडाल की भव्य व्यवस्था सुनिश्चित की थी। विवाह की रस्मों को जीवंत बनाने के लिए हल्दी, मेहंदी और वर-वधू के विशेष श्रृंगार (मेकअप) का प्रबंध भी पेशेवर तरीके से किया गया था। प्रत्येक जोड़े को संगठन की ओर से गृहस्थी की शुरुआत के लिए बहुमूल्य उपहार भी भेंट किए गए। साथ ही ढोल नगाड़े से लेकर गायन तक की व्यवस्था की गई थी ।इस प्रबंधन की सूक्ष्मता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयोजन के दौरान किसी भी पक्ष को कोई असुविधा नहीं हुई, जिससे यह विवाह समारोह न केवल निर्बाध संपन्न हुआ, बल्कि मर्यादा और गरिमा की एक नई मिसाल कायम कर गया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष सियाराम जी अग्रवाल,छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, छत्तीसगढ़ विधानसभा पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल,छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस अध्यक्ष अमित जोगी,संत युधिष्ठिर महाराज,पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा,संजय अग्रवाल, प्रांतीय अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ अनीता अग्रवाल,राजीव अग्रवाल,संदीप साहू,रिटायर्ड आई ए एस अशोक अग्रवाल,कन्हैयालाल अग्रवाल,गोपाल सुल्तानिया,मुख्य आयोजक दीनदयाल गोयल ,बृजलाल गोयल,प्रांतीय संगठन मंत्री मनोज अग्रवाल,प्रसाद अग्रवाल,अशोक मोदी,कन्हैया अग्रवाल कवर्धा,संयोजक शोभा केड़िया,गुंजा सुल्तानिया, मीडिया प्रभारी ज्योति अग्रवाल,संगठन की पूरी कार्यकारिणी, प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में वर-वधू पक्ष के रिश्तेदार उपस्थित रहे। पूरा माहौल मंगल गीतों और धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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