रायपुर में पुलिस का आधी रात को ‘महा-अभियान’: एंटी क्राइम और साइबर यूनिट ने पूरे शहर को घेरा, 60 संदिग्ध हिरासत में
कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर तड़के 3 से सुबह 6 बजे तक चली सघन चेकिंग, हत्थे चढ़े आर्म्स एक्ट के संदेही और पुराने मारपीट के आरोपी।

रायपुर । राजधानी रायपुर में अपराधियों, नशा तस्करों और देर रात अकारण सड़कों पर हुड़दंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा रुख अख्तियार किया है। पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) डॉ. संजीव शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम काम्बले के सख्त निर्देश पर ‘एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट’ (ACCU) ने शहरभर में एक साथ सघन चेकिंग का महा-अभियान चलाया। डीसीपी (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला की सीधी मॉनिटरिंग में चली इस कार्रवाई से पूरे शहर के बदमाशों में हड़कंप मच गया है।
11 और 12 जून की दरम्यानी रात, जब पूरा शहर सो रहा था, तब पुलिस की अलग-अलग टीमें सड़कों पर मुस्तैद थीं। रात 3:00 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे तक चले इस तीन घंटे के ‘सरप्राइज ऑपरेशन’ में शहर के चप्पे-चप्पे पर नाकेबंदी की गई। अकारण घूमने वालों, अवैध नशा और शराब बेचने वालों तथा आदतन अपराधियों को टारगेट कर घेराबंदी की गई। इस दौरान संदिग्ध पाए गए 60 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए सीधे एंटी क्राइम और साइबर यूनिट के दफ्तर लाया गया।
पुलिस की इस औचक सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान सघन जांच और वेरिफिकेशन में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। इस दौरान आर्म्स एक्ट का एक मुख्य संदेही और पूर्व में मारपीट व खूनी संघर्ष जैसी वारदातों में संलिप्त दो आदतन अपराधी देर रात सड़कों पर घूमते हुए रंगे हाथों दबोचे गए। इसके साथ ही पुलिस ने बिना नंबर प्लेट वाली और संदिग्ध अवस्था में मिलीं 12 दोपहिया व चारपहिया गाड़ियों को जब्त किया है, जिनकी वैधानिक जांच की जा रही है।
चेकिंग के दौरान कुछ संवेदनशील इलाकों में पुलिस की अचानक एंट्री देखकर गांजा और अवैध शराब बेचने वाले तस्कर अपनी पुड़िया और माल छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके से गांजे की पुड़िया और शराब बरामद कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
हिरासत में लिए गए 60 लोगों में 4 नाबालिग भी शामिल थे। सुबह होते ही पुलिस ने इन नाबालिगों के परिजनों को थाने तलब किया। काउंसिलिंग के बाद बच्चों को उनके माता-पिता के सुपुर्द किया गया। वहीं बाकी के अन्य संदिग्धों का पूरा प्रोफाइल और वेरिफिकेशन रिकॉर्ड दर्ज करने के बाद उन्हें दोबारा ऐसी गलती न करने की कड़ी हिदायत (वार्निंग) देकर छोड़ा गया।
रायपुर पुलिस ने साफ कर दिया है कि रायपुर शहर की शांति भंग करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। शहर में पुख्ता कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर पूरी तरह लगाम कसने और असामाजिक तत्वों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए पुलिस का यह ‘स्पेशल नाइट ऑपरेशन’ आगे भी बिना किसी पूर्व सूचना के निरंतर जारी रहेगा।



