छत्तीसगढ़ में गैस संकट की आशंकाओं के बीच सरकार अलर्ट, LPG-पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
मंत्रालय महानदी भवन में खाद्य सचिव रीना कंगाले की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्यभर में एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता देने के निर्देश।

रायपुर, 12 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस तथा पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर आज मंत्रालय महानदी भवन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के अधिकारियों के साथ राज्य में एलपीजी गैस, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की भी पर्याप्त उपलब्धता है और किसी प्रकार की कमी या शॉर्टेज की स्थिति नहीं है।
भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति का संचालन मुख्य रूप से प्रमुख ऑयल मार्केटिंग कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम द्वारा किया जाता है। इन कंपनियों के नेटवर्क के माध्यम से देशभर में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का वितरण किया जाता है और राज्य सरकारें इनकी आपूर्ति व्यवस्था पर निगरानी रखती हैं।
एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त स्टॉक
बैठक में जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ में संचालित सभी पांच एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसके चलते उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
खाद्य सचिव रीना कंगाले ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में एलपीजी गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जिलों में गैस वितरण की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए और यदि कहीं आपूर्ति में बाधा आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाए।
अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता
बैठक में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सीमित रूप से केवल अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थानों को की जा रही है। इनमें अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इस पर सचिव रीना कंगाले ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों की परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए स्कूलों, कॉलेजों और छात्रावासों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जाए ताकि भोजन व्यवस्था प्रभावित न हो।
होटलों को भी सीमित आपूर्ति पर विचार
बैठक के दौरान यह भी चर्चा हुई कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी सीमित मात्रा में गैस उपलब्ध कराई जाए। इस पर खाद्य सचिव ने सुझाव दिया कि लगभग 15 प्रतिशत कमर्शियल गैस सप्लाई होटलों और अन्य आवश्यक प्रतिष्ठानों को देने के विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
इससे होटल और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी सीमित स्तर पर अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे और उपभोक्ताओं को सुविधा मिल सकेगी।
गैस के दुरुपयोग और अवैध रिफिलिंग पर सख्ती
बैठक में एलपीजी गैस के दुरुपयोग और अवैध रिफिलिंग के मामलों पर भी चिंता जताई गई। सचिव कंगाले ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि गैस की अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अनियमितता या गैस की अवैध बिक्री की शिकायत मिलती है तो आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पेट्रोल और डीजल की भी पर्याप्त उपलब्धता
बैठक में राज्य में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख पेट्रोलियम डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक मौजूद है।
खाद्य सचिव ने निर्देश दिया कि इन ईंधनों की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर भी नियमित निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी जिले में आपूर्ति प्रभावित न हो।
उपभोक्ताओं को सरकार का आश्वासन
खाद्य सचिव रीना कंगाले ने प्रदेश के उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं को सिलेंडर की नियमित आपूर्ति की जा रही है और यदि किसी को आपूर्ति से संबंधित समस्या होती है तो वह टोल फ्री कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 पर संपर्क कर सकता है।
सरकार का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विभाग लगातार ऑयल कंपनियों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय में काम कर रहा है।
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