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पंचांग महाबुलेटिन: 8 जुलाई 2026 को राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का दुर्लभ टकराव, जानें आज का सटीक समय और शुभ-अशुभ मुहूर्त

आज 8 जुलाई 2026, बुधवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी-नवमी तिथि और रेवती नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। आज दोपहर के समय राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त की स्थितियों में बड़ा टकराव देखने को मिलेगा, जिससे शुभ कार्यों के समय को लेकर विशेष सावधानी रखनी होगी।







रायपुर। 8 जुलाई 2026। सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले दिन के चौघड़िए, पंचांग और विशेष रूप से राहुकाल की स्थिति को देखना बेहद अनिवार्य माना गया है। रायपुर समेत देश भर के श्रद्धालुओं और पाठकों के लिए आज 8 जुलाई 2026 का विस्तृत दैनिक पंचांग और राहुकाल का समय बेहद महत्वपूर्ण है। आज के दिन कई ऐसे ग्रह योग बन रहे हैं जो कार्यों की सफलता और विफलता को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे।

राहुकाल क्या होता है और क्यों माना जाता है इसे अशुभ

ज्योतिष शास्त्र और वैदिक विज्ञान के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है जिसे बेहद अशुभ और दूषित माना जाता है। यह कोई स्थायी समय नहीं होता, बल्कि सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर प्रतिदिन इसके समय में बदलाव होता है। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक के पूरे दिन को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है, जिसका एक हिस्सा राहुकाल कहलाता है। यह अवधि लगभग 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे की होती है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राहु एक छाया ग्रह है जिसके पास अमृत मंथन के समय से ही भगवान विष्णु के चक्र द्वारा कटा हुआ सिर है। राहु को तामसिक और भ्रम पैदा करने वाली ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। राहुकाल के दौरान ब्रह्मांड में राहु की नकारात्मक शक्तियां अत्यधिक सक्रिय हो जाती हैं। यही कारण है कि इस समय में शुरू किया गया कोई भी नया काम, व्यापार, गृह प्रवेश या मांगलिक कार्य अक्सर बाधाओं से घिर जाता है या असफल हो जाता है।

आज 8 जुलाई 2026 को राहुकाल और अन्य अशुभ समय की सटीक टाइमिंग

बुधवार के दिन राहुकाल का समय दिन के मध्य भाग में आता है। रायपुर के अक्षांश और आज के सूर्योदय के समय के अनुसार आज का राहुकाल इस प्रकार रहेगा।

  • राहुकाल का समय: दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इस 1 घंटे 44 मिनट की अवधि में किसी भी नए काम की शुरुआत बिल्कुल न करें।
  • यमगंड काल: सुबह 07 बजकर 30 मिनट से सुबह 09 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। यह समय भी धन और यात्रा से जुड़े कार्यों के लिए वर्जित है।
  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 58 मिनट से दोपहर 01 बजकर 51 मिनट तक और इसके बाद दोपहर 03 बजकर 38 मिनट से शाम 04 बजकर 32 मिनट तक रहेगा।

क्या राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त एक साथ होने पर शुभ कार्य किया जा सकता है

शास्त्रों में यह एक बेहद गंभीर और विचारणीय प्रश्न माना गया है। आज 8 जुलाई 2026 को भी लगभग ऐसी ही स्थिति बन रही है जब दोपहर में अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का समय एक-दूसरे के बेहद करीब आ रहे हैं। ज्योतिषीय नियमों के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे शक्तिशाली और शुभ मुहूर्त माना जाता है जिसे बेहद फलदायी समझा जाता है।

परंतु, जब भी राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय आपस में टकराता है या एक ही कालखंड में पड़ता है, तो राहुकाल की नकारात्मकता अभिजीत मुहूर्त के शुभ प्रभावों को दूषित कर देती है। ऐसी स्थिति में विद्वानों का स्पष्ट मत है कि जातक को अभिजीत मुहूर्त का विचार छोड़कर राहुकाल के समाप्त होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए। राहुकाल के दौरान अभिजीत मुहूर्त में भी शुभ कार्य शुरू करने से बचना ही सबसे सुरक्षित और फलदायी माना गया है।

आज का संपूर्ण पंचांग एवं शुभ-अशुभ मुहूर्त विवरण

पंचांग और मुहूर्त तत्वआज 8 जुलाई 2026 का सटीक समय और विवरण
विक्रम संवत / शक संवत2083 सिद्धार्थि / 1948 पराभव
मास और पक्षआषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष
आज की तिथिअष्टमी तिथि दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक, तत्पक्षात नवमी तिथि
आज का नक्षत्ररेवती नक्षत्र शाम 04 बजकर 00 मिनट तक, तत्पक्षात अश्विनी नक्षत्र
आज का योगअतिगण्ड योग दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक, तत्पक्षात सुकर्मा योग
आज का करणकौलव करण दोपहर तक, उसके बाद तैतिल और गर करण
सूर्योदय और सूर्यास्त (रायपुर)सूर्योदय: सुबह 05 बजकर 30 मिनट | सूर्यास्त: शाम 07 बजकर 23 मिनट
राहुकाल (अशुभ समय)दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक
यमगंड काल (अशुभ समय)सुबह 07 बजकर 30 मिनट से सुबह 09 बजकर 14 मिनट तक
दुर्मुहूर्त (अशुभ समय)दोपहर 12:58 से 01:51 तक एवं दोपहर 03:38 से शाम 04:32 तक
ब्रह्म मुहूर्त (शुभ समय)सुबह 04 बजकर 14 मिनट से सुबह 05 बजकर 02 मिनट तक
अमृत काल (शुभ समय)सुबह 07 बजकर 16 मिनट से सुबह 08 बजकर 56 मिनट तक
विजय मुहूर्त (शुभ समय)दोपहर 02 बजकर 35 मिनट से दोपहर 03 बजकर 28 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त (शुभ समय)शाम 07 बजकर 10 मिनट से शाम 07 बजकर 34 मिनट तक

राहुकाल में क्या करें और क्या न करें: नियम और सावधानियां

राहुकाल के समय को लेकर आम लोगों में कई भ्रांतियां होती हैं। शास्त्रों के अनुसार इस समय में कुछ विशेष सावधानियां रखनी जरूरी हैं।

किन चीजों को करने से पूरी तरह बचें

  • नए व्यापार की शुरुआत, नई दुकान का उद्घाटन या व्यावसायिक सौदों पर हस्ताक्षर आज राहुकाल के दौरान बिल्कुल न करें।
  • सोने के आभूषण, भूमि, मकान या नया वाहन खरीदने की शुरुआत इस समय में टाल देनी चाहिए।
  • सगाई, विवाह की बातचीत या कोई भी मांगलिक अनुष्ठान इस अवधि में शुरू न करें।
  • महत्वपूर्ण यात्राओं की शुरुआत राहुकाल के दौरान करने से दुर्घटना या मानसिक तनाव की संभावना बढ़ती है।

राहुकाल में क्या चीजें की जा सकती हैं

  • जो कार्य पहले से चल रहे हैं या नियमित दिनचर्या का हिस्सा हैं, उन्हें राहुकाल में रोकने की कोई आवश्यकता नहीं है, वे निरंतर किए जा सकते हैं।
  • राहुकाल का समय आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। इस समय में की गई ईश्वर की भक्ति राहु के दोष को शांत करती है।
  • यदि कोई बहुत जरूरी काम आ ही जाए जिसे टाला नहीं जा सकता, तो हनुमान चालीसा का पाठ करके या थोड़ा सा दही-चीनी खाकर घर से निकल सकते हैं।

आज का धार्मिक महत्व और विशेष मंत्र साधना

आज बुधवार का दिन होने के कारण विघ्नहर्ता भगवान गणेश और बुद्धि के देवता बुध ग्रह की पूजा का विशेष विधान है। आज आषाढ़ कृष्ण अष्टमी होने के कारण मां दुर्गा की आराधना का भी महत्व है। आज के दिन किए गए दान और मंत्र जाप से कुंडली के कई दोष समाप्त होते हैं।

  • आज का मूल मंत्र: ॐ बुं बुधाय नमः। इस मंत्र का आज नियमित रूप से 25 बार पाठ करना आपकी तार्किक क्षमता को मजबूत करेगा।
  • किस ग्रह के मंत्र का जाप रहेगा लाभदायी: आज के दिन बुध देव और छाया ग्रह राहु-केतु की शांति के लिए भगवान शिव के मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करना सबसे उत्तम रहेगा। इस मंत्र का आज शांत मन से 108 बार जाप करें। भगवान शिव संसार के समस्त विष और नकारात्मक ऊर्जा को सोखने वाले हैं, इसलिए उनकी पूजा से राहुकाल का दुष्प्रभाव पूरी तरह निष्प्रभावी हो जाता है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह पंचांग और राहुकाल की गणना पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों और प्रामाणिक पंचांग के आंकड़ों पर आधारित है। www.the4thpillar.live इस जानकारी के व्यावहारिक उपयोग और इसके प्रभावों की कोई कानूनी जिम्मेदारी या गारंटी नहीं लेता है। किसी भी विशेष मांगलिक कार्य या सटीक गणना के लिए अपने स्थानीय पुरोहित या प्रमाणित ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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