Big BreakingBusinessChhattisgarhCrimeFeaturedLaw
Trending

पेंड्रा सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी हत्याकांड: लूटा गया सोना-चांदी खरीदने वाला झारखंड का सुनार गिरफ्तार, अब तक आठ आरोपी दबोचे गए

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बहुचर्चित प्रदीप सोनी हत्याकांड और लूटकांड में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में हुई इस खौफनाक वारदात के दौरान लूटे गए चांदी के जेवर खरीदने वाले झारखंड के एक सर्राफा कारोबारी विजय पोद्दार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक किलोग्राम से अधिक (1157 ग्राम) चांदी बरामद की गई है। इस







रायपुर, 23 जून 2026: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा क्षेत्र में हुए सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी हत्याकांड और करीब 50 लाख रुपये के जेवरात की सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस की तफ्तीश में एक और बड़ा अंतरराज्यीय खुलासा हुआ है। कोटमीकला के साप्ताहिक हाट बाजार में घटित इस वारदात के बाद से पुलिस की विशेष टीमें लगातार कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई थीं।

इसी कड़ी में पुलिस ने लूटे गए चांदी के आभूषणों को ठिकाने लगाने वाले और अवैध रूप से जेवर खरीदने वाले झारखंड निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

साप्ताहिक बाजार में सरेराह गोली मारकर की गई थी हत्या

यह पूरा मामला 26 मई 2026 की शाम का है, जिसने पूरे इलाके के व्यापारिक समुदाय को दहला कर रख दिया था। पेंड्रा नगर के रहने वाले 46 वर्षीय सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी कोटमीकला गांव के साप्ताहिक हाट बाजार में अपनी दुकान लगाने गए थे।

शाम के वक्त जब वे अपना कारोबार समेटकर जेवरात से भरा बैग पैक कर रहे थे, तभी पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए तीन नकाबपोश लुटेरों ने उनसे बैग छीनने की कोशिश की।

प्रदीप सोनी द्वारा डटकर विरोध किए जाने पर लुटेरों ने भीड़भाड़ वाले बाजार के बीचों-बीच उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से लहूलुहान होकर प्रदीप सोनी वहीं गिर पड़े और आरोपी जेवरों से भरा बैग लेकर फरार हो गए।

अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस नृशंस हत्याकांड के विरोध में स्थानीय व्यापारियों ने जिला बंद रखकर और कैंडल मार्च निकालकर भारी आक्रोश जताया था, जिसके बाद थाना पेंड्रा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

तकनीकी साक्ष्यों से खुला झारखंड और बिहार का कनेक्शन

प्रभारी पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा के कड़े निर्देशन में गठित पुलिस की विशेष टीमों ने मामले की पड़ताल के लिए तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों के जाल का सहारा लिया।

पुलिस ने सबसे पहले इस वारदात को अंजाम देने वाले सात शातिर आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से घेराबंदी करके गिरफ्तार किया था।

इन आरोपियों से कड़ाई से की गई पूछताछ में यह बात सामने आई कि मुख्य आरोपियों में शामिल मनीष मंडल ने लूटी गई चांदी का एक बड़ा हिस्सा झारखंड के मोहनपुर क्षेत्र स्थित घाघरा मोड़ के रहने वाले सुनार विजय पोद्दार को बेच दिया था।

इस इनपुट के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम को तुरंत बिहार और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों के लिए रवाना किया गया।

सुनार के पास से पिघली हुई चांदी और पायल बरामद

झारखंड के मोहनपुर में दबिश देकर पुलिस टीम ने 27 वर्षीय आरोपी विजय पोद्दार (पिता मोहन पोद्दार) को धर दबोचा। पुलिस ने जब आरोपी के ठिकानों पर तलाशी ली, तो उसके कब्जे से भारी मात्रा में लूटी गई चांदी बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के पास से:

  • 957 ग्राम पिघली हुई चांदी (सिल्वर ब्रिक)
  • 3 जोड़ी चांदी की पायल (वजन 194 ग्राम)

इस प्रकार आरोपी के पास से कुल 1157 ग्राम (1.15 किलोग्राम से अधिक) चांदी जब्त की गई है। आरोपी विजय पोद्दार को गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ लाया गया है, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं सात अन्य आरोपी

इस अंतरराज्यीय गिरोह के सात आरोपी पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, जो छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों से ताल्लुक रखते हैं। पूर्व में पकड़े गए आरोपियों की सूची इस प्रकार है:

  1. खुशीराम साहू – निवासी बिटकुला, थाना सीपत, जिला बिलासपुर
  2. राजाराम साहू – निवासी बिटकुला, थाना सीपत, जिला बिलासपुर
  3. गया प्रसाद रजक – निवासी करौंदानार देवरीखुर्द, चौकी कोटमीकला, थाना पेंड्रा
  4. मनीष मंडल उर्फ राहुल – निवासी विजयनगर, जिला बांका, बिहार
  5. सुजीत कुमार उर्फ सरगुन कुमार उर्फ राजू दास – निवासी कठचातर, जिला बांका, बिहार
  6. संतोष कुमार दास – निवासी कोरियाना, जिला गोड्डा, झारखंड
  7. श्रेयांश शुक्ला – निवासी बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लूटे गए सोने के आभूषणों और शेष संपत्ति की शत-प्रतिशत बरामदगी के लिए जांच के अन्य पहलुओं की भी बेहद गहराई से पड़ताल की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस संगीन अपराध की साजिश रचने या लुटेरों को किसी भी रूप में मदद देने वाले हर एक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

 

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button