छठ सिर्फ पर्व नहीं, जन-विश्वास का उत्सव है: पुरंदर मिश्रा

भीगे कदम, दौना हाथों में और चेहरे पर विश्वास – विधायक मिश्रा ने साझा की श्रद्धा की अनुभूति





रायपुर । समता कॉलोनी के आमा तालाब में छठ महापर्व की भोर आज कुछ अलग ही दृश्य लेकर आई। जल में डूबते-उतरते दीपों के बीच, लहरों पर चलती आस्था की नाव पर विधायक पुरंदर मिश्रा स्वयं सूर्योदय से पहले उपस्थित हुए। पांच बजे की ठंडी हवा में जब व्रती सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर रहे थे, ठीक उसी समय नाव पर सवार विधायक उनके बीच पहुँचकर शुभकामनाओं की रोशनी लेकर आए।

भीगे कदम, हाथों में दौना और चेहरे पर विश्वास की चमक। वातावरण ऐसा कि मानो सूरज की पहली किरण हर मनोकामना को सुनने के लिए उतावली हो। विधायक मिश्रा ने छठी मैया से क्षेत्र के हर परिवार के जीवन में समृद्धि और खुशियाँ बरसाने की कामना की। उनकी खुशी इस बात से भी झलक रही थी कि इतनी बड़ी संख्या में उपासक अपने धर्म और संस्कृति के प्रति समर्पित भाव से उपस्थित रहे।

तालाब किनारों से लेकर नाव तक हर जगह जयघोष और भक्ति का सुर गूंज रहा था। हर श्रद्धालु के चेहरे पर गर्व था कि उनका त्योहार न सिर्फ परंपराओं को जोड़ता है, बल्कि जनप्रतिनिधियों को भी जन-आस्था से सीधा जोड़ देता है। आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाज के प्रमुख पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।

कार्यक्रम में भाजपा जवाहर नगर मंडल अध्यक्ष संदीप जांघेल, बढ़ाई समाज अध्यक्ष एवं मंडल महामंत्री रमेश शर्मा, तात्यापारा वार्ड पार्षद श्वेता विश्वकर्मा, भाजयुमो जिला महामंत्री अर्पित सूर्यवंशी, जिला उपाध्यक्ष अश्वनी विश्वकर्मा, गुरमीत सिंह, शंकर शर्मा, सूरज शर्मा, दिनेश शर्मा, प्रनीत जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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