Big BreakingChhattisgarhFeaturedPoliticsरायपुर
Trending

शिक्षा में निवेश, आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी: उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा

बलौदाबाजार विधानसभा के स्कूलों के लिए 1.85 करोड़ स्वीकृत, खनिज न्यास निधि (DMF) से संवरेगा नौनिहालों का भविष्य।







रायपुर । छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बच्चों को सुरक्षित शैक्षणिक माहौल देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से विभिन्न विकास कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत बलौदाबाजार और सिमगा विकासखंड के कई स्कूलों में नए किचन शेड, अतिरिक्त कक्षाएं और प्रार्थना शेड बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही मूलभूत सुविधाओं की कमी दूर होगी।

​गौरतलब है कि जिले के कई सरकारी स्कूल लंबे समय से बैठक व्यवस्था (स्थान की कमी), मध्याह्न भोजन (Mid-day Meal) पकाने के लिए सुरक्षित जगह और खराब मौसम के दौरान प्रार्थना में होने वाली व्यावहारिक समस्याओं से जूझ रहे थे। डीएमएफ से स्वीकृत ये नए कार्य न केवल इन कमियों को दूर करेंगे, बल्कि स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और ग्रामीण स्तर पर शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के स्कूलों के कायाकल्प के लिए जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से चरणबद्ध तरीके से स्वीकृतियां जारी की गई हैं। इसके तहत जून माह में सिमगा विकासखंड के परसवानी और भालेसुर में प्रार्थना शेड के लिए 20 लाख रुपये तथा फूलवारी व तिल्दाबांधा प्राथमिक शालाओं में अतिरिक्त कमरों के लिए 20 लाख रुपये मंजूर किए गए। वहीं बलौदाबाजार विकासखंड के चिचोली, मगरवाय, केशडबरी, खम्हरिया-चापा और धवई के स्कूलों में कुल 25 लाख रुपये की लागत से पांच किचन शेड तथा करमनडीह व खम्हरिया यदु में कमरों के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत हुए। बुनियादी ढांचे को और मजबूत करते हुए जुलाई माह में दोनों विकासखंडों के 10 गांवों (चंडी, फरहदा, केपली, मटिया, रवेली, भाटागांव, खैरघटा, कोलियारी, कुकुरदी और मगरवाय) के स्कूलों में दो-दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई, जिससे बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर स्थान मिल सकेगा।

इस महत्वपूर्ण सौगात पर प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का विजन सिर्फ भवनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि सुदूर गांवों तक ऐसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है, जो बच्चों के लिए शिक्षा के मार्ग को सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक बना सकें। डीएमएफ की राशि का असली हकदार स्थानीय समाज है। हमारी सरकार खनिज प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए इस पैसे का सीधा लाभ वहां के बच्चों तक पहुंचा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया जा रहा यह निवेश असल में आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के निर्माण में निवेश है। जब बच्चों को बैठने के लिए अच्छे कमरे, मध्याह्न भोजन के लिए स्वच्छ किचन और प्रार्थना के लिए व्यवस्थित शेड मिलेगा, तो स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में बड़ा सकारात्मक बदलाव दिखाई देगा।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button