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5 जुलाई 2026 दैनिक पंचांग: जानिए रविवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल का समय और आज की तिथि का धार्मिक महत्व

आज आषाढ़ कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर शतभिषा नक्षत्र का विशेष संयोग, जानिए आज का राहुकाल समय और अभिजित मुहूर्त में कार्य करने के जरूरी नियम।







रायपुर, 05 जुलाई 2026।

राहुकाल क्या होता है और क्यों इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं

सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में समय की शुद्धि को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल दिन का वह विशिष्ट समय होता है जिस पर क्रूर ग्रह राहु का आधिपत्य रहता है। राहु को एक छाया ग्रह माना गया है जो मानसिक भ्रम, तामसिक ऊर्जा और विघ्न-बाधाओं का कारक है। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक के पूरे दिन को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है, जिसमें से एक भाग राहुकाल कहलाता है। यह अवधि प्रतिदिन लगभग 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे की होती है।

राहुकाल के दौरान ब्रह्मांड में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है। इस समय किए गए कार्यों में सफलता की संभावना बेहद कम होती है और मानसिक भटकाव के कारण गलत निर्णय होने का खतरा रहता है। यही कारण है कि इस अवधि में किसी भी नए व्यवसाय की शुरुआत, गृह प्रवेश, विवाह वार्ता, या धन के बड़े लेन-देन जैसे मांगलिक कार्यों को शुरू करने की सख्त मनाही होती है।

आज 5 जुलाई 2026 का विस्तृत दैनिक पंचांग

वैदिक ज्योतिष गणना के अनुसार आज 5 जुलाई 2026, दिन रविवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। यह पंचमी तिथि दोपहर 01 बजकर 27 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ हो जाएगा।

पंचांग तत्वविवरण
तिथिपंचमी (दोपहर 01:27 तक, तत्पश्चात षष्ठी)
नक्षत्रशतभिषा (दोपहर 02:59 तक, तत्पश्चात पूर्वाभाद्रपद)
योगआयुष्मान (शाम 04:35 तक, तत्पश्चात सौभाग्य)
करणतैतिल (दोपहर 01:27 तक, तत्पश्चात गर)
सूर्योदयसुबह 05:30 बजे
सूर्यास्तशाम 07:13 बजे
चंद्र राशिकुंभ राशि (स्वामी: शनिदेव)

आज चंद्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में संचार करेंगे, जिसके स्वामी ग्रह न्याय के देवता शनिदेव हैं।

आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त का समय

शुभ कार्यों को संपन्न करने के लिए शुभ मुहूर्त का चयन करना लाभदायक रहता है, वहीं अशुभ मुहूर्तों में यात्रा और नए कार्यों से बचना चाहिए।

मुहूर्त का प्रकारसमय अवधि
अभिजित मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ शुभ)सुबह 11:54 से दोपहर 12:49 तक
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 04:59 से सुबह 05:47 तक
अमृत कालरात्रि 08:05 से रात्रि 09:52 तक
राहुकाल (वर्जित समय)शाम 05:30 से शाम 07:13 तक
यमगण्ड कालदोपहर 12:22 से दोपहर 02:05 तक
गुलिक कालदोपहर 03:47 से शाम 05:30 तक

राहुकाल में क्या करें और किन कार्यों से पूरी तरह बचें

राहुकाल की अवधि में कुछ विशेष सावधानियां रखना अनिवार्य माना गया है ताकि जीवन में किसी भी प्रकार के आकस्मिक संकट से बचा जा सके।

क्या न करेंक्या करें
नया वाहन, भूमि या मकान की खरीदारीपहले से चले आ रहे नियमित कार्यों को जारी रखना
व्यावसायिक अनुबंध या समझौते पर हस्ताक्षरभगवान शिव की मानसिक पूजा और आराधना
विवाह वार्ता या मांगलिक कार्य तय करनाहनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करना
नए वित्तीय निवेश की शुरुआत करनाराहु शांति के मंत्रों का मानसिक जाप
लंबी दूरी की यात्रा का आरंभ करनाजरूरतमंदों को अपनी क्षमता अनुसार दान देना

यदि राहुकाल और अभिजित मुहूर्त एक साथ आ जाएं तो क्या करें

ज्योतिष प्रेमियों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि यदि दिन का सबसे शुभ मुहूर्त यानी अभिजित मुहूर्त और सबसे अशुभ समय यानी राहुकाल एक ही समय पर पड़ जाएं, तो क्या करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, अभिजित मुहूर्त को साक्षात भगवान विष्णु का वरदान प्राप्त है और यह सभी प्रकार के दोषों को नष्ट करने की क्षमता रखता है।

हालांकि, जब दोनों काल एक साथ आ जाएं तो विद्वानों का मत है कि सामान्य नागरिकों को उस समय नए और अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों को टाल देना चाहिए। यदि कोई कार्य बेहद अपरिहार्य हो और उसे रोकना संभव न हो, तो अभिजित मुहूर्त का आश्रय लेकर, भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चने के बाद ही कार्य की शुरुआत करनी चाहिए। आज यानी 5 जुलाई 2026 को ऐसी स्थिति नहीं है, क्योंकि अभिजित मुहूर्त दोपहर में है और राहुकाल शाम के समय प्रभावी रहेगा।

आज रविवार का धार्मिक महत्व और विशेष उपाय

आज रविवार का दिन है और यह दिन प्रत्यक्ष देवता सूर्य नारायण को समर्पित होता है। आषाढ़ मास के रविवार का आध्यात्मिक रूप से बहुत बड़ा महत्व है। आज के दिन शतभिषा नक्षत्र का योग होने से इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

आज के दिन तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य देना मान-सम्मान और आरोग्य की प्राप्ति कराता है। आज सूर्य देव की कृपा पाने के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना या ओम घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप करना जीवन के सभी संकटों का नाश करता है। आज के दिन गेहूं, गुड़, और तांबे की वस्तुओं का दान करना कुंडली में आत्मबल को मजबूत बनाता है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार और पंचांग की जानकारियां पारंपरिक वैदिक ज्योतिष, खगोलीय गणनाओं और प्रचलित धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। किसी भी मुहूर्त, पूजा या अनुष्ठान को बड़े पैमाने पर क्रियान्वित करने से पहले अपने क्षेत्र के योग्य और प्रामाणिक ज्योतिषाचार्य से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें। इस जानकारी की पूर्ण सटीकता या इसके प्रभाव के लिए www.the4thpillar.live किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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