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विधायक भावना बोहरा ने सदन में उठाया नल-जल योजना की धीमी गति और महिला श्रमिकों के हितों का मुद्दा,पूछा- उद्योगों में कब मिलेगा स्थानीय युवाओं को 70% रोजगार?

नल-जल योजना में छत्तीसगढ़ 24वें स्थान पर, गर्मी में पेयजल संकट से निपटने की तैयारियों पर मांगी रिपोर्ट।



रायपुर । विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने जनहित के मुद्दों को पूरी प्रखरता के साथ सदन के पटल पर रखा। विधायक बोहरा ने प्रदेश में पेयजल की स्थिति, स्थानीय युवाओं के रोजगार, कबीरधाम जिले में उद्योगों को प्रोत्साहन और महिला श्रमिकों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार से तीखे सवाल पूछे और जवाब मांगे।

​विधायक भावना बोहरा ने प्रदेश में ‘नल-जल योजना’ की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि राज्य लक्ष्य पूर्ति में किस स्थान पर है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने लिखित उत्तर में स्वीकार किया कि छत्तीसगढ़ वर्तमान में देश में 24वें स्थान पर है और अभी तक किसी भी जिले में योजना पूर्ण नहीं हुई है।

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आगामी ग्रीष्मकाल में जल संकट से निपटने के लिए विधायक के प्रयासों के फलस्वरूप विभाग ने जानकारी दी कि:

  • 15 मार्च से 15 अप्रैल तक विशेष हैंडपंप संधारण अभियान चलाया जाएगा।
  • ​नगरीय निकायों को पेयजल व्यवस्था हेतु लगभग 18.03 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
  • ​खराब हैंडपंपों के सुधार और राईजर पाइप बढ़ाने के लिए तकनीकी टीमों को तैनात किया गया है।

​कबीरधाम जिले में औद्योगिक विकास को लेकर पूछे गए सवाल पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने बताया कि जिले में वर्तमान में 102 लघु और 01 मध्यम उद्योग संचालित हैं। भावना बोहरा ने ‘इन्वेस्टर कनेक्ट समिट’ के माध्यम से हुए 5,51,524.87 करोड़ के एमओयू (MoU) की जमीनी हकीकत पर भी सवाल किए। उन्होंने पुरजोर तरीके से यह मुद्दा उठाया कि क्या नई औद्योगिक नीति के तहत स्थानीय युवाओं को 70% रोजगार देने के नियम का पालन हो रहा है, जिस पर विभाग ने 167 निरीक्षणों का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट की ।

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​महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाते हुए भावना बोहरा ने महिला श्रमिकों के वेतन, भत्ते और कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायतों का मुद्दा उठाया। सदन में जानकारी दी गई कि विगत दो वर्षों में 289 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 250 का निराकरण किया गया है। विधायक ने महिला श्रमिकों के लिए विशेष हेल्पलाइन या ऑनलाइन पोर्टल की अनुपलब्धता पर भी ध्यान आकर्षित किया।

​विधायक बोहरा ने रायपुर की सड़कों पर लगे विज्ञापन पोल से होने वाली आय का ब्यौरा भी मांगा। उत्तर में बताया गया कि नगर पालिक निगम रायपुर को विज्ञापन पोल के माध्यम से 9 फरवरी 2026 तक 19.90 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है, जो निविदा प्रक्रिया के माध्यम से संचालित है।

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विधायक भावना बोहरा ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य प्रदेश के विकास में पारदर्शिता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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