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झटकों से उबर रहे अडानी, आज 10 के 10 स्टॉक्स में लौटी तेजी







अमेरिका से घूसकांड को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद अडानी के शेयरों का बुरा हाल हो गया था. अडानी तमाम शेयर गिरते चलते गए.  खबर आने के कुछ ही घंटों बाद अडानी के शेयरों का मार्केट कैप 2.53 लाख करोड़ रुपये तक गिर गया. अडानी स्टॉक्स 23 फीसदी तक गिर गए थे. इल खबर को लेकर विपक्ष ने सड़क से लेकर संसद तक महंगा मचा दिया, लेकिन जब सोमवार को बाजार का मूड बदलते ही अडानी के शेयरों की चाल भी बदल गई. भले ही सोमवार को अडानी के शेयरों में तेजी लौटी हो, लेकिन उनकी मुश्किलें इतनी आसानी से कम होती नहीं दिख रही है. संसद में विपक्ष अडानी मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है. वहीं केन्या में उनके हाथों से बड़ी डील निकल गई. बांग्लादेश से भी उनके लिए कुछ अच्छी खबर नहीं आ रही है. वहां भी अडानी डील की जांच की जाएगी.

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संसद के शीतकालीन सत्र के शुरुआत के साथ ही संसद में विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया. विपक्षी दलों ने संसद में अडानी मामले को लेकर हंगामा किया है.  विपक्ष ने संसद में अडानी मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की. हंगामा के बाद सत्र को स्थगित कर दिया. वहीं सोमवार को बाजार में लौटी तेजी का असर अडानी के शेयरों पर भी दिखा. अडानी ग्रुप के सभी शेयरों में तेजी दिख रही है. सबसे ज्यादा तेजी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में देखने को मिल रही है.

सोमवार को अडानी के शेयरों में तेजी लौटी.  ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 4% बढ़कर 2,319.90 रुपये पर पहुंच गए. अडानी एनर्जी के शेयर लगभग 7% बढ़कर 694.15 रुपये पर पहुंच गए.  अडानी पोर्ट्स और अडानी पावर के शेयरों में भी 4.6 फीसदी की तेजी आई तो वहीं अडानी ग्रीन एनर्जी में 6.4 फीसदी की बढ़त देखने को मिली. इसी तरह से अडानी टोटल गैस के शेयरों में 5% की तेजी आई. अडानी के बाकी शेयरों में भी तेजी दिखी.

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अमेरिकी न्याय विभाग ने गौतम अडानी समेत 7 के खिलाफ रिश्वतखोरी, फ्रॉड और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया.  उनपर आरोप लगा कि अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और एज्योर पावर को किए सोलर एनर्जी डील के लिए उन्होंने साल 20202-24 के बीच भारतीय अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर की रिश्वत दी

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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