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पंचांग और राहुकाल विशेष: 30 जून 2026 को इस समय रहेगा भयंकर राहुकाल, भूलकर भी न करें ये शुभ कार्य

आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा पर जानिए राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का महासंयोग, इस समय किए गए नए कार्य दे सकते हैं भारी मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान।





रायपुर, 30 जून 2026 : वैदिक ज्योतिष और पंचांग के अनुसार किसी भी नए कार्य, व्यापार, गृह प्रवेश या मांगलिक अनुष्ठान को शुरू करने से पहले शुभ और अशुभ घड़ी का विचार करना बेहद अनिवार्य माना गया है। आज 30 जून 2026 का पंचांग ग्रहों की विशेष स्थितियों को दर्शा रहा है। आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है और दिन मंगलवार है। आज के दिन राहुकाल और शुभ मुहूर्त का समय बेहद खास रहने वाला है, जिसके बारे में सही जानकारी होना हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है।

राहुकाल क्या होता है और क्यों लगता है

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल दिन का वह विशिष्ट समय होता है जिसे अत्यंत अशुभ माना जाता है। राहु को एक छाया ग्रह माना गया है जो व्यक्ति की बुद्धि को भ्रमित करने और कार्यों में बाधा उत्पन्न करने के लिए जाना जाता है। खगोलीय और ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक के पूरे दिन को आठ बराबर भागों में विभाजित किया जाता है। इन आठ भागों में से एक भाग पर पापी ग्रह राहु का आधिपत्य होता है। इसी विशेष कालखंड को राहुकाल कहा जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल के दौरान राहु की नकारात्मक ऊर्जा अपने चरम पर होती है। इस समय ब्रह्मांड से आने वाली सकारात्मक तरंगें कमजोर पड़ जाती हैं। यही कारण है कि इस अशुभ अवधि में किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। यदि इस समय कोई नया व्यवसाय, विवाह, गृह प्रवेश या धन का बड़ा लेन-देन शुरू किया जाता है, तो उसमें असफलता, मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान की आशंका बहुत अधिक बढ़ जाती है।

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राहुकाल में क्या करें और क्या न करें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल के समय कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। इस अवधि में नए व्यापार की शुरुआत, नए वाहन की खरीदारी, भूमि या मकान का सौदा, सोने-चांदी के आभूषणों की खरीद और किसी महत्वपूर्ण अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर हस्ताक्षर करने जैसे कार्यों को पूरी तरह से रोक देना चाहिए। इस समय लंबी दूरी की यात्रा की शुरुआत करने से भी बचना चाहिए क्योंकि दुर्घटना या यात्रा में व्यवधान आने की संभावना बनी रहती है।

हालांकि राहुकाल में पहले से चल रहे नियमित कार्यों को जारी रखने में कोई मनाही नहीं होती है। इस समय नए कार्यों की शुरुआत वर्जित है, लेकिन चल रहे काम को बंद करने की आवश्यकता नहीं होती। इस अशुभ समय में आप भगवान विष्णु, हनुमान जी या शिव जी की मानसिक आराधना कर सकते हैं। राहु के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए इस कालखंड में राहु मंत्र का जाप करना या हनुमान चालीसा का पाठ करना बेहद फलदायी माना जाता है।

अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का महासंयोग

कई बार लोगों के मन में यह बड़ा भ्रम पैदा होता है कि यदि किसी दिन राहुकाल और दिन का सबसे शुभ माना जाने वाला अभिजीत मुहूर्त एक साथ पड़ जाए, तो क्या शुभ कार्य किए जा सकते हैं। ज्योतिषीय सिद्धांतों के अनुसार अभिजीत मुहूर्त को भगवान विष्णु का वरदान प्राप्त है। इसे सभी दोषों को नष्ट करने वाला एकमात्र सबसे शक्तिशाली मुहूर्त माना गया है।

शास्त्रों के अनुसार यदि किसी अनिवार्य परिस्थिति में कोई बेहद महत्वपूर्ण कार्य करना ही पड़े और उस समय राहुकाल के साथ-साथ अभिजीत मुहूर्त भी चल रहा हो, तो अभिजीत मुहूर्त की शक्ति राहुकाल के नकारात्मक प्रभाव को पूरी तरह से दबा देती है। ऐसी स्थिति में अभिजीत मुहूर्त के दौरान शुभ कार्य की शुरुआत की जा सकती है।

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हालांकि ज्योतिषविद यह सलाह देते हैं कि यदि संभव हो तो राहुकाल के समाप्त होने की प्रतीक्षा करना ही सबसे उत्तम और सुरक्षित मार्ग होता है। विशेष रूप से बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त में भी शुभ कार्य वर्जित होते हैं क्योंकि बुधवार को अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का टकराव सबसे ज्यादा नकारात्मक माना जाता है, लेकिन आज मंगलवार होने के कारण विपरीत परिस्थिति में इसका लाभ लिया जा सकता है।

30 जून 2026 का विस्तृत पंचांग

  • तारीख और दिन: 30 जून 2026, मंगलवार
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी शक संवत: 1948)
  • मास और पक्ष: आषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष
  • तिथि: प्रतिपदा तिथि (सुबह 05:26 बजे से शुरू होकर अगले दिन 01 जुलाई की सुबह 07:38 बजे तक)
  • नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (सुबह 04:03 बजे से अगले दिन सुबह 06:51 बजे तक)
  • योग: ब्रह्म योग (दोपहर 03:18 बजे तक, इसके बाद इंद्र योग का आरंभ)
  • करण: बालव करण (शाम 06:33 बजे तक, इसके बाद कौलव करण)
  • सूर्य और चंद्र स्थिति: सूर्य वर्तमान में मिथुन राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा आज पूरा दिन और रात धनु राशि में संचार करेंगे।

आज के शुभ मुहूर्त का समय

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक (यह दिन का सबसे शुभ समय है)
  • अमृत काल: मध्यरात्रि के बाद 01:28 बजे से तड़के 03:15 बजे तक
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:54 बजे से सुबह 04:42 बजे तक
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आज के अशुभ मुहूर्त का समय

  • राहुकाल: दोपहर 03:51 बजे से शाम 05:35 बजे तक (इस समय शुभ कार्य पूरी तरह वर्जित रहेंगे)
  • यमगण्ड मुहूर्त: सुबह 08:44 बजे से सुबह 10:25 बजे तक
  • गुलिक काल: दोपहर 12:24 बजे से दोपहर 02:08 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 06:42 बजे से सुबह 07:36 बजे तक

आज का विशेष धार्मिक महत्व

आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जिसे हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना गया है। आज से ही आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष के नियमों की शुरुआत होती है। मंगलवार का दिन होने के कारण आज का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। आज के दिन हनुमान जी के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

आज के दिन सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करने से जीवन के सभी बड़े संकट दूर हो जाते हैं। जो लोग आज के दिन उपवास रखते हैं और हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाते हैं, उनके जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है और कुंडली में मंगल ग्रह से जुड़े सभी प्रकार के दोष पूरी तरह समाप्त हो जाते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार पंचांग की गणनाओं, धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक ज्योतिषीय स्रोतों पर आधारित है। www.the4thpillar.live इसके पूर्ण सत्य या अचूक होने का दावा नहीं करता है। किसी भी मुहूर्त, समय या धार्मिक उपाय को अपने व्यक्तिगत जीवन में लागू करने से पहले संबंधित क्षेत्र के किसी योग्य विद्वान, पंडित या ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें। किसी भी प्रकार की त्रुटि, असुविधा या हानि के लिए संस्थान जिम्मेदार नहीं होगा।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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