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बीमारी और अनिष्ट का खौफ दिखाकर 15 लाख की ठगी करने वाले ‘ढोंगी साधु’ गिरफ्तार, रायपुर पुलिस ने ग्वालियर से दबोचा

बीमारी ठीक करने का झांसा और मौत का खौफ दिखाकर महिला से ठगे 15 लाख के आभूषण, गंज पुलिस ने मध्य प्रदेश से दबोचा।



रायपुर। घरेलू कलह और बीमारी दूर करने का झांसा देकर पूजा-पाठ के नाम पर लाखों रुपये के जेवरात ठगने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गंज थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्वालियर (मध्य प्रदेश) निवासी मुख्य आरोपी और उसके एक नाबालिग साथी (विधि से संघर्षरत बालक) को हिरासत में ले लिया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग 3 लाख रुपये कीमत के 17 ग्राम सोने के जेवरात तथा वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन जब्त किया गया है।

पुलिस के अनुसार, जयलक्ष्मी कॉम्प्लेक्स (फाफाडीह) निवासी प्रार्थी जसवंत परमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता के मुताबिक, मार्च 2026 में तीन अज्ञात व्यक्ति साधु के वेश में उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने महिला की बीमारी, आंखों की समस्या और घरेलू परेशानियों के बारे में सटीक बातें कहकर उसका अंधविश्वास जीत लिया।

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​संकट निवारण और विशेष पूजा का झांसा देकर ठगों ने पहली बार में सोने की अंगूठी व नकदी ले ली। इसके बाद वे लगातार 10-12 दिनों के अंतराल में आते रहे और पूजा के बाद जेवरात लौटाने का दावा कर सोने की चेन सहित अन्य कीमती आभूषण ऐंठते चले गए। आरोपियों ने महिला को धमकाया था कि यदि उसने इस बारे में परिवार में किसी को भी बताया, तो परिजनों की अकाल मृत्यु हो जाएगी और भारी अनिष्ट होगा। इस खौफ के चलते पीड़िता लंबे समय तक चुप रही।

सितंबर 2026 से आरोपी फोन कर पीड़िता पर और अधिक नकदी व सोने की मांग का दबाव बनाने लगे। लगातार हो रही मांग और जेवरात वापस न मिलने पर महिला को ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद परिजनों ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। शातिरों ने पीड़िता से लगभग 15 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी की ठगी कर ली थी। मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला और सीएसपी दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में गंज थाना प्रभारी निरीक्षक दीपक पासवान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस मध्य प्रदेश के ग्वालियर पहुंची और घेराबंदी कर मुख्य आरोपी गुरुदयाल सिंह उर्फ दल्लू (22 वर्ष, निवासी नूरगंज सेवा नगर, ग्वालियर) तथा उसके एक नाबालिग साथी को हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपने भाई और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस संगठित ठगी को अंजाम देना कबूल किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 17 ग्राम सोना व मोबाइल बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के बाकी फरार सदस्यों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है और यह भी जांचा जा रहा है कि आरोपियों ने शहर या आसपास के इलाकों में ऐसी कितनी अन्य वारदातों को अंजाम दिया है।

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Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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