AdministrationBig BreakingChhattisgarhCrimeFeaturedLawPolice
Trending

छत्तीसगढ़ में ‘ऑपरेशन आघात’ से हिला ड्रग नेटवर्क: 3 लग्जरी कारों से करोड़ों का 552 किलो गांजा जब्त, ओडिशा का अंतरराज्यीय सिंडीकेट बेनकाब

छत्तीसगढ़ में जशपुर पुलिस का 'ऑपरेशन आघात'। तीन लग्जरी कारों से करोड़ों रुपये मूल्य का 552 किलो गांजा जब्त। ओडिशा के दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस की चौतरफा नाकेबंदी से हिला ओडिशा का बड़ा सिंडीकेट।







15 जुलाई 2026, रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और चौतरफा कार्रवाई को अंजाम दिया है। ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत मुस्तैद पुलिस टीम ने एक ही दिन में तीन अलग-अलग ठिकानों पर नाकेबंदी कर करोड़ों रुपये मूल्य का 552 किलोग्राम गांजा जब्त करने में सफलता हासिल की है।

इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही तीन आलीशान लग्जरी कारों को भी अपने कब्जे में लिया है। इसके साथ ही ओडिशा से संचालित होने वाले एक बेहद शातिर और बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडीकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो मुख्य तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

मुखबिर की सटीक सूचना पर बिछाया गया पुलिस का चक्रव्यूह

यह पूरी सनसनीखेज कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. लाल उमेद सिंह के कुशल नेतृत्व और सटीक रणनीति के चलते संभव हो सकी। मंगलवार की दोपहर पुलिस को विश्वसनीय मुखबिरों के जरिए एक बेहद पुख्ता खुफिया इनपुट मिला था। सूचना थी कि ओडिशा सीमा की ओर से शातिर तस्करों का एक बड़ा जत्था भारी मात्रा में मादक पदार्थों की खेप लेकर छत्तीसगढ़ के रास्ते देश के अन्य राज्यों की ओर कूच करने की फिराक में है।

इस गंभीर इनपुट के मिलते ही एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बिना वक्त गंवाए पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया। तस्करों के संभावित रूट को ब्लॉक करने के लिए कुनकुरी, नारायणपुर, बगीचा और कांसाबेल जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में पुलिस के विशेष जवानों की तैनाती कर दी गई। इसके बाद आने-जाने वाले सभी संदिग्ध वाहनों की बेहद सघनता से जांच और तलाशी शुरू की गई।

फिल्मी अंदाज में कुनकुरी में नाकेबंदी तोड़कर भागी इनोवा कार

पुलिस की नाकेबंदी के दौरान शाम करीब साढ़े छह बजे कुनकुरी के प्रसिद्ध जय स्तंभ चौक के पास तपकरा की दिशा से आती हुई एक सफेद रंग की तेज रफ्तार इनोवा कार दिखाई दी। चौक पर मुस्तैद पुलिस के जवानों ने कार को रुकने का इशारा किया। लेकिन खुद को पुलिस से घिरा देख कार चालक ने रफ्तार और बढ़ा दी और पुलिस की बैरिकेडिंग व नाकेबंदी को तोड़ते हुए वहां से फिल्मी अंदाज में भाग निकला।

कुनकुरी पुलिस की जांबाज टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और तस्करों की कार का पीछा करना शुरू कर दिया। पुलिस को अपने पीछे इतनी मुस्तैदी से आता देख तस्करों के हौसले पस्त हो गए। अंततः बोड़ोछापर गांव के पास घबराए हुए तस्कर हाईवे के किनारे ही अपनी इनोवा कार को लावारिस छोड़कर घने जंगलों के अंधेरे का फायदा उठाते हुए भागने में सफल रहे।

जब पुलिस टीम ने उस लावारिस छोड़ी गई इनोवा कार की बारीकी से तलाशी ली, तो अधिकारी भी दंग रह गए। कार के भीतर पूरी तरह से प्लास्टिक के बैगों में पैक करके छिपाया गया कुल 311 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता का गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कार समेत गांजे के इस विशाल जखीरे को जब्त कर लिया और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी।

डोड़की नदी के पास बगीचा पुलिस की मुस्तैदी, ब्रेजा कार से एक और बड़ी बरामदगी

ठीक इसी तरह की एक और बड़ी कार्रवाई नारायणपुर और बगीचा थाना क्षेत्र की सीमा पर देखने को मिली। नारायणपुर पुलिस को एक संदिग्ध मारुति ब्रेजा कार पर शक हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उसका पीछा करना शुरू किया। तस्करों ने वहां से भी भागने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन बगीचा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली डोड़की नदी के पास पुलिस ने पहले से ही अभेद्य घेराबंदी कर रखी थी।

डोड़की नदी के पास लगे मजबूत पुलिस नाके को देखकर तस्करों को समझ आ गया कि अब उनका बच निकलना नामुमकिन है। पुलिस को बिल्कुल सामने खड़ा देख तस्कर बीच रास्ते में ही ब्रेजा कार को छोड़कर खेतों और झाड़ियों की तरफ भाग निकले। पुलिस टीम ने जब इस ब्रेजा कार की सघन तलाशी ली, तो उसमें से भी प्लास्टिक की बोरियों में बंद 241 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

ओडिशा के दो शातिर अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य मोहरे

पुलिस की इस चौतरफा नाकेबंदी और मुस्तैदी का सबसे बड़ा नतीजा तब सामने आया जब पुलिस टीम ने घेराबंदी कर ओडिशा के दो बेहद शातिर अंतरराज्यीय तस्करों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सचिंद्र राउत (उम्र 29 वर्ष), निवासी बराखाई गांव (लेपड़ीपाड़ा थाना क्षेत्र, जिला सुंदरगढ़, ओडिशा) और मोहम्मद सगीर (उम्र 26 वर्ष), निवासी मेहताब रोड (पलान साह थाना क्षेत्र, जिला सुंदरगढ़, ओडिशा) के रूप में की गई है।

पुलिस ने इन दोनों तस्करों के खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया है।

ओडिशा पुलिस के साथ मिलकर सिंडीकेट की जड़ें खोदेगी छत्तीसगढ़ पुलिस

इस ऐतिहासिक सफलता के बाद एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस पूरे नेटवर्क के पीछे एक बहुत बड़े संगठित सिंडीकेट के सक्रिय होने की बात कही। उन्होंने बताया कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान जब्त की गई तीनों की तीनों लग्जरी कारें ओडिशा पासिंग (Odisha Registration) की हैं, जिससे साफ है कि यह नेटवर्क सीमा पार से बहुत बड़े स्तर पर संचालित हो रहा है।

पकड़े गए आरोपियों से की गई शुरुआती पूछताछ में पुलिस को बेहद चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस को पता चला है कि जो तस्कर कार्रवाई के दौरान जंगलों की तरफ फरार होने में कामयाब रहे, वे सभी भी मूल रूप से ओडिशा के ही बड़े तस्कर हैं। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट किया कि इस अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय नशे के रैकेट को पूरी तरह से उखाड़ फेंकने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस अब बहुत जल्द ओडिशा पुलिस के साथ मिलकर एक व्यापक और संयुक्त अभियान (Joint Operation) शुरू करने जा रही है।

एसएसपी डॉ. सिंह ने दृढ़ता से दोहराया कि ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत जशपुर और आसपास के पूरे अंचल में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ यह सख्त मुहिम पूरी शिद्दत के साथ जारी रहेगी। छत्तीसगढ़ पुलिस युवाओं के भविष्य को खोखला करने वाले इन ड्रग सिंडीकेट्स को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं देगी।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button