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छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों और कार्यालयों में बड़ी खुशखबरी: 15 अगस्त तक पूरी होगी अटकी पदोन्नति प्रक्रिया, शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश

प्रदेश के हजारों शिक्षकों, लिपिकों और प्रशासनिक अधिकारियों को मिलेगा प्रमोशन का लाभ, लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने वरिष्ठता सूची का प्रकाशन कर सभी संवर्गों के लिए तय की सख्त समय-सीमा।







रायपुर, 11 जुलाई 2026 : छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से अटकी पदोन्नति (प्रमोशन) प्रक्रिया को लेकर एक बहुत बड़ा और सकारात्मक मोड़ सामने आया है। राज्य शासन और शिक्षा विभाग ने विभागीय स्तर पर वर्षों से लंबित पदोन्नति के मामलों का निपटारा करने के लिए अब अपनी कवायद काफी तेज कर दी है। विभाग द्वारा जारी किए गए नए और कड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार, वर्तमान में प्रचलित सेवा भर्ती नियमों के तहत सभी पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रमोशन की कार्रवाई आगामी 15 अगस्त तक अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाएगी।

इस महत्वपूर्ण निर्णय से न केवल सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और प्राचार्यों के रिक्त पदों को भरा जा सकेगा, बल्कि कार्यालयों में प्रशासनिक व्यवस्था भी काफी मजबूत होगी। विभाग के इस फैसले से वर्षों से एक ही पद पर कार्य कर रहे हजारों कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) को इस पूरी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर संपन्न कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

चार प्रमुख संवर्गों के हजारों कर्मचारियों को सीधे तौर पर मिलेगा इस निर्णय का लाभ

संवर्गों का विस्तृत विवरण: स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के तहत इस बार पदोन्नति का दायरा काफी बड़ा रखा गया है। इसके अंतर्गत चार प्रमुख श्रेणियों के पदों को शामिल किया गया है, जिनमें लिपिक वर्गीय (क्लैरिकल कैडर), अलिपिक वर्गीय (नॉन-क्लैरिकल कैडर), शैक्षणिक (टीचिंग स्टाफ) और प्रशासनिक (एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ) पद शामिल हैं। इन सभी स्तरों पर योग्य उम्मीदवारों को चिन्हित कर उच्च पदों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शैक्षणिक संवर्ग में सहायक शिक्षकों की शिक्षक पद पर, शिक्षकों की प्रधान पाठक और व्याख्याता (लेक्चरर) पद पर तथा व्याख्याताओं की प्राचार्य (प्रिंसिपल) के पदों पर पदोन्नति की जाएगी। इसके अलावा, कार्यालयीन व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लिपिक वर्गीय संवर्ग में सहायक ग्रेड-तीन से सहायक ग्रेड-दो, ग्रेड-दो से मुख्य लिपिक और प्रशासनिक पदों के अंतर्गत विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) व सहायक संचालक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी प्रमोशन दिए जाएंगे।

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 1 अप्रैल की स्थिति में वरिष्ठता सूची का हुआ प्रकाशन

वरिष्ठता सूची और दावा-आपत्ति: इस पूरी पदोन्नति प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी, विवाद-रहित और सुचारू तरीके से संपन्न कराने के लिए विभाग ने एक ठोस प्रारंभिक कदम उठाया है। लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सभी फीडिंग कैडर (जिन पदों से पदोन्नति होनी है) के कर्मचारियों की 1 अप्रैल की स्थिति में प्रावधिक (प्रोविजनल) और अंतरिम वरिष्ठता सूची तैयार कर उसका प्रकाशन पहले ही किया जा चुका है।

इस सूची के सार्वजनिक होने से कर्मचारियों को अपनी वरिष्ठता का सही स्थान पता चल सका है। इसके साथ ही, विभाग ने इस सूची पर दावों और आपत्तियों को आमंत्रित करने के बाद उनका निराकरण भी कर लिया है, ताकि अंतिम चयन सूची जारी करते समय किसी भी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक अड़चन न आए। इस कदम से न्यायालयीन मामलों की संभावना भी काफी कम हो जाएगी।

मिशन मोड में काम कर रहा स्कूल शिक्षा विभाग, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार का लक्ष्य

प्रशासनिक गति और स्कूलों की जरूरत: छत्तीसगढ़ सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग का पूरा ध्यान अब केवल और केवल निर्धारित समय-सीमा के भीतर पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति का वित्तीय और व्यावहारिक लाभ प्रदान करने पर केंद्रित है। शिक्षा सत्र के शुरू होने के साथ ही राज्य के कई ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों तथा प्राचार्यों के पद रिक्त होने की शिकायतें आ रही थीं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।

विभागीय अधिकारियों का मानना है कि 15 अगस्त की तय समय-सीमा तक पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी हो जाने से सभी रिक्त पदों पर योग्य और अनुभवी शिक्षक पहुंच जाएंगे। इससे न केवल स्कूलों के प्रशासनिक कार्यों को गति मिलेगी, बल्कि शालाओं में शैक्षणिक गुणवत्ता और परीक्षा परिणामों में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री स्तर पर भी इस प्रक्रिया की साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है।

नियमों की कड़ाई: अनिवार्य अर्हताओं और विभागीय जांच वाले मामलों पर सख्त रुख

अर्हता और विभागीय छानबीन के नियम: सेवा भर्ती नियमों के अनुसार, इस पदोन्नति प्रक्रिया में केवल उन्हीं कर्मचारियों के नामों पर विचार किया जा रहा है जो विभाग की अनिवार्य शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यताओं को पूरा करते हैं। उदाहरण के लिए, सहायक शिक्षक से शिक्षक पद पर पदोन्नति के लिए छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार स्नातक डिग्री के साथ-साथ आवश्यक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण होना या अन्य निर्धारित व्यावसायिक अर्हता का होना आवश्यक है। कंप्यूटर कौशल से जुड़े पदों के लिए निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण करना भी अनिवार्य किया गया है।

इसके अतिरिक्त, शुचिता बनाए रखने के लिए विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी शिक्षक या कर्मचारी के विरुद्ध कोई गंभीर विभागीय जांच (डीई), आपराधिक मामला अथवा लोकायुक्त का प्रकरण लंबित है, तो उन्हें इस पदोन्नति प्रक्रिया का लाभ नहीं दिया जाएगा। ऐसे विवादित मामलों की जानकारी सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) से मंगाई गई है, ताकि केवल बेदाग और कर्मठ कर्मचारियों को ही समय पर उच्च पदों का पुरस्कार मिल सके।

शिक्षक संगठनों ने किया फैसले का स्वागत, समय पर आदेश जारी करने की उठाई मांग

कर्मचारी संघों की प्रतिक्रिया और सुझाव: छत्तीसगढ़ के विभिन्न शिक्षक संगठनों और लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघों ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 15 अगस्त तक पदोन्नति पूर्ण करने के कड़े निर्देशों का पुरजोर स्वागत किया है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कई कर्मचारी पिछले कई वर्षों से एक ही पद पर कार्य करते हुए सेवानिवृत्ति की कगार पर पहुंच गए थे, ऐसे में यह निर्णय उनके जीवन में एक नई उम्मीद लेकर आया है।

हालांकि, शिक्षक प्रतिनिधियों ने विभाग से यह भी आग्रह किया है कि लोक शिक्षण संचालनालय और जिला स्तर के कार्यालय आपसी समन्वय से काम करें, ताकि कागजी औपचारिकताओं में देरी के कारण कोई भी पात्र कर्मचारी इस सुनहरे अवसर से वंचित न रह जाए। उन्होंने मांग की है कि अगस्त के प्रथम सप्ताह तक विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें संपन्न कर ली जाएं ताकि 15 अगस्त के ऐतिहासिक अवसर पर सभी को प्रमोशन के आदेश की प्रति सौंपी जा सके।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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