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PM मोदी ने मन की बात में किया यूथ पर फोकस,1 लाख नए युवाओं को राजनीति में लाने का लक्ष्य





प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (24 नवंबर 2024) को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 116वें एपिसोड के तहत लोगों को संबोधित किया. उन्होंने सबसे पहले राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) दिवस की शुभकामनाएं दी. इसके बाद पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “साथियों, आज बड़ा ही खास दिन है. आज एनसीसी दिवस है. एनसीसी का नाम सामने आते ही हमें स्कूल-कॉलेज के दिन याद आ जाते हैं. मैं खुद भी एनसीसी कैडेट रहा हूं, इसलिए पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि इससे मिला अनुभव मेरे लिए अनमोल है.”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “NCC युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और सेवा की भावना पैदा करती है. आपने अपने आस-पास देखा होगा कि जब भी कहीं कोई आपदा आती है, चाहे वो बाढ़ हो, भूकंप हो या कोई दुर्घटना, NCC के कैडेट मदद के लिए वहां ज़रूर मौजूद होते हैं.”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत से हजारों किलोमीटर दूर गुयाना में भी एक ‘मिनी इंडिया’ बसा हुआ है. करीब 180 साल पहले भारत से लोगों को खेतों में मजदूरी करने और दूसरे कामों के लिए गुयाना ले जाया जाता था. आज वहां रहने वाले भारतीय मूल के लोग राजनीति, व्यापार, शिक्षा और संस्कृति के हर क्षेत्र में गुयाना का नेतृत्व कर रहे हैं. गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली भी भारतीय मूल के हैं और उन्हें अपनी भारतीय विरासत पर गर्व है.”

पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि मुझे स्लोवाकिया में किए जा रहे ऐसे ही एक और प्रयास के बारे में पता चला है जो हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन से जुड़ा है. यहां पहली बार हमारे उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद किया गया है. ये प्रयास भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रभाव को भी दर्शाते हैं. हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि दुनिया भर में ऐसे करोड़ों लोग हैं जिनके दिल में भारत है.

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उन्होंने ओमान का जिक्र करते हुए कहा कि कई भारतीय परिवार कई शताब्दियों से ओमान में रह रहे हैं. वहां बसने वाले ज़्यादातर लोग गुजरात के कच्छ से हैं. ओमान में भारतीय दूतावास और भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार के सहयोग से एक टीम ने इन परिवारों के इतिहास को संरक्षित करने का काम शुरू कर दिया है.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि मैंने लाल किले की प्राचीर से ऐसे युवाओं से राजनीति में आने का आह्वान किया है, जिनके पूरे परिवार की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं रही है. ऐसे एक लाख युवाओं को, नए युवाओं को राजनीति से जोड़ने के लिए देश में कई विशेष अभियान चलाए जाएंगे. ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ भी ऐसा ही एक प्रयास है. अगले साल स्वामी विवेकानंद की 162वीं जयंती है. इस बार इसे खास तरीके से मनाया जाएगा. इस अवसर पर 11 और 12 जनवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ का आयोजन किया जाएगा. इसमें सभी राज्य, जिले और गांव से करीब 2000 युवा हिस्सा लेंगे.

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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