Big BreakingChhattisgarhSportरायपुर
Trending

रायपुर में पहली बार आयोजित हुई HYROX स्टाइल फिटनेस रेस, वॉलफोर्ट सिटी में 5 से 81 वर्ष के 102 प्रतिभागियों ने दिखाया दम

अंतरराष्ट्रीय फिटनेस फॉर्मेट ‘WALLROX’ में सोसाइटी के निवासियों ने निभाई आयोजक से लेकर एथलीट तक की भूमिका, हर वर्ग के लिए विशेष रेस



रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को फिटनेस और सामुदायिक सहभागिता का एक अनोखा और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। शहर की प्रतिष्ठित आवासीय कॉलोनी ‘वॉलफोर्ट सिटी’ में रायपुर की पहली HYROX शैली की फिटनेस रेस ‘WALLROX’ का सफल आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय हो रहे इस कठिन और रोमांचक फिटनेस फॉर्मेट का अनुभव रायपुर वासियों को पहली बार अपने ही शहर में प्राप्त हुआ।

​इस संपूर्ण आयोजन की विशेष बात यह रही कि इसकी परिकल्पना, पूरी तैयारी और संचालन किसी बाहरी व्यावसायिक एजेंसी के बजाय स्वयं वॉलफोर्ट सिटी के निवासियों द्वारा ही किया गया।

एक रेस से शुरू हुआ सफर तीन वर्गों में बदला

शुरुआत में यह आयोजन केवल एक मुख्य रेस के रूप में नियोजित किया गया था, लेकिन निवासियों के अभूतपूर्व उत्साह को देखते हुए इसे तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया:

  • मुख्य WALLROX रेस: इसमें पुरुष एवं महिला वर्ग के तीन आयु समूहों में कुल 49 एथलीटों ने चुनौती स्वीकार की और रनिंग के साथ फंक्शनल फिटनेस स्टेशनों को पूरा किया।
  • Mini WALLROX: छोटे बच्चों के फिटनेस और खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई इस रेस में 30 नन्हे प्रतिभागियों ने अपना हुनर दिखाया।
  • वरिष्ठ नागरिक रेस: आयोजन की सुबह जब बुजुर्गों ने भी इस रेस का हिस्सा बनने की इच्छा जताई, तो आयोजकों ने मौके पर ही उनके लिए एक विशेष वर्ग जोड़ा, जिसमें 23 वरिष्ठ नागरिकों ने दौड़ लगाई।
यह भी पढ़ें  आज का मौसम: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, रायपुर में दिनभर बादल और गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

कुल मिलाकर इस आयोजन में 102 निवासियों ने भाग लिया, जिसमें सबसे कम उम्र के प्रतिभागी 5 वर्ष के बच्चे और सबसे अधिक उम्र के प्रतिभागी 81 वर्ष के बुजुर्ग रहे।

​पेशेवर निष्पक्षता और व्यक्तिगत जजिंग

​रेस के मानकों और प्रतिभागियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया। हर आयु वर्ग के हिसाब से वर्कआउट और रनिंग के मानक तय किए गए थे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर प्रतिभागी के साथ एक समर्पित व्यक्तिगत निर्णायक (पर्सनल जज) तैनात किया गया था, जो पूरी रेस के दौरान प्रतिभागी के फॉर्म, पोस्चर और हर रेप (Repetition) की सटीक जाँच कर रहा था। इस निर्णायक भूमिका का निर्वहन सोसाइटी के अपने जिम ट्रेनरों ने पूरी निष्ठा से किया।

यह भी पढ़ें  आज का राशिफल: जानिए कैसा रहेगा आपकी राशि का हाल, किसे मिलेगा लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी

​दिन भर सोसाइटी के अन्य निवासी ट्रैक के किनारे एकत्र होकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते रहे, जिससे माहौल किसी बड़े खेल महोत्सव जैसा नजर आ रहा था। शाम को आयोजित समापन समारोह में सभी श्रेणियों के विजेताओं को पदक और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।

​अब हर साल होगा WALLROX का आयोजन

​आयोजन समिति के सदस्य अंकुश बंसल ने इस पहल के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब तक HYROX जैसे अंतरराष्ट्रीय फिटनेस फॉर्मेट का अनुभव लेने के लिए रायपुर के लोगों को बड़े मेट्रो शहरों की ओर रुख करना पड़ता था। हमारा उद्देश्य इस विश्वस्तरीय अनुभव को अपने घर के पास लाना और अपने ही समुदाय के साथ इसे खड़ा करना था। जिस तरह 81 साल के बुजुर्गों और 5 साल के बच्चों ने एक ही दिन में पूरे उत्साह के साथ इसमें भाग लिया है, उससे यह तय हो गया है कि WALLROX अब हर साल आयोजित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें  विवाहित महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, महतारी वंदन योजना के नए रजिस्ट्रेशन का रास्ता हुआ साफ, बस्तर से होगी शुरुआत

​इस आयोजन ने न केवल रायपुर में फिटनेस के एक नए दौर की शुरुआत की है, बल्कि यह भी साबित किया है कि खेल और सामूहिक प्रयास से किसी भी समाज को स्वस्थ और एकजुट बनाया जा सकता है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button