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रायपुर में व्हाट्सएप APK फाइल डाउनलोड होते ही कारोबारी के खातों से 4.15 लाख रुपये पार

रायपुर के लाभांडी निवासी कारोबारी तनुज अग्रवाल के मोबाइल पर ऑटो डाउनलोड हुई अज्ञात APK फाइल से ठगों ने तीन घंटे में 4.15 लाख रुपये उड़ा दिए, जांच शुरू।





रायपुर, 17 सितंबर 2026। लाभांडी स्थित रहेजा रेसीडेंसी निवासी थोक व्यापारी तनुज अग्रवाल के बैंक खातों से साइबर ठगों ने अज्ञात व्हाट्सएप एपीके फाइल के जरिए 4,15,529 रुपये गायब कर दिए। 12 सितंबर को पीड़ित के मोबाइल नंबर पर एक अनजान व्हाट्सएप मैसेज के साथ संदिग्ध एप्लीकेशन फाइल भेजी गई थी। व्हाट्सएप की सेटिंग्स में ऑटो-डाउनलोड फीचर ऑन रहने की वजह से वह फाइल खुद-ब-खुद फोन में इंस्टॉल हो गई। इसके बाद ठगों ने पीड़ित के फोन का एक्सेस हासिल कर बैंकिंग क्रेडेंशियल्स में सेंध लगा दी।

वारदात वाले दिन सुबह 9:45 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच महज़ सवा दो घंटे की अवधि में इस डिजिटल धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। साइबर अपराधियों ने पहले पीड़ित के बैंक ऑफ इंडिया क्रेडिट कार्ड को निशाना बनाते हुए उससे 69,998 रुपये 97 पैसे ट्रांसफर किए। इसके तुरंत बाद यूनियन बैंक के चालू खाते में एक्सेस बनाकर यूपीआई के माध्यम से 3,45,530 रुपये 95 पैसे की अतिरिक्त निकासी कर ली। लगातार पैसे कटने के मैसेज मिलने पर 35 वर्षीय कारोबारी को ठगी का पता चला।

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कारोबारी ने तत्काल केंद्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं और उसके बाद 17 सितंबर को खम्हारडीह थाने पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की टेक्निकल टीम उस संदिग्ध फाइल की फॉरेंसिक जांच कर रही है और जिन खातों में राशि ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को नोटिस भेजा गया है।

पुलिस साइबर सेल ने नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए व्हाट्सएप पर मीडिया और फाइल ऑटो-डाउनलोड विकल्प को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है। अनजान नंबरों से आए किसी भी एपीके, पीडीएफ या जीप फॉर्मेट के लिंक को खोलने से बचना जरूरी है, क्योंकि ऐसे पे-लोड डिवाइस में स्थापित होते ही बैंक विवरण और एसएमएस एक्सेस चुरा लेते हैं। साइबर पुलिस ट्रांजैक्शन ट्रेल और संदिग्ध आईपी एड्रेस का मिलान कर आरोपियों की पहचान में जुटी है।

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Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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