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छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा: 42 टैक्स इंस्पेक्टर डिमोट होकर बने बाबू

छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग की सीमित भर्ती परीक्षा में धांधली सामने आने के बाद 42 टैक्स इंस्पेक्टरों को डिमोट कर वापस क्लर्क पद पर भेज दिया गया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।





रायपुर, 17 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग में विभागीय सीमित भर्ती परीक्षा के जरिए पदोन्नत हुए 42 अधिकारियों पर गाज गिरी है। वर्ष 2021 और 2022 के दौरान आयोजित परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर धांधली पाए जाने के बाद इन सभी 42 टैक्स इंस्पेक्टरों का चयन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। पिछले चार वर्षों से वाणिज्यिक कर निरीक्षक के पद पर सेवाएं दे रहे इन कर्मचारियों को वापस उनके मूल पद यानी लिपिक वर्ग में डिमोट कर दिया गया है।

उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 2021-22 में लिपिकीय वर्ग से वाणिज्यिक कर निरीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिए परीक्षा का आयोजन हुआ था। परिणाम जारी होने के बाद से ही पूरी चयन प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी और भाई-भतीजावाद के आरोप लगने लगे थे। मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा जब विधायक अनुज शर्मा ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न और ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए नोडल अधिकारियों की भूमिका, आरक्षण रोस्टर के उल्लंघन और उत्तर-पुस्तिकाओं की जांच में हुई हेराफेरी का मुद्दा उठाया।

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जांच के दौरान कई चौंकाने वाली अनियमितताएं पाई गईं। परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों की उपस्थिति का कोई आधिकारिक रजिस्टर उपलब्ध नहीं था। इसके साथ ही अभ्यर्थियों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक कोडिंग प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया था। जांच टीम को कई चयनित उम्मीदवारों की कॉपियों में शब्द-दर-शब्द एक जैसे उत्तर लिखे मिले, जिससे सुनियोजित फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।

आरक्षण रोस्टर और नियमावली को ताक पर रखकर किए गए इन पैंतरों का पर्दाफाश होने के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। चारों तरफ से घिरने और जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी साबित होने के बाद विभाग ने सभी 42 फर्जी तरीके से प्रमोट हुए अफसरों को क्लर्क के रूप में पदवनत करने का आदेश जारी कर प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज कर दी है।

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Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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