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कोरबा में लव मैरिज के एक साल बाद पति की मौत, पैर में चाकू लगने से बहा ज्यादा खून, पत्नी गिरफ्तार

कोरबा में लव मैरिज के एक साल बाद पति की मौत हुई। विवाद में पैर में चाकू लगा था। अधिक खून बहने से जान गई। पुलिस ने पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेजा।





13 August 2026 | Raipur: छत्तीसगढ़ के कोरबा में लव मैरिज के करीब एक साल बाद युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मानिकपुर चौकी क्षेत्र के सुभाष ब्लॉक एसईसीएल कॉलोनी में 15 जुलाई को गंभीर हालत में मिले अंकित सोनवानी की मौत के मामले में उसकी पत्नी प्रिया सोनवानी को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार पति-पत्नी के बीच विवाद के दौरान अंकित के पैर में चाकू लग गया था। चोट से लगातार खून बहता रहा और अस्पताल पहुंचने के बाद उसकी मौत हो गई। मामले में मृतक के परिजनों की शिकायत और जांच के आधार पर पुलिस ने घटना के 26 दिन बाद पत्नी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

विवाद के दौरान पैर में लगा चाकू

घटना 15 जुलाई की बताई जा रही है। मानिकपुर चौकी क्षेत्र के सुभाष ब्लॉक में अंकित सोनवानी गंभीर हालत में मिला था। उसके पैर में चाकू लगने से गहरा घाव हुआ था और काफी खून बह रहा था।

परिजन उसे तत्काल एसईसीएल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे निजी अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन निजी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अंकित को मृत घोषित कर दिया।

शुरुआत में मामला युवक की संदिग्ध मौत के रूप में सामने आया था। इसके बाद परिवार की शिकायत और घटनाक्रम की जांच ने पुलिस को हत्या के एंगल तक पहुंचाया।

करीब एक साल पहले हुई थी लव मैरिज

पुलिस जांच और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक अंकित और प्रिया ने करीब एक साल पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों के बीच शराब पीने को लेकर अक्सर विवाद होने की बात सामने आई है।

परिजनों का आरोप है कि घटना वाले दिन भी पति-पत्नी के बीच इसी तरह विवाद हुआ था। इसी दौरान प्रिया ने कथित तौर पर अंकित के पैर में चाकू मार दिया।

चोट देखने में भले ही पैर तक सीमित थी, लेकिन लगातार खून बहने के कारण स्थिति गंभीर हो गई। अस्पताल पहुंचने तक अंकित की हालत बिगड़ चुकी थी।

खून का थक्का बनने में दिक्कत थी

मामले में पुलिस जांच के दौरान अंकित की स्वास्थ्य संबंधी एक अहम जानकारी सामने आई। बताया गया कि उसे ऐसी बीमारी थी, जिसमें शरीर में खून का थक्का सामान्य तरीके से बनने में ज्यादा समय लगता था।

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इस स्थिति में किसी चोट के बाद रक्तस्राव लंबे समय तक जारी रह सकता है। पुलिस के अनुसार अंकित की पत्नी को भी उसकी इस बीमारी की जानकारी थी।

पैर में चाकू लगने के बाद लगातार रक्तस्राव होना और समय पर स्थिति नियंत्रित नहीं हो पाना मौत की बड़ी वजह बनी। पुलिस ने इसी घटनाक्रम को जांच में अहम कड़ी माना है।

मौत के 26 दिन बाद सामने आया मामला

अंकित की मौत के बाद उसके परिवार ने पत्नी प्रिया पर गंभीर आरोप लगाए। उसकी बहन अंकिता समेत परिजनों ने पुलिस के सामने हत्या की आशंका जताई और मामले की जांच की मांग की।

शुरुआती स्तर पर मामला युवक की मौत से जुड़ा था, लेकिन परिजनों के आरोपों और पति-पत्नी के बीच हुए विवाद की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने घटनाक्रम को दोबारा खंगाला।

पुलिस जांच में चाकू से चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव की बात सामने आई। इसके बाद घटना के करीब 26 दिन बाद प्रिया सोनवानी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज किया गया।

पुलिस ने पत्नी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

पुलिस ने प्रिया सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

मामले में पुलिस अब घटनाक्रम से जुड़े दूसरे पहलुओं को भी जांच रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई थी और घटना के समय घर में वास्तव में क्या हुआ था।

मृतक और आरोपी के बीच संबंधों को लेकर परिजनों से भी जानकारी ली गई है। घटना से पहले दोनों के बीच हुए विवाद और उसके बाद की परिस्थितियां जांच का अहम हिस्सा हैं।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

घटना के बाद अंकित को पहले एसईसीएल अस्पताल ले जाया गया था। वहां उसकी हालत गंभीर थी और पैर से खून बह रहा था।

प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे निजी अस्पताल रेफर किया। परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद अंकित को मृत घोषित कर दिया।

इस घटनाक्रम ने परिवार को भी सकते में डाल दिया। एक ओर युवक की अचानक मौत हुई, वहीं बाद में पत्नी पर ही हत्या का मामला दर्ज होने से पूरा मामला और गंभीर हो गया।

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परिवार के आरोप के बाद पुलिस ने बदली जांच की दिशा

अंकित की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस के सामने अपनी आशंका रखी थी। परिवार का कहना था कि पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होता था और घटना वाले दिन भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था।

परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों को जोड़ना शुरू किया। चाकू से लगी चोट, अधिक रक्तस्राव, मृतक की बीमारी और घटना के समय पति-पत्नी के बीच हुए विवाद को जांच में शामिल किया गया।

इन्हीं बिंदुओं के आधार पर पुलिस ने पत्नी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। हालांकि, हत्या के आरोप का अंतिम फैसला अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।

शराब को लेकर अक्सर होता था विवाद

परिजनों के अनुसार अंकित और प्रिया के बीच शराब पीने की बात को लेकर अक्सर विवाद होता था। शादी को करीब एक साल ही हुआ था और इस दौरान दंपती के बीच कई बार विवाद होने की जानकारी सामने आई।

घटना वाले दिन विवाद किस बात पर बढ़ा और किस परिस्थिति में चाकू का इस्तेमाल हुआ, पुलिस इसकी जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना अचानक हुई या इसके पीछे पहले से कोई विवाद चल रहा था।

पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है और अब मामले से जुड़े साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा जाएगा।

बीमारी बनी मौत की बड़ी वजह

इस मामले में सबसे अहम पहलू अंकित की वह बीमारी है, जिसके कारण खून का थक्का बनने में सामान्य से अधिक समय लगता था। सामान्य चोट में जहां रक्तस्राव को जल्दी नियंत्रित किया जा सकता है, वहीं ऐसी स्थिति में लगातार खून बहने का खतरा बढ़ जाता है।

पुलिस के मुताबिक पत्नी को भी अंकित की इस बीमारी की जानकारी थी। इसलिए पैर में लगी चोट के बाद अधिक रक्तस्राव होना मामले की जांच में महत्वपूर्ण बिंदु माना गया है।

हालांकि, पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही मौत के पूरे कारणों की कानूनी पुष्टि होगी।

26 दिन बाद हत्या का केस दर्ज होने से उठे सवाल

घटना 15 जुलाई की थी, जबकि हत्या का मामला करीब 26 दिन बाद दर्ज किया गया। इस वजह से मामले की जांच को लेकर कई सवाल भी सामने आए हैं।

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पुलिस ने शुरुआत में युवक की मौत के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की। बाद में परिजनों की शिकायत, विवाद और चोट से जुड़े तथ्यों को जोड़ने पर पुलिस ने हत्या के एंगल पर कार्रवाई आगे बढ़ाई।

अब पुलिस की कार्रवाई और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों से यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं और आरोपी की भूमिका किस स्तर तक थी।

पुलिस के सामने अब इन सवालों के जवाब तलाशना चुनौती

अंकित की मौत के मामले में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। घटना के समय पति-पत्नी के बीच विवाद किस बात पर हुआ, चाकू कैसे चला और चोट लगने के बाद तत्काल क्या कदम उठाए गए, इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है।

इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि मृतक की बीमारी से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड क्या कहते हैं। पुलिस को यह भी देखना होगा कि चोट के बाद अस्पताल पहुंचने में कितना समय लगा और इलाज के दौरान डॉक्टरों ने क्या स्थिति दर्ज की।

इन तमाम तथ्यों को जोड़कर ही केस की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

आरोपी पत्नी न्यायिक हिरासत में

पुलिस ने प्रिया सोनवानी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगी।

पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रिया के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोप सिद्ध होने या न होने का फैसला अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के बाद होगा।

फिलहाल कोरबा का यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब एक साल पहले प्रेम विवाह करने वाले दंपती की कहानी कुछ ही समय में गंभीर आपराधिक मामले में बदल गई।

अंकित की मौत के बाद शुरू हुई जांच अब पत्नी की गिरफ्तारी तक पहुंच चुकी है। पुलिस के मुताबिक विवाद के दौरान पैर में चाकू लगने, अत्यधिक रक्तस्राव और मृतक की बीमारी ने इस पूरे मामले को गंभीर बना दिया।

अब आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से यह साफ होगा कि 15 जुलाई की रात वास्तव में क्या हुआ था और अंकित की मौत के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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