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महासमुंद पुलिस की बड़ी कामयाबी: 3 चर्चित चोरियों का सनसनीखेज खुलासा, अंतरराज्यीय पारधी गिरोह सहित 12 शातिर दबोचे, ₹21.39 लाख का माल बरामद

महासमुंद पुलिस ने अंतरराज्यीय पारधी गिरोह सहित 3 बड़ी चोरियों का किया पर्दाफाश। कुल 12 आरोपी गिरफ्तार, 21.39 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर व गाड़ियां बरामद। रायपुर और महासमुंद के ज्वेलर्स पर भी कसा शिकंजा।







15 जुलाई 2026, रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में लगातार हो रही शातिर चोरियों और नकबजनी की वारदातों से परेशान आम जनता और व्यापारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। महासमुंद जिला पुलिस ने अपनी पेशेवर दक्षता और तकनीकी साक्ष्यों का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए तीन बेहद चर्चित और बड़ी चोरियों का एक साथ पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इन मामलों में मुस्तैदी दिखाते हुए एक अंतरराज्यीय पारधी गिरोह के सदस्यों सहित कुल 12 शातिर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

इस बड़ी संयुक्त पुलिस कार्रवाई में पुलिस ने चोरों के कब्जे से भारी मात्रा में चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, कई मोटरसाइकिलें और वारदात में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक कटर ग्राइंडर उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस द्वारा जब्त की गई कुल संपत्ति की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 21 लाख 39 हजार 640 रुपये आंकी गई है। महासमुंद पुलिस अधीक्षक (SP) प्रभात कुमार ने खुद एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर इस पूरी संयुक्त कार्रवाई की कड़ियों को मीडिया के सामने रखा और पुलिस टीम की पीठ थपथपाई।

तीन थानों की संयुक्त रणनीति से ढहे शातिर गिरोह

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि जिले में बढ़ती चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने और चोरों को दबोचने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की गई थी। इसके तहत साइबर सेल, थाना महासमुंद, थाना सिंघोड़ा और थाना तुमगांव की पुलिस टीमों को आपस में जोड़कर एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इन टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और पुराने आदतन अपराधियों के मोबाइल टावर लोकेशन ट्रैक किए।

पुलिस की इस मुस्तैद रणनीति का परिणाम यह हुआ कि तीन अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय गिरोह के तार एक-एक कर खुलते चले गए। पुलिस ने न केवल मुख्य चोरों को पकड़ा है, बल्कि उनके नेटवर्क को आर्थिक चोट पहुंचाने के लिए चोरी का सामान खरीदने वाले सर्राफा व्यापारियों (ज्वेलर्स) को भी सह-आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पकड़े गए सभी 12 आरोपियों को पुलिस ने माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पहली बड़ी कार्रवाई: हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मध्य प्रदेश के गिरोह ने डाला था डाका

पुलिस के खुलासे के अनुसार, पहली बड़ी कामयाबी थाना महासमुंद पुलिस को मिली। बीते 18 मई 2026 की रात महासमुंद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पॉश हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक सूने मकान का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया था। घटना के बाद से ही पुलिस तकनीकी साक्ष्यों की मदद से चोरों का पीछा कर रही थी।

सुराग हाथ लगते ही महासमुंद पुलिस की एक विशेष टीम ने पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में दबिश दी। वहां कड़े इनपुट के आधार पर घेराबंदी कर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के चार शातिर आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ में इन आरोपियों ने न केवल महासमुंद के दो स्थानों पर चोरी करना कबूला, बल्कि बालोद, कोरबा और छत्तीसगढ़ के अन्य कई जिलों में भी सेंधमारी की कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने इनके पास से चांदी के भारी आभूषण, 5 कीमती मोबाइल फोन और चोरी की वारदातों में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जबकि इस गिरोह के दो अन्य फरार सदस्यों की तलाश अब भी जारी है।

दूसरी बड़ी कार्रवाई: सिंघोड़ा पुलिस ने दबोचा खतरनाक पारधी गिरोह

इस बड़े पुलिस एक्शन की दूसरी कमान सिंघोड़ा पुलिस के हाथ में रही, जिसने इलाके में लंबे समय से सक्रिय और खौफ का पर्याय बने शातिर ‘पारधी गिरोह’ के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने बीते 22 जून 2026 को सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में एक बड़ी नकबजनी की वारदात को अंजाम दिया था और फरार हो गए थे।

पुलिस की कड़ी पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने आते ही इस गिरोह के सदस्यों ने घुटने टेक दिए। उन्होंने स्वीकार किया कि महासमुंद के अलावा उन्होंने रायपुर के आरंग और सक्ती जिले के जैजैपुर क्षेत्र में भी कई सूने मकानों को अपना निशाना बनाया था। सिंघोड़ा पुलिस ने इन सात पारधी चोरों के कब्जे से भारी मात्रा में सोने-चांदी के पुश्तैनी जेवर और तीन मोटरसाइकिलें जब्त की हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 12 लाख 46 हजार रुपये बताई जा रही है। इस मामले में चोरी के सोने को खपाने वाले रायपुर निवासी एक बिचौलिए की भूमिका भी उजागर हुई है, जिस पर पुलिस का शिकंजा कस गया है।

तीसरी बड़ी कार्रवाई: हाईटेक ग्राइंडर कटर से ताला काटने वाला चोर भी पकड़ाया

खुलासे की तीसरी कड़ी थाना तुमगांव क्षेत्र से जुड़ी हुई है, जहां पुलिस ने ग्राम अछोली में हुई एक बेहद हाईटेक और शातिर चोरी का पर्दाफाश किया है। यहाँ 8-9 मार्च 2026 की दरमियानी रात को एक परिवार शादी समारोह में शामिल होने बाहर गया हुआ था, जिसका फायदा उठाकर गांव के ही एक युवक राहुल उर्फ भोजदास साहू ने पूरी वारदात को अंजाम दिया।

शातिर आरोपी राहुल ने पारंपरिक औजारों के बजाय एक हार्डवेयर दुकान से बिजली से चलने वाला आधुनिक ग्राइंडर कटर मशीन खरीदा था। उसने ग्राइंडर की मदद से बेहद शातिराना तरीके से लोहे का ताला और दरवाजा काट दिया और घर में रखे करीब पांच तोला सोने और चांदी के जेवरात पार कर दिए थे। तुमगांव पुलिस ने आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर उसके पास से 53.34 ग्राम शुद्ध सोना, 468.230 ग्राम चांदी, ग्राइंडर मशीन और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की है, जिसकी कुल कीमत 7.26 लाख रुपये है।

चोरी का माल खरीदने वाले रायपुर और महासमुंद के ज्वेलर्स पर केस दर्ज

इस पूरे पुलिसिया खुलासे का सबसे अहम पहलू यह रहा कि पुलिस ने केवल चोरों को पकड़कर इतिश्री नहीं की, बल्कि उस पूरे सिंडिकेट पर प्रहार किया है जो चोरी के माल को बाजार में खपाता है। तुमगांव मामले में आरोपी राहुल ने चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात को स्थानीय और राजधानी के नामचीन ज्वेलर्स को बेहद कम दामों में बेच दिया था।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महासमुंद के प्रतिष्ठित ‘रवि ज्वेलर्स’ और ‘अलंकार ज्वेलर्स’ सहित रायपुर के गोगांव स्थित ‘गणेश ज्वेलर्स’ के संचालकों को भी इस मामले में सह-आरोपी बनाया है। इन तीनों ज्वेलर्स के ठिकानों से पुलिस ने शत-प्रतिशत चोरी का सामान बरामद कर लिया है और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) (चोरी की संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना या बेचना) के तहत गंभीर आपराधिक मामला दर्ज किया है। एसपी प्रभात कुमार ने चेतावनी दी है कि कोई भी सराफा व्यापारी यदि बिना वैध कागजातों के जेवर खरीदेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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