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कोरबा में भीषण सड़क हादसा: देवपहरी घूमने निकले तीन दोस्तों को भारी ट्रेलर ने रौंदा, MBBS छात्र समेत 2 की दर्दनाक मौत, एक गंभीर

कोरबा के बालको मार्ग पर भीषण सड़क हादसा। बिलासपुर से देवपहरी घूमने निकले तीन दोस्तों को तेज रफ्तार कोयला लदे ट्रेलर ने रौंदा। MBBS छात्र और NEET की तैयारी कर रही युवती की मौके पर मौत, एक गंभीर।







15 जुलाई 2026, रायपुर। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर कोरबा से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। मंगलवार सुबह एक खुशनुमा सफर का अंत चीख-पुकार और मातम के साथ हुआ। बिलासपुर से बाइक पर सवार होकर कोरबा के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल देवपहरी घूमने निकले तीन होनहार दोस्तों को काल बनकर आई एक तेज रफ्तार गाड़ी ने अपनी चपेट में ले लिया। बालको थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ढेंगुरनाला पुल के पास कोयले से लदे एक अनियंत्रित ट्रेलर ने बाइक को इतनी बेरहमी से रौंदा कि दो छात्रों की मौके पर ही सांसें थम गईं, जबकि एक अन्य छात्रा अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।

इस भीषण सड़क दुर्घटना ने एक बार फिर से भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और उससे उजड़ते हंसते-खेलते परिवारों के दर्द को उजागर कर दिया है। मरने वालों में एक मेडिकल का छात्र और एक डॉक्टर बनने का सपना देख रही छात्रा शामिल है। इस हादसे ने न सिर्फ उनके परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है, बल्कि उनके उज्जवल भविष्य के सपनों को भी पल भर में जमींदोज कर दिया। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और आक्रोशित स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया।

डॉक्टर बनने का सपना लेकर निकले थे घर से बाहर

पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना का शिकार हुए तीनों युवा बिलासपुर में रहकर उच्च शिक्षा हासिल कर रहे थे और अपने सुनहरे भविष्य की नींव रख रहे थे। मृतकों की पहचान जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कचंदा निवासी 26 वर्षीय हैप्पी उर्फ लक्की रात्रे और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की रहने वाली 25 वर्षीय रेशमा नागेश के रूप में की गई है। वहीं, इस हादसे में पेंड्रा निवासी 25 वर्षीय रागिनी यादव गंभीर रूप से घायल हुई है।

हैप्पी उर्फ लक्की रात्रे बिलासपुर में रहकर एमबीबीएस (MBBS) द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह भविष्य में एक कुशल डॉक्टर बनकर समाज और अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहता था। वहीं, उसकी सहेलियां रेशमा नागेश और रागिनी यादव भी मेडिकल क्षेत्र में ही अपना करियर बनाने के लिए बिलासपुर में रहकर बेहद कठिन मानी जाने वाली नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थीं। मंगलवार को पढ़ाई के दबाव से थोड़ा सुकून पाने और मौसम का आनंद लेने के लिए तीनों ने एक छोटा सा ट्रिप प्लान किया था, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा।

ढेंगुरनाला पुल के पास काल बनकर आया भारी ट्रेलर

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे तीनों दोस्त एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर कोरबा पहुंचे थे। वे बालको मार्ग से होते हुए खूबसूरत वादियों और झरनों के लिए मशहूर पर्यटन स्थल देवपहरी की ओर बढ़ रहे थे। जब उनकी बाइक ढेंगुरनाला पुल के पास पहुंची, तभी पीछे से आ रहे कोयला लदे एक विशालकाय ट्रेलर के चालक ने लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए उनकी बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण और भयानक थी कि बाइक सवार तीनों युवा उछलकर सीधे पक्की सड़क पर जा गिरे। भारी-भरकम और ओवरलोडेड ट्रेलर की रफ्तार इतनी तेज थी कि ड्राइवर चाहकर भी वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी का भारी पहिया हैप्पी और रेशमा को रौंदते हुए निकल गया। ट्रेलर के पहियों के नीचे आने के कारण दोनों के शरीर बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो गए और उन्हें तड़पने तक का मौका नहीं मिला। दोनों ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, रागिनी यादव टक्कर के प्रभाव से छिटककर दूर जा गिरी, जिससे उसकी जान तो बच गई लेकिन उसके सिर पर बेहद गंभीर और प्राणघातक चोटें आई हैं।

लहूलुहान हालत में अस्पताल रेफर, मेडिकल कॉलेज में जंग

घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। नजारा इतना भयावह था कि हर किसी की रूह कांप उठी। लोगों ने तुरंत बालको पुलिस को इसकी सूचना दी और एम्बुलेंस को कॉल किया। गंभीर रूप से घायल रागिनी यादव को तत्काल मौके से उठाकर कोरबा के जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, रागिनी के सिर और आंतरिक अंगों में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उसका काफी खून बह चुका है। उसे आईसीयू (ICU) में रखकर सघन उपचार दिया जा रहा है। चिकित्सकों ने उसकी हालत को बेहद नाजुक और चिंताजनक बताया है। वह इस वक्त अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच एक बेहद कठिन जंग लड़ रही है। इधर, जैसे ही हादसे की खबर बिलासपुर और उनके गृह जिलों में रहने वाले परिजनों को मिली, दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा कि सुबह मुस्कुराते हुए विदा हुए उनके बच्चे अब इस दुनिया में नहीं हैं।

आक्रोशित ग्रामीणों का चक्काजाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा

इस दर्दनाक हादसे से गुस्साए स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने बालको-देवपहरी मार्ग पर ही चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहन बेहद लापरवाही और अनियंत्रित गति से चलते हैं, जिससे आए दिन मासूम राहगीर अपनी जान गंवाते हैं। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और काफी देर तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।

हादसे और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बालको थाना पुलिस की टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों को ढांढस बंधाया और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया। पुलिस की समझाइश और कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन दोबारा बहाल हो सका।

पुलिस ने दोनों मृतकों हैप्पी और रेशमा के शवों को पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवा दिया है। बालको पुलिस ने दुर्घटनाकारित ट्रेलर को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार ट्रेलर चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के असली कारणों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि हादसा वाहन की तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या फिर चालक की लापरवाही के कारण।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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