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रीलबाजी का बढ़ा नशा: युवक ने रील बनाने के लिए दूसरों को चप्पल से पीटा और जबरन कहलवाया बाप, ग्रामीणों ने रीलबाज को खंभे से बांधकर पुलिस को सौंपा

सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक बटोरने के चक्कर में युवक ने पार की इंसानियत की हदें, अपमान का बदला लेने के लिए गांव वालों ने पहले की जमकर धुनाई और फिर डायल 112 को बुलाया।







रायपुर, 30 जून 2026 : छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर रील बनाने और रातों-रात मशहूर होने का नशा युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। व्यूज, लाइक और फॉलोअर्स बटोरने की अंधी दौड़ में युवा अब सामाजिक मर्यादाओं और कानून को भी ताक पर रखने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी रीलबाजी के चक्कर में एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

घटना में लोहरसी गांव के एक सिरफिरे युवक ने सिर्फ एक आक्रामक रील बनाने के लिए खरतुली गांव के कुछ मासूम युवकों को चप्पल से सरेआम पीट दिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने क्रूरता और अपमान की हदें पार करते हुए पीड़ितों से जबरन खुद को बाप बोलने पर मजबूर किया और इस पूरी घटना का बकायदा वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

इस शर्मनाक वीडियो के सार्वजनिक होते ही पीड़ितों के गांव और आस-पास के क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। अपमान का बदला लेने और रीलबाज युवक को सबक सिखाने के लिए खरतुली और पीड़ित पक्ष के ग्रामीणों ने रणनीति बनाई। जैसे ही वह रीलबाज युवक अपनी धौंस जमाते हुए दोबारा उनके प्रभाव वाले क्षेत्र में पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।

उग्र ग्रामीणों ने कानून को हाथ में लेते हुए पहले तो उस रीलबाज युवक को रस्सी से एक खंभे से कसकर बांध दिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी। युवक का सारा रील बनाने का भूत उतारने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस आपातकालीन सेवा डायल 112 पर फोन किया और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मचाया तहलका सरेआम चप्पल से पिटाई कर रील में खुद को डॉन दिखाने की थी कोशिश

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार वायरल हो रहा यह वीडियो कुछ ही समय में इंटरनेट पर टॉक ऑफ द टाउन बन गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोहरसी गांव का रहने वाला मुख्य आरोपी युवक किस तरह दबंगई दिखाते हुए खरतुली गांव के कुछ युवकों को डरा-धमका रहा है। वह अपनी रील में खुद को एक खतरनाक डॉन या मसीहा के रूप में पेश करना चाहता था। इसके लिए उसने बकायदा बैकग्राउंड म्यूजिक और डॉयलॉग डिलीवरी की तैयारी भी कर रखी थी।

वीडियो की स्क्रिप्ट के तहत उसने अचानक अपनी चप्पल निकाली और सामने खड़े युवकों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वह उन्हें चप्पलों से पीटता रहा और लगातार यह दबाव बनाता रहा कि वे कैमरे के सामने उसे अपना बाप स्वीकार करें। डर के मारे सहमे हुए युवक उसकी इस प्रताड़ना को सहते रहे और आरोपी का साथी इस पूरे शर्मनाक वाकये को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करता रहा। रील पूरी होने के बाद आरोपी ने इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिसके बाद यह विवाद बढ़ गया।

अपमानजनक वीडियो देखकर खौल उठा ग्रामीणों का खून गांव पहुंचने पर रीलबाज को बंधक बनाकर सिखाया गया सबक

जैसे ही यह अपमानजनक वीडियो खरतुली गांव के नागरिकों और पीड़ितों के परिवार के सदस्यों के मोबाइल तक पहुंचा, पूरे गांव का खून खौल उठा। ग्रामीणों का कहना था कि यह केवल कुछ लड़कों की पिटाई का मामला नहीं है, बल्कि पूरे गांव के आत्मसम्मान और गरिमा पर ठेस पहुंचाई गई है। सिर्फ चंद लाइक्स के लिए किसी को इस तरह मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों को इस बात की भनक लग गई थी कि आरोपी युवक अक्सर रील की शूटिंग और अपनी धौंस जमाने के लिए आस-पास के गांवों के चक्कर काटता है। रविवार को जैसे ही वह युवक दोबारा उनके गांव की सीमा के पास देखा गया, ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए उसे चारों तरफ से घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी के होश उड़ गए और वह वहां से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन एकजुट हुए ग्रामीणों के सामने उसकी एक न चली।

डायल 112 को बुलाकर आरोपी युवक को किया गया पुलिस के हवाले क्षेत्र में चर्चा है कि पुलिस को सौंपने से पहले हुई रीलबाज की सुताई

ग्रामीणों ने आरोपी युवक को पकड़कर गांव के बीचों-बीच लाया और उसे एक खंभे से बांध दिया ताकि वह किसी भी सूरत में भाग न सके। इसके बाद वहां भारी भीड़ जमा हो गई। क्षेत्र में यह बात बेहद चर्चा का विषय बनी हुई है कि पुलिस को बुलाने से पहले स्थानीय लोगों और पीड़ितों के परिजनों ने उस रीलबाज युवक की जमकर सुताई की। लोगों ने उसे उसी की भाषा में जवाब देते हुए साफ कर दिया कि सोशल मीडिया के लिए किसी की बेइज्जती करना कितना भारी पड़ सकता है।

जब ग्रामीणों का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ, तब गांव के गणमान्य नागरिकों ने कानून को अपने हाथ में पूरी तरह लेने के बजाय पुलिस को इसकी सूचना देना उचित समझा। ग्रामीणों ने तत्काल छत्तीसगढ़ पुलिस की आपातकालीन हेल्पलाइन सेवा डायल 112 पर कॉल करके पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और खंभे से बंधे युवक को मुक्त कराकर अपने वाहन में बैठाया और थाने ले गई।

रील संस्कृति और शॉर्टकट लोकप्रियता पर उठ रहे गंभीर सवाल पुलिस ने युवाओं से की सोशल मीडिया का दुरुपयोग न करने की अपील

इस घटना ने एक बार फिर समाज में पैर पसार रही रील संस्कृति और शॉर्टकट के माध्यम से लोकप्रिय होने की युवाओं की मानसिक बीमारी को उजागर कर दिया है। आज के युवा यह भूल चुके हैं कि सोशल मीडिया एक उपयोगी साधन है, न कि किसी को प्रताड़ित करने या कानून तोड़ने का लाइसेंस। व्यूज के चक्कर में युवा लगातार खतरनाक स्टंट कर रहे हैं, हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हैं और अब इस तरह की हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

इस पूरे मामले में बतौली और आस-पास के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया गया है और पीड़ितों की शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के भड़काऊ, हिंसक या किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले वीडियो पोस्ट करने वालों पर सायबर सेल के माध्यम से कड़ी नजर रखी जा रही है और ऐसे मामलों में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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