इमाम हुसैन ने सिखाया सब्र और इंसानियत का रास्ता: फाउण्डेशन चेयरमैन सैय्यद सलमा ने किया सेवा कार्य, जगह-जगह लगाया लंगर
भूख-प्यास सहकर भी यजीदी जुल्म के आगे नहीं झुके इमाम हुसैन, उन्हीं के पैगाम को आगे बढ़ा रहा है वैदिक वेलफेयर फाउण्डेशन।

रायपुर। मोहर्रम के मुकद्दस मौके पर इमाम-ए-हुसैन और उनके 72 जांबाज साथियों की लासानी शहादत को याद करते हुए ‘वैदिक वेलफेयर फाउण्डेशन’ द्वारा राजधानी रायपुर में बड़े पैमाने पर जनसेवा का कार्य किया गया। फाउण्डेशन की चेयरमैन सैय्यद सलमा के नेतृत्व में शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों जवाहर मार्केट (मालवीय रोड) और गुढ़ियारी सहित विभिन्न स्थानों पर भव्य लंगर और ठंडे शरबत का वितरण किया गया, जिसमें भारी संख्या में आमजनों ने हिस्सा लिया।
इस गरिमामयी अवसर पर इमाम हुसैन (अलैहिस्सलाम) की शहादत और उनके जीवन दर्शन पर रोशनी डालते हुए फाउण्डेशन की चेयरमैन सैय्यद सलमा ने कहा कि इमाम-ए-हुसैन ने कर्बला के मैदान में भूखे-प्यासे रहकर यजीदी जुल्म का सामना किया, लेकिन कभी सब्र का दामन नहीं छोड़ा। उन्होंने अपनी शहादत देकर पूरी दुनिया को मानवता और इंसानियत को जिंदा रखने का अमर पैगाम दिया। आज के दौर में हमें इमाम हुसैन के बताए रास्ते और उनके सिद्धांतों पर चलने की सख्त जरूरत है। तभी हम सच्चे अर्थों में देश, समाज और आम जनता की नि:स्वार्थ सेवा कर सकेंगे।
जवाहर मार्केट और गुढ़ियारी में आयोजित इस लंगर वितरण कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बढ़-चढ़कर अपनी सेवाएं दीं।
इस सेवा कार्य के दौरान स्टार वैदिक वेलफेयर फाउण्डेशन की प्रेसिडेंट सैय्यद सलमा, महासचिव आशा शर्मा, सैय्यद ताजुद्दीन, मोहम्मद जावेद खान, आशियां परवीन, प्रिया सेन, सैय्यद गौस अली, सुघा बाघ, अब्दुल शमीम और सैय्यद नूरी सहित फाउण्डेशन के सभी प्रमुख पदाधिकारी व सक्रिय सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।



