छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में दर्दनाक घटना: छुट्टी पर आए सीआरपीएफ जवान ने घर के बाहर फांसी लगाकर दी जान
आम के पेड़ पर फंदे से लटके मिले जवान को अस्पताल ले गए परिजन, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, पुलिस मामले की जांच में जुटी।

रायपुर, 25 जून 2026 : छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों और उनके परिवारों से जुड़ी एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राज्य के बलरामपुर जिले में छुट्टी पर घर आए केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के एक जवान ने अपने ही घर के बाहर एक आत्मघाती कदम उठा लिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और सुरक्षा बलों के जवानों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के रहने वाले सीआरपीएफ के जवान वर्तमान में छुट्टी पर अपने पैतृक घर आए हुए थे। घटना की सुबह जवान ने अपने घर के ठीक बाहर स्थित एक आम के पेड़ पर फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब परिजनों की नजर पेड़ पर पड़ी, तो घर में कोहराम मच गया।
बलरामपुर जिले से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, जवान को फंदे पर लटकता देख परिजनों ने बिना वक्त गंवाए अत्यधिक तत्परता दिखाई। घरवालों ने तुरंत ही जवान को फंदे से नीचे उतारा और आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों को उम्मीद थी कि शायद जवान की सांसें चल रही होंगी और उन्हें चिकित्सा सहायता से बचाया जा सकेगा।
अस्पताल पहुंचने पर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों की टीम ने तुरंत जवान का परीक्षण किया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद जवान को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल लाने से पहले ही जवान के प्राण पखेरू उड़ चुके थे। इस खबर के मिलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जवान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में घटनास्थल या जवान के पास से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जवान किस वजह से मानसिक तनाव या अवसाद में था, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। परिजनों और जवान के करीबी सहयोगियों से पूछताछ के बाद ही इस आत्मघाती कदम के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
छत्तीसगढ़ में तैनात सुरक्षाकर्मियों में घरेलू समस्याओं, छुट्टी की कमी या लंबे समय तक तनावपूर्ण माहौल में काम करने के कारण पहले भी इस तरह के अवसाद के मामले सामने आते रहे हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।


