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कानून-व्यवस्था पर DCP मयंक गुर्जर सख्त:नार्थ जोन में नई गश्त प्रणाली होगी लागू, अपराधियों पर कड़े एक्शन के निर्देश

चाकूबाजी और नशे के सौदागरों पर होगी सख्त कार्रवाई, थानों में लगानी होगी गुंडा-बदमाशों को हाजिरी।







रायपुर । नार्थ जोन में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाने और जनहित में संवेदनशील पुलिसिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पुलिस उपायुक्त कार्यालय (नार्थ जोन) में आयोजित इस हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता डीसीपी मयंक गुर्जर ने की। बैठक में जोन के समस्त राजपत्रित अधिकारियों सहित उरला एवं पंडरी अनुभाग के थाना व चौकी प्रभारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान डीसीपी मयंक गुर्जर ने क्षेत्र में ‘विजिबल पुलिसिंग’ को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी सड़कों पर दिखनी चाहिए ताकि आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो। इसके साथ ही उन्होंने बैंकों और एटीएम की नियमित चेकिंग करने तथा रात्रि गश्त को अधिक सघन व प्रभावी बनाने पर बल दिया। डीसीपी ने रात्रि गश्त में पुलिस बल की संख्या बढ़ाने और मौजूदा तैनाती की समीक्षा कर एक ‘नवीन गश्त प्रणाली’ तैयार करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की।

असामाजिक तत्वों और आदतन अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए डीसीपी ने साफ किया कि गुंडा-बदमाशों पर सतत निगरानी रखी जाए और उनकी थानों में नियमित हाजिरी सुनिश्चित कराई जाए। चाकूबाजी, नशे के अवैध कारोबार और अन्य संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त शराब भट्ठियों, अहातों, होटलों, लॉज, ढाबों और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस द्वारा नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में नए कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) के अंतर्गत आने वाले गंभीर मामलों, साइबर अपराधों, महिला उत्पीड़न और बाल अपराधों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतते हुए तत्काल संज्ञान लिया जाए और शीघ्र व प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाए।

संवेदनशील क्षेत्रों और बस्तियों में संदिग्ध व्यक्तियों व अड्डेबाजों की धरपकड़ के लिए भी अभियान चलाने को कहा गया है। इसके साथ ही डीसीपी ने सभी पुलिसकर्मियों को आम नागरिकों के साथ शालीन, सहयोगात्मक और मानवीय व्यवहार बनाए रखने की हिदायत दी। उन्होंने पुलिस बल के भीतर अनुशासन को सर्वोपरि बताया।

इस अहम समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (नार्थ जोन) आकाश मरकाम, ए.सी.पी. (उरला) पूर्णिमा लामा समेत नार्थ जोन के सभी थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने डीसीपी के दिशा-निर्देशों का जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन करने का संकल्प लिया।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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