ज्ञान की मशाल जलाएगा बस्तर: कलेक्टर ने ‘पुस्तक दान अभियान’ रथ को दिखाई हरी झंडी

7 दिनों तक जिले के हर विकासखंड में घूमेगा रथ; प्रशासन ने की जन-भागीदारी की अपील।





बस्तर । बस्तर जिले में शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने और ज्ञान की नई अलख जगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक अत्यंत सराहनीय पहल की शुरुआत की गई है। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिले में औपचारिक रूप से ‘पुस्तक दान अभियान’ का शंखनाद किया गया। इस अभियान का मूल उद्देश्य घरों की अलमारियों में बंद पड़ी पुरानी और उपयोगी किताबों को उन जरूरतमंद हाथों तक पहुँचाना है, जो संसाधनों के अभाव में शिक्षा की मुख्यधारा से पिछड़ जाते हैं।

इस महाभियान को गति देने के लिए तैयार किए गए विशेष ‘पुस्तक दान रथ’ को कलेक्टर श्री छिकारा ने कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने आम जनता, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विद्यार्थियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि आपकी दी हुई एक पुरानी किताब किसी छात्र के जीवन की दिशा बदल सकती है।” उन्होंने लोगों से प्रेरणादायक जीवनियाँ और सामान्य ज्ञान की पुस्तकें दान करने का आह्वान किया।

अभियान के शुभारंभ पर ही जन-उत्साह देखते ही बना। रथ ने शहर के पावर हाउस चौक, डोंगरीपारा, कोहकापाल, धरमपुरा और नया बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों का भ्रमण किया, जहाँ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर अपनी पुस्तकें दान कीं। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी बी.आर. बघेल और सहायक आयुक्त गणेश राम सोरी सहित कई अधिकारियों ने स्वयं भी पुस्तकें दान कर मिसाल पेश की।

यह अभियान आगामी 25 मार्च तक जिले के विभिन्न अंचलों में निरंतर जारी रहेगा:

  • 20 मार्च: तोकापाल के एर्राकोट और करंजी क्षेत्र।
  • 21 मार्च: बास्तानार और किलेपाल।
  • 22 मार्च: दरभा और तीरथगढ़ अंचल।
  • 23 मार्च: बकावण्ड क्षेत्र।
  • 24 मार्च: लोहण्डीगुड़ा।
  • 25 मार्च: भानपुरी और केशरपाल (बस्तर विकासखंड)।

संग्रहित की गई इन बहुमूल्य पुस्तकों को जिला ग्रंथालय एवं विकासखंड स्तर के पुस्तकालयों में व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल समाज में दान की एक बौद्धिक संस्कृति विकसित होगी, बल्कि पुरानी किताबों को नया जीवन भी मिलेगा। अभियान के सफल संचालन हेतु सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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