मिडिल ईस्ट तनाव का असर रायपुर तक, कमर्शियल गैस संकट से 20 से अधिक रेस्टॉरेंट बंद

अमेरिका-इजराइल-ईरान तनाव के बीच कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी; होटल-रेस्टॉरेंट और कैटरिंग व्यवसाय प्रभावित, सरकार ने आपूर्ति पर निगरानी के निर्देश दिए।





रायपुर, 11 मार्च 2026 – मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के कई शहरों की तरह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी दिखाई देने लगा है। कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी के कारण शहर के 20 से अधिक रेस्टॉरेंट अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं। गैस की आपूर्ति बाधित होने से होटल, रेस्टॉरेंट और कैटरिंग व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं और कई प्रतिष्ठानों के सामने संचालन बनाए रखना चुनौती बन गया है।

कमर्शियल गैस की कमी से होटल-रेस्टॉरेंट प्रभावित

जानकारी के अनुसार रायपुर में 100 से अधिक बड़े और मध्यम श्रेणी के रेस्टॉरेंट संचालित होते हैं। इनमें से कई प्रतिष्ठानों को पिछले कुछ दिनों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। गैस की कमी के कारण रसोई संचालन में बाधा आ रही है, जिसके चलते कई रेस्टॉरेंट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।

होटल और रेस्टॉरेंट संचालकों का कहना है कि कई जगहों पर केवल दो से तीन दिन का ही गैस स्टॉक बचा है। यदि जल्द ही गैस की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो आने वाले दिनों में और भी प्रतिष्ठानों को बंद करना पड़ सकता है।

शादी और कैटरिंग व्यवसाय पर भी असर

कमर्शियल गैस संकट का असर शादी-समारोह और बड़े आयोजनों पर भी दिखाई देने लगा है। रायपुर में इन दिनों विवाह और कार्यक्रमों का सीजन चल रहा है, लेकिन कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कई कैटरर्स को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है, जबकि कुछ आयोजनों में भोजन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।

मिडिल ईस्ट तनाव से प्रभावित हुई गैस सप्लाई

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसका अधिकांश हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आता है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने और प्रमुख समुद्री मार्गों पर दबाव के कारण एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की कुल एलपीजी खपत का लगभग 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात से पूरा होता है, जबकि घरेलू उत्पादन सीमित है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर होटल और उद्योग जैसे कमर्शियल उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।

देश के कई शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु और पुणे में भी कमर्शियल एलपीजी की कमी के कारण होटल और रेस्टॉरेंट संचालन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।

घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता

केंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए एलपीजी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा घरेलू सिलेंडरों के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है। इसके कारण कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता कई क्षेत्रों में कम हो गई है।

तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करें और आवश्यकता पड़ने पर उत्पादन बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री ने दिए आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में गैस की उपलब्धता को लेकर आम लोगों को चिंता न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गैस एजेंसियों के स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए। साथ ही कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही गैस सिलेंडर की बुकिंग करें।

इंदौर में भी बढ़ा कमर्शियल गैस संकट

इसी तरह मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी की खबर सामने आई है। वहां कई जगहों पर कमर्शियल गैस की बुकिंग और सप्लाई प्रभावित होने से होटल और रेस्टॉरेंट संचालकों की चिंता बढ़ गई है।

इंदौर में प्रतिदिन लगभग 3,500 से 4,000 कमर्शियल सिलेंडरों की खपत होती है। ऐसे में यदि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो होटल और कैटरिंग उद्योग पर व्यापक असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर भारत के कई शहरों में गैस की कीमतों और उपलब्धता पर पड़ सकता है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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