मोहड़ गोलीकांड का मास्टरमाइंड 9 महीने बाद कोर्ट में सरेंडर, कुर्की की कार्रवाई से पहले किया आत्मसमर्पण
राजनांदगांव के चर्चित मोहड़ गोलीकांड में फरार मुख्य आरोपी संजय सिंह ने साथी के साथ अदालत में किया आत्मसमर्पण; कुर्की की कार्रवाई के दबाव में लिया फैसला।

रायपुर, 11 मार्च 2026 – छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर हुए चर्चित मोहड़ गोलीकांड के मुख्य आरोपी ने आखिरकार अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है। करीब नौ महीने से फरार चल रहे इस मामले के मास्टरमाइंड संजय सिंह ने अपने साथी अमन बैसांदर के साथ जिला न्यायालय में सरेंडर किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर भेज दिया है।
यह मामला जून 2025 में सामने आया था, जब राजनांदगांव जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मोहड़ में नदी से अवैध रेत उत्खनन को लेकर विवाद के दौरान ग्रामीणों पर गोलीबारी की गई थी। घटना के बाद यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था।
कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
जानकारी के अनुसार 10 मार्च की दोपहर आरोपी संजय सिंह और उसका साथी अमन बैसांदर अपने वकीलों के साथ जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचे और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार होता के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
दोनों आरोपी पिछले नौ महीनों से फरार थे और पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। अदालत ने दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेजते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कुर्की की कार्रवाई के दबाव में सरेंडर
पुलिस के अनुसार घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। अदालत ने उनके खिलाफ उद्घोषणा जारी करते हुए 16 मार्च तक अदालत में पेश होने का आदेश दिया था।
यदि तय समय सीमा तक वे उपस्थित नहीं होते तो उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जानी थी। इसी दबाव के चलते मुख्य आरोपी संजय सिंह और उसका साथी नौ महीने बाद अदालत में पेश हुए और सरेंडर कर दिया।
मध्यप्रदेश की गैंग पर लगा था हमला करने का आरोप
मोहड़ गोलीकांड में आरोप है कि मध्यप्रदेश के ग्वालियर से जुड़े कुछ लोगों की गैंग अवैध रेत उत्खनन में शामिल थी। जब स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया।
इस दौरान आरोपियों ने ग्रामीणों के साथ मारपीट की और बाद में उन पर गोलीबारी कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
मास्टरमाइंड संजय सिंह की पहचान
पुलिस जांच में इस घटना का मास्टरमाइंड ग्वालियर निवासी संजय सिंह को बताया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का राजनीतिक संबंध भी बताया जाता है और वह एक भाजपा नेता के रूप में भी पहचाना जाता है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह सबूतों के आधार पर की जा रही है।
अब तक नौ आरोपियों की गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शूटर अतुल तोमर, अभय सिंह तोमर, जितेंद्र नारौलिया, अमन सिंह परिहार और कृष्णा उर्फ गोलू गुर्जर सहित अन्य आरोपी शामिल हैं।
पुलिस जांच के अनुसार इन आरोपियों ने ही ग्रामीणों के साथ मारपीट करने के बाद गोली चलाई और मौके से फरार हो गए थे।
कई धाराओं में दर्ज हुआ था मामला
मोहड़ गोलीकांड के बाद बसंतपुर थाना में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इनमें आपराधिक साजिश, हमला, अवैध गतिविधि और हिंसक कृत्य से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
इसके अलावा खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम 1957 और आयुध अधिनियम की धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि अवैध रेत उत्खनन को लेकर यह पूरा विवाद सामने आया था।
प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन का बड़ा मुद्दा
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों से अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा लगातार सुर्खियों में रहा है। कई जिलों में रेत खनन को लेकर विवाद और हिंसक घटनाएं भी सामने आती रही हैं। मोहड़ गोलीकांड को भी इसी तरह की घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुख्य आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद मामले की जांच और तेज होगी और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।



