अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने अर्पित की भावांजलि,बोले-दीनदयाल जी का ‘अंत्योदय’ ही सुशासन का असली आधार
समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान का संकल्प ही राष्ट्रवाद की सच्ची सेवा: पुरंदर मिश्रा

रायपुर । राष्ट्रवाद की सशक्त विचारधारा के पुरोधा, अंत्योदय के प्रणेता एवं एकात्म मानववाद के प्रवर्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 58वीं पुण्यतिथि आज राजधानी में श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा ने तेलीबांधा स्थित पंडित जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधायक मिश्रा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि पंडित जी ने ‘अंत्योदय’ का जो कालजयी सिद्धांत दिया, वह आज भी सुशासन और नीति-निर्माण का मूल आधार है। उनकी वैचारिक स्पष्टता ने भारतीय राजनीति को एक नई दिशा प्रदान की है।
विधायक मिश्रा ने पंडित जी को करोड़ों कार्यकर्ताओं का प्रेरणापुंज बताते हुए कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक के रूप में उन्होंने राजनीति में मूल्यों और आदर्शों की स्थापना की। उन्होंने वैदिक मंत्रों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक अखंडता का उल्लेख करते हुए कहा कि आज पूरा देश उनकी पुण्यतिथि को ‘समर्पण दिवस’ के रूप में मना रहा है। यह दिन हमें स्वयं से ऊपर उठकर राष्ट्र के बारे में सोचने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। उपस्थित सभी जनों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के सिद्धांतों को आत्मसात करने और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया।



