जनता से संवाद के बीच हिंसा, सीएम रेखा गुप्ता को थप्पड़ मारने वाला गुजरात निवासी हिरासत में

जनसुनवाई के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर एक व्यक्ति ने अचानक हमला कर दिया, जिससे उनके सिर पर चोट आई। आरोपी गुजरात निवासी राजेश सकरिया को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह सरकारी नीतियों से नाराज था। घटना ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था और जनसुनवाई की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


New Delhi, 20 August 2025 : बुधवार सुबह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने आवास पर साप्ताहिक जनसुनवाई कर रही थीं, जहां आम नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति जिसकी पहचान राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया के रूप में हुई है, CM के पास शिकायत के बहाने पहुंचा।

राजेश, जो गुजरात के राजकोट का निवासी बताया जा रहा है, पहले कुछ दस्तावेज सौंपता है और फिर अचानक जोर-जोर से चिल्लाने लगता है। इसी बीच वह मुख्यमंत्री को थप्पड़ मार देता है, जिससे उनका सिर पास की मेज से टकरा जाता है। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को काबू में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया।


आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

  • नाम: राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया
  • उम्र: 41 वर्ष
  • निवास: राजकोट, गुजरात
  • गिरफ्तारी: मौके पर ही हिरासत में लिया गया
  • मकसद: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी दिल्ली में आवारा कुत्तों को पकड़ने की सरकारी नीति से नाराज था। उसकी मां के अनुसार वह पशु प्रेमी है।

पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसकी मानसिक स्थिति, पृष्ठभूमि और दिल्ली आने के उद्देश्य की जांच कर रही है। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।


राजनीतिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा चिंताएं

घटना के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल मच गई है। भाजपा नेताओं ने इसे जनसुनवाई को बाधित करने की साजिश बताया है।

  • भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी ने कहा कि यह हमला जनसुनवाई को डिरेल करने की कोशिश है।
  • आप नेता आतिशी ने ट्वीट कर कहा कि लोकतंत्र में असहमति की जगह है, लेकिन हिंसा की नहीं।
  • कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए कि अगर सीएम सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिला कैसे होगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को हल्की चोटें आई हैं, लेकिन उनकी स्थिति स्थिर है। सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया है और जनसुनवाई की व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।


निष्कर्ष

यह घटना न केवल मुख्यमंत्री की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद की प्रक्रिया को भी चुनौती देती है। जनसुनवाई जैसी पारदर्शी पहल में इस तरह की हिंसा बेहद चिंताजनक है। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि यह व्यक्तिगत असंतोष था या कोई गहरी राजनीतिक साजिश।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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