नेहरू की सिंधु जल संधि पर पीएम मोदी का तीखा हमला, राधाकृष्णन को बताया उपराष्ट्रपति पद का सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार

 

एनडीए की संसदीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन को सांसदों से परिचित कराया और उनकी सादगी व जमीनी नेतृत्व की सराहना की। साथ ही नेहरू द्वारा सिंधु जल संधि को बिना कैबिनेट की मंजूरी के किए जाने को किसान विरोधी बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

मंगलवार को संसद भवन की लाइब्रेरी बिल्डिंग में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संसदीय दल की बैठक में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन को औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और सांसद मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने राधाकृष्णन को “ओबीसी समाज से आने वाला एक सहज और जमीनी नेता” बताया। उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन राजनीति को खेल नहीं मानते, बल्कि सेवा का माध्यम समझते हैं। पीएम ने मजाकिया अंदाज़ में कहा, “हम दोनों पुराने मित्र हैं, जब हमारे बाल काले थे तब से दोस्त हैं”।


सिंधु जल संधि पर नेहरू को घेरा

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नेहरू ने देश को दो बार बांटा—पहली बार रेडक्लिफ रेखा के जरिए और दूसरी बार सिंधु जल संधि के माध्यम से। इस संधि के तहत भारत की नदियों का 80% पानी पाकिस्तान को सौंप दिया गया।

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि यह समझौता बिना कैबिनेट की मंजूरी के किया गया था और बाद में नेहरू ने अपने सचिव के माध्यम से स्वीकार किया कि इससे कोई लाभ नहीं हुआ। उन्होंने इसे “किसान विरोधी” और “अन्यायपूर्ण” करार दिया।


स्वतंत्रता दिवस पर भी उठाया था मुद्दा

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में भी सिंधु जल संधि को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, “भारत से निकलती नदियों का पानी दुश्मनों के खेत सींच रहा है, और मेरे देश के किसान पानी के बिना प्यासी धरती पर खेती कर रहे हैं। अब हिंदुस्तान के हक का पानी सिर्फ हिंदुस्तान के लिए होगा”।


राधाकृष्णन का नामांकन और चुनावी समीकरण

सी. पी. राधाकृष्णन बुधवार को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। वे तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। भाजपा नीत एनडीए को लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों वाले निर्वाचक मंडल में पूर्ण बहुमत प्राप्त है, जिससे उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (Indian National Developmental Inclusive Alliance) ने संकेत दिए हैं कि वह भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगा, जिससे चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।


निष्कर्ष

एनडीए की बैठक में जहां राधाकृष्णन को एक सुलझे हुए और विवादों से दूर नेता के रूप में प्रस्तुत किया गया, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने नेहरू की नीतियों पर सवाल उठाकर कांग्रेस को घेरने की रणनीति अपनाई। सिंधु जल संधि को लेकर उठाए गए सवाल अब राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनते दिख रहे हैं।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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