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बसना क्षेत्र के श्रद्धालुओं संग नीलाचल धाम पहुंचे विधायक डॉ संपत अग्रवाल,बोले- भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं

बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने सपरिवार किए महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन, रथ खींचकर प्राप्त किया पुण्य







पुरी/बसना । अषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर, पुरुषोत्तम क्षेत्र श्री जगन्नाथपुरी धाम में आस्था का एक ऐसा ज्वार उमड़ा, जिसमें देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु महाप्रभु की एक झलक पाने के लिए लीन हो गए। इस दिव्य बेला में, छत्तीसगढ़ के बसना विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल भी अपने परिवार और क्षेत्र क श्रद्धालुओं के साथ महाप्रभु के दर पर हाजिरी लगाने पहुंचे।

नीलाचल धाम की अलौकिक भूमि पर कदम रखते ही संपूर्ण वातावरण ‘जय जगन्नाथ’ और ‘हरि बोल’ के शंखनाद से गुंजायमान हो उठा। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने सपरिवार गर्भगृह में विराजमान जगद्गुरु भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी, ज्येष्ठ भ्राता भगवान बलभद्र और शक्ति स्वरूपा माता सुभद्रा के विग्रहों के दर्शन किए। उन्होंने भाव-विह्वल होकर महाप्रभु के चरणों में शीश नवाया और छत्तीसगढ़ की साढ़े तीन करोड़ जनता की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं निरोगी जीवन की मंगल कामना की।

दर्शन के उपरांत, डॉ. संपत अग्रवाल उस परम सौभाग्य के साक्षी बने जिसका स्वप्न हर सनातनी देखता है। उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ के विशाल रथ ‘नंदीघोष’ की पवित्र रस्सी (शंखचूड़) को अपने हाथों में थामा और श्रद्धापूर्वक रथ खींचा। मान्यता है कि रथयात्रा के इस महापर्व में रथ खींचने मात्र से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

महाप्रभु का रथ खींचने के बाद विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने कहा कि यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि साक्षात ब्रह्म का धरा पर अवतरण है। महाप्रभु जगन्नाथ ‘पतितपावन’ हैं, जो स्वयं गर्भगृह से बाहर निकलकर अपने उन भक्तों को दर्शन देने आते हैं जो मंदिर तक नहीं पहुंच पाते। आज सपरिवार और बसना क्षेत्र के प्यारे श्रद्धालुओं के साथ इस महामेला का हिस्सा बनना मेरे जीवन का सबसे अलौकिक और सौभाग्यशाली क्षण है। जब मैंने उस दिव्य रथ की रस्सी को स्पर्श किया, तो ऐसा लगा मानो संपूर्ण ब्रह्मांड की ऊर्जा और शांति मेरे भीतर समा गई हो। मैंने महाप्रभु से यही प्रार्थना की है कि हमारे छत्तीसगढ़ की धरा सदैव अन्न-धन से भरपूर रहे और हर घर में सुख-शांति का वास हो।

विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने आगे कहा कि जगन्नाथ संस्कृति हमें समरसता और समानता का संदेश देती है। इस पावन रथयात्रा में न कोई राजा है, न कोई रंक, न कोई ऊंच है, न कोई नीच। यहाँ सब महाप्रभु के सेवक हैं। जिस प्रकार स्वयं पुरी के गजपति महाराज ‘छेरा पहंरा’ की रस्म निभाकर सोने की झाड़ू से रथ के आगे बुहारी लगाते हैं, वह हमें सिखाता है कि भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं है। बसना क्षेत्र से जो श्रद्धालु मेरे साथ इस दिव्य यात्रा पर आए हैं, मैं स्वयं को धन्य महसूस कर रहा हूँ कि मुझे उनके साथ इस पुण्य पथ पर चलने का अवसर मिला। महाप्रभु की कृपा हमारे पूरे क्षेत्र और प्रदेश पर सदैव बनी रहे।

रथ यात्रा कार्यक्रम में ओडिशा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित कैबिनेट मंत्री, विधायकगण एवं जनप्रतिनिधि सहित श्रद्धालुगण उपस्थित रहे ।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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