साय सरकार में सुशासन सिर्फ दिखावा, जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए त्रस्त: वंदना राजपूत
महंगी बिजली, जीएसटी की मार और कर्ज में डूबा प्रदेश— कांग्रेस ने जारी किया साय सरकार का 'विफलता पत्र'।

रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता वंदना राजपूत ने साय सरकार के ‘सुशासन’ के दावों पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से आम आदमी अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों की चौखट लांघने को मजबूर है।
वंदना राजपूत ने कहा कि सुशासन का दंभ भरने वाली सरकार में नामांतरण, फौत और त्रुटि सुधार जैसे कार्यों के लिए लाखों आवेदन पटवारी और तहसील कार्यालयों में धूल फांक रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता को सड़क, नाली, बिजली और पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भी आवेदन लेकर दर-दर भटकना पड़ रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार अब तक 135 लाख करोड़ का कर्ज ले चुकी है। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती और पेयजल की किल्लत से जनता बेहाल है। प्रशासनिक अराजकता और महंगी बिजली के कारण प्रदेश के मात्र 33 प्रतिशत स्टील उद्योग ही संचालित हो पा रहे हैं, बाकी बंद होने की कगार पर हैं।
वंदना राजपूत ने विभिन्न वर्गों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, तो वहीं व्यापारी अनियमित जीएसटी से परेशान हैं। महिलाओं को लेकर उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के 1000 रुपये के लिए माताओं-बहनों को चिलचिलाती धूप में घंटों केवाईसी (KYC) के लिए खड़ा रहना पड़ रहा है। वहीं, 500 रुपये में गैस सिलेंडर का वादा महज एक ‘जुमला’ साबित हुआ है।
सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वंदना राजपूत ने कहा कि आज प्रदेश में कोई ऐसा विभाग नहीं बचा है जहां भाजपा के बिचौलिये सक्रिय न हों। ढाई साल बीत जाने के बाद भी सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई है, अस्पतालों में दवाइयां और जांच मशीनें उपलब्ध नहीं हैं। आयुष्मान योजना का भुगतान रुकने से निजी अस्पताल मरीजों को लौटा रहे हैं। उन्होंने अंत में कहा कि साय सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है और यह सुशासन नहीं, बल्कि कमीशनखोरी का शासन है।



