बिलासपुर में जाली नोट खपाने की कोशिश नाकाम: 500 के नकली नोट से शराब खरीदने पहुंचा युवक गिरफ्तार, पुलिस ने शुरू की खंगाल
बिलासपुर में नकली नोटों से शराब खरीदने की कोशिश करने वाला युवक गिरफ्तार। पुलिस ने 500 रुपये के 4 जाली नोट बरामद किए। जानिए कैसे हुआ पूरे मामले का भंडाफोड़ और क्या है पुलिस की आगे की कार्रवाई।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। अब उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन नकली नोटों की छपाई कहां हो रही थी और इस सिंडिकेट के पीछे कौन-कौन शामिल हैं।
जानिए कैसे पकड़ा गया आरोपी
बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली एक शासकीय मदिरा दुकान पर आरोपी युवक शराब खरीदने पहुंचा। उसने काउंटर पर मौजूद कर्मचारी को शराब की बोतल मांगने के बाद 500 रुपये का नोट थमाया। नोट हाथ में लेते ही सेल्समैन को उसके कागज और प्रिंटिंग पर संदेह हुआ।
कर्मचारी ने जब नोट को ध्यान से परखा, तो पाया कि उसमें सुरक्षा धागे और वॉटरमार्क जैसी बुनियादी चीजें गायब थीं। उसने तुरंत समझदारी दिखाते हुए युवक को बातों में उलझाया और आसपास के लोगों की मदद से उसे वहीं रोक लिया। सूचना मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
तलाशी में मिले 500 के 4 जाली नोट
पुलिस ने जब आरोपी की जामा तलाशी ली, तो उसकी जेब से 500-500 रुपये के तीन और जाली नोट बरामद हुए। कुल मिलाकर पुलिस ने उसके पास से 2,000 रुपये मूल्य के 4 नकली नोट जब्त किए हैं। जब्त किए गए नोटों का रंग और छपाई असली नोटों से काफी मिलती-जुलती थी, लेकिन उनका कागज आम कागजों जैसा ही था।
पूछताछ में पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी को ये नोट किसने दिए थे। प्रारंभिक जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि कोई गिरोह छोटे-छोटे कस्बों और भीड़भाड़ वाली दुकानों में इन नोटों को चलाने का प्रयास कर रहा है।
छोटे व्यापारियों और शराब दुकानों को निशाना बना रहा गिरोह
नकली नोट खपाने वाले गिरोह अक्सर ऐसी जगहों को चुनते हैं जहां पैसों का लेन-देन तेजी से होता है। शराब दुकानें, सब्जी मंडियां और पेट्रोल पंप ऐसे ठिकाने होते हैं जहां भीड़ के कारण कैशियर हर नोट को बारीकी से नहीं जांच पाता। इसी बात का फायदा उठाकर शातिर अपराधी फर्जी नोटों को असली करेंसी के बीच खपा देते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। आमतौर पर 100, 200 और 500 के नकली नोटों का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि लोग इन पर ज्यादा शक नहीं करते।
बिलासपुर और आसपास के इलाकों में पहले भी मिले हैं सुराग
छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर और उससे लगे जांजगीर-चांपा व कोरबा जिलों में पहले भी नकली नोट छापने और खपाने वाले गिरोह पकड़े जा चुके हैं। कई मामलों में हाई-क्वालिटी प्रिंटर और स्कैनर का इस्तेमाल कर रंगीन फोटोकॉपी के जरिए जाली नोट तैयार किए जाते रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, त्योहारों और चुनावी माहौल के आसपास ऐसे गिरोह ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। स्थानीय पुलिस अब उन क्षेत्रों की भी मैपिंग कर रही है जहां पहले भी जाली नोटों से जुड़ी गतिविधियां सामने आई थीं। साइबर सेल की मदद से आरोपी के मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन की भी पड़ताल की जा रही है।
असली और नकली नोट की पहचान कैसे करें
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समय-समय पर जाली नोटों से बचने के लिए गाइडलाइंस जारी करता रहता है। आम जनता और दुकानदारों को 500 रुपये के नोट की जांच करते समय कुछ मुख्य बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- देवनागरी में मूल्य: नोट के बीच में 500 अंक देवनागरी लिपि में लिखा होता है।
- सुरक्षा धागा: सुरक्षा धागे का रंग नोट को थोड़ा तिरछा करने पर हरे से बदलकर नीला हो जाता है।
- महात्मा गांधी की तस्वीर: नोट के खाली हिस्से में महात्मा गांधी की तस्वीर और 500 का वॉटरमार्क दिखाई देता है।
- अशोक स्तंभ: नोट के दाहिनी ओर नीचे की तरफ अशोक स्तंभ का निशान होता है।
- ब्लीड लाइन्स: दृष्टिबाधित लोगों के लिए नोट के दोनों किनारों पर उभरी हुई लाइने (Bleed Lines) बनी होती हैं।
पुलिस की व्यापारियों से सतर्क रहने की अपील
इस घटना के बाद बिलासपुर पुलिस ने जिले के सभी छोटे-बड़े व्यापारियों, पेट्रोल पंप संचालकों और शराब दुकान के कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी जगह संदेहास्पद नोट मिलता है, तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत जाली मुद्रा रखने और उसे बाजार में असली के रूप में चलाने का अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े मुख्य सप्लायर को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।



