दो घंटे में गुमशुदा नाबालिग की तलाश , रायपुर-बिलासपुर पुलिस की संयुक्त सफलता

अंतरजिला समन्वय की मिसाल: संभावित अनहोनी को टालने में कामयाब रही पुलिस

रायपुर । रायपुर जिले के ग्राम सांकरा निवासी खेमचंद जैन के 15 वर्षीय पुत्र की गुमशुदगी की सूचना मिलने पर रायपुर और बिलासपुर पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर अंतरजिला समन्वय स्थापित कर नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया। यह त्वरित कार्रवाई पुलिस की सतर्कता, तकनीकी दक्षता और समन्वित प्रयास का उत्कृष्ट उदाहरण बनी।

घटना की जानकारी 11 अगस्त को सुबह 11:15 बजे खेमचंद जैन द्वारा पुलिस सहायता केंद्र सिलतरा में दी गई। उन्होंने बताया कि उनका पुत्र 10 अगस्त की रात लगभग 8:30 बजे इलेक्ट्रिक एक्टिवा (CG/04/PK/2346) लेकर बिना बताए घर से निकल गया था। परिजनों ने रिश्तेदारों के यहां भी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/ उपमहानिरीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक पूर्णिमा लामा को अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर गुमशुदा बालक की तलाश हेतु विशेष टीम गठित की गई।

पूछताछ में यह जानकारी मिली कि जिस एक्टिवा से बालक गया था, उसमें GPS सिस्टम लगा है, जिसे लोधीपारा स्थित होंडा शोरूम से खरीदा गया था। पुलिस टीम ने तत्काल शोरूम से संपर्क कर GPS को सक्रिय कराया। पहली लोकेशन बिलासपुर के कोनी रोड पर मिली, लेकिन वहां बालक नहीं मिला। दूसरी लोकेशन आरबी पेट्रोल पंप, गतौरी (बिलासपुर) पर मिली। टीम मौके पर पहुंची और बालक को वाहन के साथ चार्जिंग करते हुए सुरक्षित पाया।

बालक को सही सलामत बरामद कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। इस संयुक्त कार्रवाई ने संभावित अनहोनी को टालते हुए पुलिस की तत्परता और समन्वय को दर्शाया। इस कार्यवाही में पुलिस सहायता केंद्र सिलतरा के प्रभारी उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह कंवर, प्रधान आरक्षक कामता सिंह, आरक्षक सदानंद ठाकुर, राजकुमार चौबे तथा बिलासपुर क्राइम ब्रांच के निरीक्षक मोहम्मद अजहर, आरक्षक महादेव कुजुर और तदवीर सिंह पोर्ते ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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