Big BreakingCrimeDisasterNational

दिल्ली-मुंबई हाई कोर्ट में बम की धमकी से हड़कंप, दोनों ईमेल फर्जी निकले





रायपुर, 13 सितंबर, 2025: एक ही दिन में देश के दो प्रमुख उच्च न्यायालयों को निशाना बनाया गया; पुलिस ने गहन जांच के बाद धमकियों को फर्जी घोषित किया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है।

देश के न्यायिक इतिहास में यह एक दुर्लभ और चिंताजनक घटना थी, जब शुक्रवार को दिल्ली और मुंबई के दो प्रमुख उच्च न्यायालयों को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली। दोनों मामलों में अदालतों को खाली कराया गया, सुनवाई स्थगित कर दी गई और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने घंटों की मशक्कत के बाद इन धमकियों को फर्जी बताया, लेकिन इस समन्वित घटना ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर चौकन्ना कर दिया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय में सुबह-सुबह हड़कंप

पहला मामला सुबह दिल्ली में सामने आया। सुबह लगभग 8.38 बजे दिल्ली उच्च न्यायालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा मेल मिला। ईमेल भेजने वाले ने खुद को ‘terroriser_mafia@protonmail.com‘ बताया और दावा किया कि जजों के चैंबरों और कोर्टरूमों के भीतर दोपहर के आसपास विस्फोट होंगे। धमकी में लिखा था कि पिछली धमकियों के संदेह को आज की घटना से दूर कर दिया जाएगा और परिसर में तीन बम रखे गए हैं।

ये भी पढ़ें  'शरबत जिहाद' मामला, जानिए क्या कहा था बाबा रामदेव ने और दिल्ली हाइकोर्ट ने क्या की टिप्पणी

इस धमकी के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। कई बेंचों ने सुबह 11.35 बजे के आसपास ही कार्यवाही स्थगित कर दी, जबकि कुछ जज दोपहर तक मामलों को निपटाते रहे। इसके तुरंत बाद, वकीलों, वादियों और स्टाफ को परिसर से बाहर निकाला गया। बम निरोधक दस्ते, अग्निशमन विभाग और डॉग स्क्वॉड सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। एहतियात के तौर पर दो दमकल गाड़ियां, दो एंबुलेंस और एक बम निरोधक वाहन परिसर के अंदर तैनात किए गए थे।

न्यायालय भवन की गहन जांच के बाद दोपहर 2.30 बजे दिल्ली पुलिस ने इस धमकी को एक बड़ा फर्जीवाड़ा घोषित किया। डीसीपी (नई दिल्ली) देवेश कुमार महला ने बताया कि ईमेल की जांच की गई और वह झूठा निकला। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस धमकी का पिछले कुछ हफ्तों में स्कूलों को मिली बम की धमकियों से कोई संबंध नहीं है।

ये भी पढ़ें  Breaking News: बंबई उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला, 'नाबालिग पत्नी के साथ बिना सहमति के यौन संबंध बनाना बलात्कार'

कुछ घंटों बाद बॉम्बे हाई कोर्ट भी निशाना

दिल्ली की घटना के कुछ ही घंटों बाद, दोपहर लगभग 1 बजे मुंबई में भी इसी तरह की दहशत फैल गई। बॉम्बे हाई कोर्ट को भी एक धमकी भरा ईमेल मिला। यहाँ भी न्यायाधीशों ने अपनी कार्यवाही को अचानक रोक दिया और पूरी इमारत को धीरे-धीरे खाली कराया गया। बम निरोधक दस्ता, खोजी कुत्तों की मदद से, पूर्ण पैमाने पर तलाशी अभियान में जुट गया।

अदालत ने लगभग दो घंटे के लिए अपनी कार्यवाही को निलंबित कर दिया। गहन तलाशी के बाद पुलिस ने पुष्टि की कि कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और इस धमकी को भी फर्जी घोषित कर दिया गया। दोपहर 3 बजे से कुछ बेंचों ने कार्यवाही फिर से शुरू कर दी और अदालत में सामान्य कामकाज बहाल हो गया।

मुंबई पुलिस जोन 1 के डीसीपी प्रवीण मुंधे ने पुष्टि की कि यह एक फर्जी ईमेल था। उन्होंने कहा, “आज बॉम्बे हाई कोर्ट में एक धमकी भरा मेल मिला। पूरी जांच की गई और कुछ भी नहीं मिला। यह एक फर्जी मेल निकला। सामान्य अदालत का कामकाज फिर से शुरू हो गया है।”

ये भी पढ़ें  Breaking News: बंबई उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला, 'नाबालिग पत्नी के साथ बिना सहमति के यौन संबंध बनाना बलात्कार'

पुलिस का बयान: दोनों धमकियाँ झूठी, जांच जारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों ईमेल एक ही दिन और कुछ घंटों के अंतराल पर भेजे गए थे, जो एक समन्वित साजिश की ओर इशारा करता है। हालांकि दोनों शहरों की पुलिस ने धमकियों को फर्जी घोषित किया है, फिर भी वे इन ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि इन ईमेल को किसी विदेशी सर्वर के माध्यम से भेजा गया था ताकि उनकी पहचान को छिपाया जा सके। यह घटना देश की प्रमुख न्यायिक संस्थाओं की सुरक्षा पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती पेश करती है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button