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छत्तीसगढ़ मौसम समाचार: रायपुर में आंशिक बादल और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना, जानिए बस्तर से सरगुजा तक के जिलों का हाल
छत्तीसगढ़ में मानसून के अंतिम चरण के बीच मौसम तंत्र में आंशिक बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने राजधानी समेत प्रदेश के कई संभागों में हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। कृषि कार्यों और दैनिक दिनचर्या को सुचारू रखने के लिए नागरिकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

रायपुर, 29 सितंबर 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग के रायपुर स्थित मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की विदाई पूर्व गतिविधियों का असर बना हुआ है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में जहां बादलों की आवाजाही के बीच उमस का प्रभाव रहेगा, वहीं दक्षिणी संभाग बस्तर के जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और स्थानीय चक्रीय परिसंचरण के प्रभाव से वातावरण में नमी का स्तर बढ़ा हुआ है। इसके परिणामस्वरूप दोपहर बाद और शाम के समय स्थानीय स्तर पर संवहनीय बादल बनने से हल्की से मध्यम वर्षा और मेघगर्जन के आसार हैं।
कृषि, फसलों और सब्जी-अनाज के दामों पर मौसम का प्रभाव
फसलों और कृषि पर असर
- छत्तीसगढ़ के प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्रों में खरीफ की फसल वर्तमान में बालियां निकलने और दाना भराव की महत्वपूर्ण अवस्था में प्रवेश कर रही है।
- ऐसे समय में हल्की बौछारें फसल के लिए लाभकारी हैं, लेकिन खेतों में अत्यधिक जलभराव से तना छेदक और शीथ ब्लाइट जैसी फंगल बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।
- कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम रखें और कीटनाशक या उर्वरकों का छिड़काव मौसम पूरी तरह साफ होने पर ही करें।
- दलहन और तिलहन की फसलों में जलजमाव न होने दें ताकि जड़ों के सड़ने की समस्या से बचाव हो सके।
सब्जी और अनाज के दामों की स्थिति
- लगातार हो रही स्थानीय वर्षा और उमस भरे मौसम के कारण हरी सब्जियों की तुड़ाई और परिवहन व्यवस्था आंशिक रूप से प्रभावित हुई है।
- रायपुर के शास्त्री बाजार और डुमरतराई थोक मंडी में हरी मिर्च, धनिया, टमाटर और पत्तेदार सब्जियों की आवक में लगभग 15 से 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
- स्थानीय मंडियों में आपूर्ति घटने के चलते परवल, गोभी और भिंडी के खुदरा भाव में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा रही है।
- अनाज मंडियों में धान, सोयाबीन और मक्का की आवक सामान्य बनी हुई है, हालांकि खुले शेड में रखे अनाजों को तिरपाल से ढकने के सख्त निर्देश व्यापारियों को दिए गए हैं ताकि नमी से अनाज की गुणवत्ता खराब न हो।
रायपुर शहर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान
राजधानी रायपुर और आसपास के उपनगरीय इलाकों के लिए मौसम विभाग ने विस्तृत दैनिक आंकड़ा जारी किया है, जो इस प्रकार है:
- अधिकतम तापमान: लगभग 32.5 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
- न्यूनतम तापमान: लगभग 24.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।
- सूर्योदय का समय: प्रातः 05:48 बजे।
- सूर्यास्त का समय: सायं 17:51 बजे।
- हवा की गति और दिशा: दक्षिण-पश्चिमी दिशा से 8 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी।
- वर्षा का समय, संभावना और तीव्रता: दोपहर बाद या शाम के समय गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की 40 से 50 प्रतिशत संभावना है, जो अल्पकालिक लेकिन मध्यम तीव्रता की हो सकती हैं।
- आर्द्रता का स्तर: सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता लगभग 88 प्रतिशत और शाम तक 68 से 72 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ के विभिन्न अलर्ट वाले जिलों की स्थिति
मौसम केंद्र रायपुर द्वारा आगामी 24 घंटों के लिए राज्य के जिलों को सतर्कता की दृष्टि से वर्गीकृत किया गया है:
रेड अलर्ट (Red Alert)
- वर्तमान स्थिति के अनुसार राज्य के किसी भी जिले के लिए रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है। भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका से फिलहाल राहत है।
ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert)
- आज किसी भी जिले में अत्यधिक प्रतिकूल स्थिति के लिए ऑरेंज अलर्ट नहीं है। मौसम प्रणाली सामान्य से मध्यम तीव्रता की श्रेणी में बनी हुई है।
येलो अलर्ट (Yellow Alert)
- बस्तर संभाग के जिलों बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और कोंडागांव में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और मध्यम वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
- मध्य छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद जिलों में भी कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की चेतावनी दर्ज की गई है।
- बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कुछ छिटपुट इलाकों में दोपहर बाद अल्पकालिक वर्षा का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग द्वारा आम जनता के लिए जारी दिशानिर्देश व सुझाव
- मेघगर्जन अथवा आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, खेतों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें।
- घर के भीतर रहने के दौरान बिजली के संवेदनशील उपकरणों टीवी, कंप्यूटर और फ्रिज के प्लग सॉकेट से निकाल दें।
- किसान भाई दोपहर बाद मौसम बिगड़ने की स्थिति में खेतों में लोहे के औजार लेकर काम करने से बचें और पक्के आश्रय में जाएं।
- दोपहिया वाहन चालक जलजमाव वाले रास्तों और फिसलन भरी सड़कों पर गति नियंत्रित रखें तथा सुरक्षित दूरी बनाकर चलें।
- मौसमी बदलाव और उमस के कारण वायरल संक्रमण तथा जलजनित बीमारियों से बचने के लिए उबला हुआ पानी पिएं और बासी भोजन से परहेज करें।
मौसम पूर्वानुमान अधिकृत विभाग – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), प्रादेशिक मौसम केंद्र, लालपुर, रायपुर, छत्तीसगढ़।



