‘बेचेंगे महंगा, खरीदेंगे सस्ता’: कन्हैया अग्रवाल का भाजपा सरकार पर वार, कहा-सोलर उपभोक्ताओं के साथ हो रही खुली ठगी
सरकार खुद 6 में बेच रही बिजली, लेकिन सोलर उपभोक्ताओं से 1.94 में खरीदने का फैसला अन्यायपूर्ण।

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर सोलर उपभोक्ताओं के साथ “ठगी और अन्याय” करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार के दोहरे मापदंडों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार “बेचेंगे महंगा और खरीदेंगे सस्ता” की जनविरोधी नीति अपनाकर आम जनता और पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिकों का शोषण कर रही है।
कन्हैयालाल अग्रवाल ने एक बयान जारी कर कहा कि आज पूरा प्रदेश अघोषित बिजली कटौती से बेहाल है और जनता पर लगातार बिजली दरों में बढ़ोतरी का बोझ डाला जा रहा है। ऐसी स्थिति में, जो जागरूक नागरिक अपने खर्च पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन में सरकार का हाथ बंटा रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित करने के बजाय हतोत्साहित किया जा रहा है। यह पूरी तरह से तर्कहीन और साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।
कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार के इस फैसले पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ एक तरफ सरकार आम उपभोक्ताओं को खुद औसतन 6.00 प्रति यूनिट की महंगी दर पर बिजली बेच रही है, वहीं दूसरी तरफ ग्रिड को बिजली देने वाले सोलर उत्पादकों के साथ खुली धोखाधड़ी की जा रही है। सरकार सोलर उपभोक्ताओं से बिजली खरीदने की पुरानी दर 2.50 प्रति यूनिट को घटाकर अब मात्र 1.94 प्रति यूनिट करने जा रही है, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि सरकार आम उपभोक्ताओं को खुद औसतन 6 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली बेच रही है। इसके विपरीत, सोलर के माध्यम से ग्रिड को बिजली देने वाले उपभोक्ताओं की खरीदी दर को ढाई रुपए से घटाकर मात्र 1.94 रुपए प्रति यूनिट किया जा रहा है। यह फैसला सोलर उत्पादकों के साथ खुली धोखाधड़ी है।
कन्हैया अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि सरकार के इस कॉरपोरेट-परस्त निर्णय से भविष्य में लोग सोलर पैनल लगाने से कतराएंगे, जिससे छत्तीसगढ़ का ग्रीन एनर्जी मिशन पूरी तरह ठप हो जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार अपने ही केंद्रीय नेतृत्व के सौर ऊर्जा दावों और भावनाओं के विपरीत काम कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री ने मांग की है कि इस जनविरोधी फैसले को सरकार तत्काल वापस ले। बढ़ती महंगाई को देखते हुए सोलर बिजली की खरीदी दरों को घटाने के बजाय और बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने पुरानी दरों (2.50 प्रति यूनिट) को बहाल कर राहत नहीं दी, तो कांग्रेस पार्टी सोलर उपभोक्ताओं के हक के लिए सड़क पर उतरकर आवाज बुलंद करेगी।



