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रिश्वतखोर रीडर गिरफ्तार: फरसगांव तहसील में ACB की बड़ी कार्रवाई

फरसगांव तहसील कार्यालय में मंगलवार को एंटी करप्शन ब्यूरो ने तहसीलदार के रीडर को तीसरी किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते रंगेहाथ पकड़ा। आरोपी ने नामांतरण प्रकरण में कुल 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।







रायपुर, 01 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मंगलवार को फरसगांव तहसील कार्यालय में तहसीलदार के रीडर मुकेश रंगारी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से पूरे तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

शिकायत और ट्रैप की योजना

ग्राम पाटला निवासी बिस्सूलाल नेताम ने ACB को शिकायत दी थी कि नामांतरण प्रकरण में उसके पिता और बुआ का नाम दर्ज करने के एवज में रीडर ने 70 हजार रुपये की मांग की है।

  • शिकायतकर्ता पहले ही दो किश्तों में 15 हजार और 20 हजार रुपये (कुल 35 हजार रुपये) दे चुका था।
  • तीसरी किश्त के रूप में 10 हजार रुपये देने की योजना थी।
  • ACB ने शिकायत की सत्यता जांची और ट्रैप की योजना बनाई।

महत्वपूर्ण: मंगलवार को जैसे ही आरोपी ने तीसरी किश्त ली, ACB की टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।


कार्रवाई के बाद की स्थिति

  • आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
  • रिश्वत की राशि जब्त कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई।
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
  • ACB के डीएसपी चंद्रशेखर ध्रुव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। हालांकि, जांच जारी है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

न्यायिक प्रक्रिया

ACB ने आरोपी को विशेष न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी की है। न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।


भ्रष्टाचार पर नकेल

यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक तंत्र में फैले भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

  • आम नागरिकों के लिए यह संदेश है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत ACB को करें।
  • ACB की त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख अपनाए हुए है।

स्थानीय प्रतिक्रिया

फरसगांव तहसील कार्यालय में इस कार्रवाई के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि नामांतरण जैसे सामान्य कार्यों के लिए रिश्वत मांगना आम बात हो गई थी। ACB की इस कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि भविष्य में ऐसे मामलों में कमी आएगी।


विस्तृत पृष्ठभूमि और महत्व

छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में ACB ने कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयाँ की हैं।

  • वर्ष 2025 में रायपुर और बिलासपुर में भी इसी तरह की कार्रवाई हुई थी, जहाँ राजस्व विभाग के कर्मचारियों को रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयाँ प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए आवश्यक हैं।
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को कठोर सजा का प्रावधान है, जिसमें कारावास और जुर्माना दोनों शामिल हैं।

निष्कर्ष

यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचारियों के लिए चेतावनी है बल्कि आम जनता के लिए भी एक भरोसा है कि न्याय मिलेगा।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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