रायपुर स्काईवॉक भाजपा के भ्रष्टाचार का स्मारक, केंद्रीय जेल की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा: धनंजय सिंह ठाकुर
जेल परिसर की तरफ बनी सीढ़ियों से दिख रही हैं भीतर की गतिविधियां, सुरक्षा भगवान भरोसे, लोकनिर्माण मंत्री अरुण साव से हस्तक्षेप की मांग।

रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में निर्माणाधीन स्काईवॉक को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने साय सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए स्काईवॉक को शहर के लिए पूरी तरह अनुपयोगी और केंद्रीय जेल की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्काईवॉक कुछ और नहीं, बल्कि भाजपा के भ्रष्टाचार का एक जीता-जागता ‘स्मारक’ है।
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि स्काईवॉक के लिए जेल परिसर की तरफ जो सीढ़ियां बनाई जा रही हैं, उन पर चढ़ने से जेल के भीतर की तमाम गतिविधियां सीधे तौर पर नजर आती हैं। यह संवेदनशील केंद्रीय जेल की सुरक्षा व्यवस्था के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है। शहर के प्रबुद्ध नागरिक और कांग्रेस शुरू से ही इस अव्यावहारिक परियोजना का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
कांग्रेस ने स्काईवॉक की तकनीकी खामियों और गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने से पहले इसका कोई भौतिक सत्यापन (Physical Verification) नहीं किया गया। वर्तमान में स्काईवॉक के अधिकांश स्टील गर्डर, प्लेट्स, सीढ़ियां और नट-बोल्ट जंग खा चुके हैं। ऐसे जंग लगे कबाड़ से हो रहे निर्माण के बाद इसकी मजबूती और राहगीरों की सुरक्षा पूरी तरह संदेहास्पद है।
कांग्रेस प्रवक्ता ठाकुर ने कहा कि खुद कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी इस स्काईवॉक के खिलाफ हैं। इसके बावजूद, सिर्फ भाजपा के एक स्थानीय विधायक की जिद को पूरा करने के लिए जनता के सारे विरोध को दरकिनार कर दिया गया है। करोड़ों रुपये का यह प्रोजेक्ट जनता की गाढ़ी कमाई से मिले टैक्स की खुली बर्बादी है। जीई रोड (GE Road) पर जिस तेजी से वाहनों का दबाव बढ़ रहा है, उसे देखते हुए स्काईवॉक आने वाले समय में ट्रैफिक जाम की स्थिति को और अधिक विकराल बनाएगा।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने लोकनिर्माण मंत्री अरुण साव से इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए मांग की है कि स्काईवॉक के इस अनुपयोगी निर्माण पर तुरंत रोक लगाई जाए और किसी विधायक की व्यक्तिगत जिद को किनारे रखकर जनहित में फैसला लिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए स्काईवॉक की जगह एक बेहतर फ्लाईओवर (Flyover) की योजना बनाई जानी चाहिए, ताकि आने वाले कई दशकों तक रायपुर की जनता को ट्रैफिक जाम की समस्या से स्थायी मुक्ति मिल सके।


