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रायपुर में विधायक धर्मलाल कौशिक से सरेआम लूट पर भड़की कांग्रेस,बोली-अमित शाह शहर में और गृहमंत्री के मुंह पर करारा तमाचा

सुशील आनंद शुक्ला का आरोप- राजधानी में रोजाना हो रही हत्याएं, पुलिस अपराध रोकने के बजाय वसूली में व्यस्त, दर्ज नहीं हो रहीं FIR।







रायपुर । प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की कानून-व्यवस्था और छत्तीसगढ़ में गहराए पेट्रोल-डीजल संकट को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को राजीव भवन में आयोजित एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला और प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गेदू ने सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए तीखे सवाल दागे।

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने राजधानी रायपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के साथ हुई लूट की घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।

​शुक्ला ने कहा कि आज सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान सरेआम लुटेरे धरमलाल कौशिक का मोबाइल छीनकर भाग गए। यह घटना तब हुई जब देश के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अमित शाह राजधानी में मौजूद हैं और पूरा शहर हाई अलर्ट पर है। यह रायपुर पुलिस कमिश्नरी और सूबे के गृहमंत्री के गाल पर करारा तमाचा है।

​कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रायपुर में कानून-व्यवस्था सुधारने के नाम पर कमिश्नरी प्रणाली लागू की गई, जिसमें कई बड़े आईपीएस अधिकारी तैनात किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर अमला वही है। पुलिस का ध्यान अपराध नियंत्रण से हटकर केवल ट्रैफिक और वसूली पर केंद्रित हो गया है। शुक्ला ने दावा किया कि राजधानी में हत्या, चाकूबाजी और बलात्कार आम हो चुके हैं, खरोरा रोड में हुई 1 करोड़ की लूट के आरोपी अब भी फरार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आंकड़ों को छुपाने के लिए पीड़ितों की एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे इस नाकामी की जिम्मेदारी तय करते हुए गृहमंत्री को तुरंत बर्खास्त करें।

पेट्रोल-डीजल संकट ‘मोदी निर्मित आपदा’, बस्तर के लिए मांगेंगे पैकेज: मलकीत सिंह गेदू

पत्रकार वार्ता के दूसरे हिस्से में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गेदू ने राज्य में चल रहे पेट्रोल-डीजल के गंभीर संकट पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा।

​गेदू ने कहा कि इस समय पूरा प्रदेश ईंधन की भारी किल्लत से जूझ रहा है। डिपो में पैसा जमा होने के बाद भी पंपों को डीजल नहीं मिल रहा है, जिससे जनता के बीच अराजकता और मारपीट की स्थिति निर्मित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ जनता कतारों में खड़ी है, वहीं दूसरी तरफ अमित शाह के बस्तर दौरे के लिए वहां के पेट्रोल पंपों पर 5,000 लीटर डीजल रिजर्व रखने का तानाशाही आदेश दिया गया है।

गेदू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल बचाने, खाद्य तेल का उपयोग कम करने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने की अपील के बाद देश में डर का माहौल बना है, जिससे यह कृत्रिम संकट खड़ा हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री खुद वर्क फ्रॉम होम की बात कर रहे हैं, तो अमित शाह चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ करोड़ों रुपये खर्च कर मध्य क्षेत्र परिषद की ‘भौतिक’ बैठक क्यों ले रहे हैं? इसे वर्चुअल भी किया जा सकता था।

​कांग्रेस नेताओं ने बताया कि बस्तर के हितों की रक्षा, वहां के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग और बस्तर की खनिज संपदा की बंदरबांट को रोकने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अमित शाह से मिलने का समय मांगा है।

इस महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता में संयुक्त महामंत्री अशोक राज आहूजा, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा, प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह, अजय गंगवानी और ऋषभ चंद्राकर सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी पदाधिकारी उपस्थित थे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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