रायपुर में ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ पर बड़ी कार्रवाई: अब तक 2978 नशेड़ी चालकों पर कसा शिकंजा, एक ही रात में धरे गए 63
एसीपी सतीष ठाकुर के नेतृत्व में चला अभियान, पुलिस ने कहा- कार्रवाई का मकसद जुर्माना नहीं, जान-माल की रक्षा करना है।


रायपुर। रायपुर शहर में सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ (शराब पीकर वाहन चलाने वालों) के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर और प्रभारी पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) के निर्देश पर की जा रही इस सख्त कार्रवाई के तहत इस साल अब तक कुल 2,978 नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है।
इसी अभियान के तहत बीते शनिवार (16 मई) की रात रायपुर पुलिस ने शहर में एक और बड़ा चेकिंग अभियान चलाया। एसीपी (यातायात) सतीष ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीमों ने शहर के 9 प्रमुख स्थानों—तेलीबांधा चौक, पचपेड़ी नाका चौक, भट्ठागांव चौक, टाटीबंध चौक, कालीबाड़ी चौक, जय स्तंभ चौक, भनपुरी चौक और पंडरी थाना के सामने मोबाइल चेकिंग पॉइंट लगाए।
शनिवार रात की गई इस औचक चेकिंग के दौरान कुल 63 वाहन चालकों को शराब के नशे में धुत होकर गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया। पकड़े गए वाहनों में 41 कार, 10 मोटरसाइकिल, 7 टाटा एस (छोटा हाथी), 2 मेटाडोर और 3 ट्रक शामिल हैं। मोटर वाहन अधिनियम 1988 के प्रावधानों के तहत इन सभी के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई है और मामले को आगामी कार्रवाई के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का उद्देश्य कोई लक्ष्य (टार्गेट) पूरा करना नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, जान-माल की रक्षा करना और सड़कों पर अनुशासन लाना है। पुलिस के मुताबिक, शराब पीकर वाहन चलाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह चालक और सड़क पर चलने वाले अन्य निर्दोष लोगों के जीवन के लिए भी एक गंभीर खतरा है।
यातायात पुलिस रायपुर ने शहर के सभी नागरिकों और वाहन चालकों से जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की है। पुलिस ने निम्नलिखित नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने का आग्रह किया है:
- शराब पीकर वाहन बिल्कुल न चलाएं।
- वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
- ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करने से बचें।
- निर्धारित गति सीमा (Speed Limit) के भीतर ही वाहन चलाएं।
- ट्रैफिक सिग्नल और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
- नाबालिगों (Minors) को किसी भी परिस्थिति में वाहन न सौंपें।
यातायात पुलिस ने चेतावनी दी है कि शहर में सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार यातायात संस्कृति विकसित करने के लिए इस तरह के विशेष चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।



