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सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की आड़ में सट्टे का साम्राज्य: रायपुर पुलिस ने मास्टरमाइंड बाबू खेमानी समेत 7 को दबोचा, BMW और करोड़ों का हिसाब जप्त

मुंबई और गोवा में रायपुर ACCU की संयुक्त रेड; 3Stumps और रेड्डी ग्रुप जैसे बड़े सट्टा पैनल का संचालन करने वाला गिरोह बेनकाब।





रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट (ACCU) ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। पुलिस ने मुंबई और गोवा में एक साथ छापेमारी कर गिरोह के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी सहित 7 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस गिरोह के तार 4 राज्यों से जुड़े थे और यह सोशल मीडिया की आड़ में करोड़ों रुपये का अवैध सट्टा संचालित कर रहा था।

पुलिस उपायुक्त (क्राईम एवं साईबर) स्मृतिक राजनाला की मॉनिटरिंग में हुई इस कार्यवाही में खुलासा हुआ कि आरोपी बाबू खेमानी अपनी सोशल मीडिया फैन फॉलोइंग का उपयोग कर हाई-प्रोफाइल ग्राहकों को सट्टे की लत लगाता था। वह अपने भाई करण खेमानी के साथ मिलकर 3Stumps, रेड्डी ग्रुप, और बजरंग ग्रुप जैसे नामी सट्टा पैनल चला रहा था। पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 27 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

रायपुर पुलिस की विशेष टीम ने इनपुट मिलने के बाद मुंबई और गोवा में एक साथ जाल बिछाया। मुंबई से बाबू खेमानी, रोहित सिंह और विशाल कश्यप को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से लग्जरी BMW कार जप्त की गई। वहीं, गोवा में संचालित हो रहे मुख्य पैनल को ध्वस्त करते हुए वहाँ से 4 अन्य आरोपियों को दबोचा गया। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, एटीएम कार्ड्स और सट्टे के हिसाब-किताब की डायरियां बरामद हुई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है।

जांच में सामने आया है कि आरोपी रकम के लेन-देन के लिए गरीब लोगों और छात्रों के बैंक खाते (म्यूल एकाउंट्स) किराये पर लेते थे। बाबू खेमानी के दुबई और थाईलैंड जैसे देशों के कनेक्शन भी सामने आए हैं। पुलिस अब उन बैंक खाताधारकों और सट्टे की वसूली में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

वर्ष 2026 में रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद यह एक मील का पत्थर है। रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव कुमार शुक्ला के निर्देशानुसार अब तक 11 मामलों में 64 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है और लगभग 2.96 करोड़ रुपये की संपत्ति जप्त की गई है।

पुलिस ने गिरोह के कब्जे से हाई-प्रोफाइल जीवनशैली का प्रतीक 01 आलीशान बी.एम.डब्ल्यू. कार सहित सट्टा संचालन में प्रयुक्त 03 लैपटॉप, 18 आधुनिक मोबाइल फोन और कनेक्टिविटी के लिए उपयोग होने वाले राउटर बरामद किए हैं। वित्तीय जांच के दौरान पुलिस को 10 एटीएम कार्ड और खातों में हुए करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड मिला है ।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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